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सृजन घोटाले के मुख्य आरोपी की संपत्ति आज जब्त होगी
Thu, 10 Dec 2020 02:38 AM IST
Jeet Kumar
अमर उजाला ब्यूरो, पटना।
अमर उजाला ब्यूरो, पटना।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 10 Dec 2020 02:38 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
बिहार के बहुचर्चित सृजन घोटाले के मुख्य आरोपी अमित कुमार और रजनी प्रिया की संपत्ति 10 दिसंबर से जब्त की जाएगी। ये दोनों सृजन संस्थापक मनोरमा देवी के बेटे और बहू हैं। भागलपुर सहित कई जगहों पर अमित और प्रिया की कई संपत्ति है। जिसे जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। हालांकि इस मामले में दोनों फरार चल रहे हैं। इस मामले में सदर एसडीओ ने तीन सीओ को अधिकृत किया है।
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क्या है सृजन घोटाला
16 सौ करोड़ रुपये से अधिक सरकारी राशि के अवैध हस्तांतरण से जुड़ा यह घोटाला एक एनजीओ, नेताओं, सरकारी विभागों और अधिकारियों के गठजोड़ का परिणाम है। इसमें शहरी विकास के लिए भेजे गए पैसे को गैर-सरकारी संगठन के एकाउंट में पहुंचाया गया। वहां से बंदरबांट हुई।
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मनोरमा देवी ने 1993-94 में ‘सृजन महिला विकास सहयोग समिति’ शुरू की थी। 1996 में सृजन को सहकारिता विभाग में को-ऑपरेटिव सोसाइटी के रूप में मान्यता मिली थी। को-ऑपरेटिव सोसाइटी के रूप में सदस्य महिलाओं के पैसे जमा भी किए जाते थे । इस जमा पैसे पर उन्हें ब्याज दिया जाता था। 2007-2008 में सृजन को-ऑपरेटिव बैंक खुल गया।
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इसके बाद घोटाले का खेल शुरू हुआ। भागलपुर सरकारी खजाने का पैसा सृजन को-ऑपरेटिव बैंक के खाते में ट्रांसफर होता था। फिर इस पैसे को बाजार में लगाया जाता था। सृजन में स्वयं सहायता समूह के नाम पर कई फर्जी ग्रुप बने। उनके खाते खुले और इन खातों के माध्यम से नेताओं और अधिकारियों का काला धन सफेद किया जाने लगा।