Lok Sabha Election: सीएम नीतीश बोले- जिस पार्टी को 15 साल जनता ने मौका दिया, अब उसके नेता झूठ बोल वोट मांग रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के पहले हम केंद्र सरकार में भी मंत्री थे। तब देखते थे कि विभिन्न राज्यों में स्वयं सहायता समूह चल रहा है। जब बिहार में हमको मौका मिला तो विश्व बैंक से कर्जा लेकर महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाए और उसका नाम रखे जीविका।
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2005 के पहले वह लोग 15 साल शासन किए। तब कोई काम होता था? कहीं बिजली थी? सड़क था? अपने जब कुर्सी छोड़ना पड़ा तो पत्नी को मुख्यमंत्री बनाया। अब बेटा बेटी, सबको चुनाव मैदान में उतार दिया है। उनके लिए तो परिवार ही सबकुछ है। हम 2005 में आए तो सारा काम कराए और अभी भी हो ही रहा है। हर घर बिजली पहुंचाए, सड़क से लेकर अस्पताल और शिक्षण संस्थान बनवाए। पैसा नहीं था तो विश्व बैंक से कर्जा लिए। क्योंकि हमारे लिए पूरा बिहार ही हमारा परिवार है। मंच पर जितने लोग बैठे हैं, किसी का परिवार राजनीति में नहीं है। यह बातें सीएम नीतीश कुमार ने गुरुवार को सुपौल के राघोपुर प्रखंड स्थित लखीचंद साहू उच्च विद्यालय मैदान में आयोजित जनसभा में कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 के पहले हम केंद्र सरकार में भी मंत्री थे। तब देखते थे कि विभिन्न राज्यों में स्वयं सहायता समूह चल रहा है। जब बिहार में हमको मौका मिला तो विश्व बैंक से कर्जा लेकर महिलाओं का स्वयं सहायता समूह बनाए और उसका नाम रखे जीविका। बाद में उस समय के केंद्र के सरकार ने हमारा ही मॉडल देखकर पूरे देश में आजीविका नाम से स्वयं सहायता समूह बनाया। आज बिहार में 10 लाख से ज्यादा जीविका समूह है, जिसमें एक करोड़ से ज्यादा महिला शामिल है और सबको हम जीविका दीदी बुलाते हैं। अब तो शहर में भी दीदियों का समूह बन रहा है।
इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज खुल गया है
सीएम ने कहा कि हर पंचायत में पंचायत सरकार भवन बनवा रहे हैं और अगले साल तक सबका काम पूरा हो जाएगा। पहले लोग केंद्र और राज्य सरकार को ही सरकार समझते थे। हम अब पंचायत को भी अपना सरकार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले सरकारी अस्पताल में महीना में 39 मरीज जाता था इलाज कराने और अब यह स्थिति है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में महीना में 11000 से ज्यादा मरीज का इलाज होता है। हर जिला में इंजीनियरिंग कॉलेज और पॉलिटेक्निक कॉलेज खुल गया है। हर अनुमंडल में एएनएम और जीएनएम कॉलेज खोले हैं। कृषि फीडर से किसानों को बिजली दे रहे हैं।
अभी तक 3 लाख लोगों को नौकरी और 5 लाख को रोजगार दे चुके
सीएम ने कहा कि 2020 के चुनाव में हम लोग बोले थे कि 10 लाख नौकरी और 10 लाख रोजगार देंगे। अभी तक 3 लाख लोगों को नौकरी और 5 लाख को रोजगार दे चुके हैं। एक लाख नौकरी पाइपलाइन में है, वह भी जल्दी पूरा हो जाएगा। इस साल के अंत तक जो 10 लाख नौकरी का वादा किए हैं, वह पूरा करेंगे, और जरूरत पड़ेगा तो उससे ज्यादा भी बहाली करेंगे। लेकिन जिस पार्टी को 15 साल जनता ने मौका दिया और कुछ काम नहीं किया वह लोग झूठ बोलकर वोट मांगने आता है। वोट डालते समय इस बात को याद रखिएगा। सीएम ने कहा कि 2008 में जब कोशिका बांध टूटा था तब सहरसा सुपौल और मधेपुरा के लोग कुशहा त्रासदी में परेशान थे। तब भी हम लोग यहां लगातार काम में जुटे रहे। बहुत काम कर चुके हैं, और जो बाकी बचा है, उस पर भी काम चल ही रहा है। कहा कि जाति जनगणना हम करवाए और आरक्षण को 50 फीसदी से बढा कर 65 फीसदी कर दिए। लेकिन विपक्ष वाला खाली क्रेडिट लेने में जुटा रहता है। केंद्र सरकार के तरफ से गरीब सवर्ण के लिए भी 10 फीसदी आरक्षण लागू है। नगर निकाय और पंचायत चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिए हुए हैं। सुपौल में 605 करोड़ की लागत से लोहिया मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। सीएम ने अन्य कई उपलब्धियां भी गिनाई और लोगों से निवर्तमान जदयू सांसद दिलेश्वर कामैत के पक्ष में मतदान की अपील की। इस दौरान मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, विधायक अनिरुद्ध प्रसाद यादव, विधान परिषद के पूर्व कार्यकारी सभापति हारून रशीद सहित अन्य नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे।