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Malmas Fair : राजगीर का मलमास मेला दो दिन बाद शुरू, पर्यटन विभाग ने की हैं ऐसी व्यवस्थाएं
Sun, 16 Jul 2023 11:48 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Sun, 16 Jul 2023 11:48 AM IST
सार
Malmas Fair : पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं। श्रद्धालुओं के रहने के साथ अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है, ताकि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो।
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राजगीर में शुरू होने वाले मलमास मेला की तैयारियां पूरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
राजगीर में शुरू होने वाले मलमास मेला की तैयारियां अब अंतिम चरण में हैं। यह मेला 18 जुलाई से शुरू होकर 16 अगस्त तक चलेगी। भारतीय पंचांग के अनुसार प्रत्येक तीसरा साल तेरह महीनों का होता है, जिसे अधिमास या मलमास भी कहते हैं।
इस तरह की गई हैं व्यवस्थाएं
पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन, नालंदा के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लगभग सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। राजगीर में श्रद्धालुओं के रहने के साथ सभी अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो। राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 बेड युक्त जर्मन हैंगर विधि से निर्मित टेंट सिटी में आवासन की व्यवस्था की गयी है, जहां 100 चेंजिंग रूम व बाथरूम के साथ 120 पुरुष व महिला शौचालय व पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर में 1000 श्रद्धालुओं के लिए जर्मन हैंगर विधि से निर्मित टेंट सिटी में रहने की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं के लिए 50 चेंजिंग रूम और बाथरूम के साथ साथ 60 पुरुष व महिला शौचालय व पेयजल की सुविधा रहेगी।
कंट्रोल रूम के साथ यह व्यवस्था भी
राजगीर की सभी टेंट सिटी में कंट्रोल रूम, हेल्थ कैंप व सस्ती रोटी की सुविधा कराई गई है। बिहार पर्यटन के मोबाइल एप पर सभी आवश्यक सूचनाएं, मोबाइल नंबर और सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। पर्यटक सूचना केंद्रों में भी श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारियां मिलेगी। वहां ब्रॉशर मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मलमास मेला क्षेत्र की तैयारियों को लेकर दो बार निरीक्षण किया है। उन्होंने मेला में सुविधाओं से संबंधित सभी विभागों को विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किया है।
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इस तरह की गई हैं व्यवस्थाएं
पर्यटन विभाग एवं जिला प्रशासन, नालंदा के द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए लगभग सारी व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। राजगीर में श्रद्धालुओं के रहने के साथ सभी अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की गयी है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो। राजगीर आने वाले श्रद्धालुओं को स्टेट गेस्ट हाउस के पास 2000 बेड युक्त जर्मन हैंगर विधि से निर्मित टेंट सिटी में आवासन की व्यवस्था की गयी है, जहां 100 चेंजिंग रूम व बाथरूम के साथ 120 पुरुष व महिला शौचालय व पेयजल की सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। राजगीर रेलवे स्टेशन परिसर में 1000 श्रद्धालुओं के लिए जर्मन हैंगर विधि से निर्मित टेंट सिटी में रहने की व्यवस्था की गई है।श्रद्धालुओं के लिए 50 चेंजिंग रूम और बाथरूम के साथ साथ 60 पुरुष व महिला शौचालय व पेयजल की सुविधा रहेगी।
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कंट्रोल रूम के साथ यह व्यवस्था भी
राजगीर की सभी टेंट सिटी में कंट्रोल रूम, हेल्थ कैंप व सस्ती रोटी की सुविधा कराई गई है। बिहार पर्यटन के मोबाइल एप पर सभी आवश्यक सूचनाएं, मोबाइल नंबर और सुविधाओं की जानकारी मिलेगी। पर्यटक सूचना केंद्रों में भी श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारियां मिलेगी। वहां ब्रॉशर मुफ्त में उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मलमास मेला क्षेत्र की तैयारियों को लेकर दो बार निरीक्षण किया है। उन्होंने मेला में सुविधाओं से संबंधित सभी विभागों को विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किया है।
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महिला पुरुषों के लिए अलग अलग हैं व्यवस्थाएं
- फोटो : अमर उजाला
लाखों श्रद्धालु आते हैं पूजा-पाठ करने
पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि मलमास मेला सांस्कृतिक एवं धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मेला है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग राजगीर आते हैं। इस मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर पूजा-पाठ के पश्चात प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ मेला का आनंद उठाते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं नालंदा जिला प्रशासन ने इस मेला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं के आवासन के साथ सभी अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर संपूर्ण राजगीर में व्यवस्था की गयी है, ताकि सभी श्रद्धालु राजगीर आकर एक बेहतर अनुभव लेकर जाएं।
इसलिए यह जगह है महत्वपूर्ण
पौराणिक मान्यता है कि यह मास धार्मिक कार्य हेतु बहुत ही पवित्र होता है और हिन्दुओं के सभी देवी-देवता इस अधिमास में राजगीर में ही निवास व विचरण करते हैं। 33 करोड़ देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु एवं वांछित फलों के प्राप्ति हेतु साधु-संत व तीर्थ यात्री पूरे मास यहां प्रवास करते हैं। मलमास मेला के दौरान राजगीर में अवस्थित 22 कुण्ड एवं 52 धाराओं में श्रद्धालुगण स्नान करते हैं। इस अवसर पर यहां प्राचीन काल से ही मेले को आयोजन किया जाता रहा है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिले और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो, इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मलमास मेला क्षेत्र का दो बार निरीक्षण कर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किया है। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है, जब श्रद्धालु राजगीर मलमास मेला में आएं तो राजगीर व आसपास के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करें।
पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने बताया कि मलमास मेला सांस्कृतिक एवं धार्मिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण मेला है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोग राजगीर आते हैं। इस मेले में लाखों की संख्या में श्रद्धालु आकर पूजा-पाठ के पश्चात प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ मेला का आनंद उठाते हैं। उन्होंने बताया कि पर्यटन विभाग, बिहार सरकार एवं नालंदा जिला प्रशासन ने इस मेला में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। श्रद्धालुओं के आवासन के साथ सभी अन्य बुनियादी सुविधाओं को लेकर संपूर्ण राजगीर में व्यवस्था की गयी है, ताकि सभी श्रद्धालु राजगीर आकर एक बेहतर अनुभव लेकर जाएं।
इसलिए यह जगह है महत्वपूर्ण
पौराणिक मान्यता है कि यह मास धार्मिक कार्य हेतु बहुत ही पवित्र होता है और हिन्दुओं के सभी देवी-देवता इस अधिमास में राजगीर में ही निवास व विचरण करते हैं। 33 करोड़ देवी-देवताओं को प्रसन्न करने हेतु एवं वांछित फलों के प्राप्ति हेतु साधु-संत व तीर्थ यात्री पूरे मास यहां प्रवास करते हैं। मलमास मेला के दौरान राजगीर में अवस्थित 22 कुण्ड एवं 52 धाराओं में श्रद्धालुगण स्नान करते हैं। इस अवसर पर यहां प्राचीन काल से ही मेले को आयोजन किया जाता रहा है। श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिले और उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं हो, इसे लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मलमास मेला क्षेत्र का दो बार निरीक्षण कर सभी संबंधित विभागों को विस्तृत दिशानिर्देश भी जारी किया है। निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है, जब श्रद्धालु राजगीर मलमास मेला में आएं तो राजगीर व आसपास के पर्यटन स्थलों का भी भ्रमण करें।