लालू बोले- सृजन घोटाले की हो CBI जांच, बचने के लिए BJP की शरण में चले गए नीतीश
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भ्रष्टाचार के आरोपों को झेल रहे बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने सीएम नीतीश कुमार पर निशाना साधा है। लालू, अपने बेटे तेजस्वी की भागलपुर में रैली रद्द होने से खासे नाराज है, जिसके बाद उन्होंने नीतीश पर 700 करोड़ के घोटाले का आरोप लगाया है।
लालू ने नीतीश पर सृजन घोटाला करने का आरोप लगाते हुए कहा कि महिलाओं के लिए 1996 में शुरू सृजन एनजीओ के जरिए करीब 700 करोड़ रुपये की हेरफेर हुई है। लालू का आरोप है कि 100 फीसदी घोटाला हुआ है और अगर पोल खुली तो नीतीश-मोदी की सरकार गिर जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि मामले की जांच की जानी चाहिए क्योंकि नीतीश कुमार किसी दूसरी दुनिया के प्राणी नहीं हैं जो घोटाला नहीं कर सकते।
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लालू ने नीतीश को उस वक्त घेरा जब उनके बेटे तेजस्वी के सभा स्थल पर बिहार सरकार की ओर से धारा 144 लगा दी गई। लालू ने ट्वीट करके कहा कि नीतीश ने धारा 144 लगाकर साबित कर दिया कि वे सृजन घोटाले में मिले हुए हैं।
बताया जा रहा है कि 3 अगस्त को 10 करोड़ के सरकारी चेक बाउंस होने से मामला सामने आया। महिलाओं को काम देने वाले एनजीओ को सरकार की ओर से पैसा मिलता था। ये पैसा सीधे बैंक से एनजीओ के खाते में आ जाता था।नीतीश ने रात्रि के अंधेरे में अचानक सबौर मे @yadavtejashwi के सभा स्थल पर धारा-144 लगवाकर साबित कर दिया कि सृजन घोटाले मे इनकी संलिप्तता है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) August 17, 2017
मास्टरमाइंड मनोरमा देवी रही हैं!
इस पूरे मसले की मास्टरमाइंड मनोरमा देवी रही हैं, जिनके बेटे अमित कुमार और बीजेपी के नेता विपिन शर्मा पर धांधली का आरोप लगा है। इस बात की पुष्टि इस बात से भी हुई जब दोनों ने बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे की जमीन पर बने मॉल में बनी दुकानों की बुकिंग कराई।
ये बात खुद दुबे ने कबूली है कि उन्होंने दुकानों के लिए 13 लाख रुपये भी दिए। विवाद उठने के बाद से ही विपिन फरार चल रहे हैं और पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही है। वहीं मामले में अपना नाम आने पर बीजेपी सांसद ने नाराजगी जताई है।
दरअसल, मनोरमा देवी ने लोगों को पैसा दिया हुआ था और उन्होंने इन्ही पैसों की वापसी से बैंकों में भुगतान भी किया। मनोरमा देवी से जुड़े हुए विपिन ने उनकी मौत के बाद पैसा देने से इनकार कर दिया, जिसके बाद बेटे अमित कुमार और उसमें विवाद उठ गया। इसके बाद जब अमित पैसे देने की हालत में नहीं था तो बैंक के पास चेक बाउंस करने को लाचार हो गया।