महागठबंधन की सीटों पर सहमति ने बढ़ाई भाजपा की बेचैनी
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राजद, जदयू, कांग्रेस महागठबंधन में सीटों पर सहमति बन जाने के बाद अब भाजपा के सहयोगियों ने बेचैनी बढ़ रही है। लोजपा संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात कर सीटों का फार्मूला जल्द तय करने की मांग की।
रालोसपा के मुखिया और केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा करीब एक महीने से सीटों का बंटवारा करने की मांग कर रहे हैं। भाजपा नेतृत्व की मुश्किल यह है कि पासवान ने शाह को लोजपा के बागी नेताओं को किसी कीमत पर टिकट न देने के लिए आगाह किया है।
उल्लेखनीय है कि लोजपा से बगावत कर करीब आधा दर्जन विधायकों ने जदयू को दामन थामने के बाद पूर्व सीएम जीतन राम मांझी के साथ आ गए हैं।
माह के आखिरी तक निकलेगा हल
भाजपा सूत्रों का कहना है कि सीटों का फार्मूला इसी महीने के अंतिम हफ्ते
तक निकाल लिया जाएगा। चुनाव की महत्ता को देखते हुए पार्टी ने अपने
सहयोगियों को किसी भी कीमत पर नाराज न करने की रणनीति बनाई है।
ऐसे में
माना जा रहा है कि भाजपा अपने सहयोगी तीन दलों को 70 सीटें दे सकती है।
हालांकि इस समय रालोसपा और मांझी 50-50 सीटें मांग रहे हैं।
चिराग की
बिहार के प्रभारी भूपेंद्र यादव की उपस्थिति में शाह के साथ हुई बैठक में
चुनाव प्रचार की रणनीति और सीटों के बंटवारे पर बातचीत हुई। इस दौरान चिराग
ने सीटों पर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
मांझी से होगी शाह की मुलाकात
चिराग का कहना
था कि चूंकि बिहार चुनावी मोड में आ चुका है, इसलिए सीटों का बंटवारा कर
राजग को पूरी ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतर जाना चाहिए।
रालोसपा प्रमुख
जून महीने से ही सीटों का बंटवारा जल्द से जल्द करने की मांग कर रहे हैं।
भाजपा सूत्रों ने बताया कि अब इस क्रम में शाह जल्द ही कुशवाहा और मांझी से
मुलाकात करेंगे।
इसके बाद सभी सहयोगियों के साथ एक साथ चर्चा कर सीटों का
फार्मूला तय कर देंगे। उल्लेखनीय है कि बृहस्पतिवार को राजद के निष्कासित
सांसद पप्पू यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी।
माना जा
रहा है कि कोसी क्षेत्र में महागठबंधन को झटका देने के लिए पप्पु
राष्ट्रवादी पार्टी के साथ समझौता कर विधानसभा चुनाव मैदान में उतरेगी।