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बिहार: सहरसा सदर अस्पताल में पत्रकार से मारपीट मामले में बड़ा एक्शन, प्रभारी अधीक्षक समेत दो डॉक्टर हटाए गए
Sat, 19 Sep 2026 07:39 AM IST
कोसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: कोसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Sep 2026 07:39 AM IST
सार
सहरसा सदर अस्पताल में 12 सितंबर को डिजिटल न्यूज के पत्रकार से मारपीट और घटना के सीसीटीवी फुटेज मिटाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को उनके पद से हटाकर तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय, पटना में योगदान देने का आदेश दिया है।
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(प्रतीकात्मक फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के सहरसा सदर अस्पताल में 12 सितंबर को डिजिटल न्यूज के पत्रकार के साथ मारपीट और बाद में घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज मिटाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने सहरसा सदर अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद (एसके आजाद) और चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. रोशन लाल को उनके पद से हटा दिया है। दोनों चिकित्सकों को तत्काल प्रभाव से स्वास्थ्य विभाग मुख्यालय, पटना में योगदान देने का आदेश जारी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही सदर अस्पताल में हड़कंप मच गया।
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मध्याह्न भोजन से बीमार बच्चों की रिपोर्टिंग करने पहुंचे थे पत्रकार
पूरा मामला सहरसा सदर अस्पताल का है। यहां मध्याह्न भोजन खाने के बाद बीमार हुए स्कूली बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसी घटना की ग्राउंड रिपोर्टिंग करने के लिए एक डिजिटल न्यूज के पत्रकार अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि अस्पताल परिसर में प्रभारी अधीक्षक डॉ. सुशील कुमार आजाद, डॉक्टर रोशन लाल समेत अन्य कर्मियों ने पत्रकार के साथ अभद्र व्यवहार किया और उनके साथ मारपीट की। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और प्रशासन ने इसकी जांच शुरू कराई।
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सीसीटीवी फुटेज डिलीट करने का भी लगा आरोप
मामले में अस्पताल परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज को डिलीट करने का आरोप भी लगाया गया। आरोप था कि घटना से जुड़े साक्ष्यों को छिपाने और सबूत नष्ट करने की नीयत से पहले से लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग मिटा दी गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए सहरसा के जिला पदाधिकारी दीपेश कुमार ने डीडीसी की अगुवाई में जांच टीम गठित कर पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे। जांच टीम ने मामले से जुड़े तथ्यों की पड़ताल करने के बाद अपनी रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को सौंप दी।
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डीएम की जांच रिपोर्ट में दोनों चिकित्सकों पर आरोपों की पुष्टि
जांच के बाद डीएम की रिपोर्ट में दोनों चिकित्सकों के खिलाफ लगाए गए मारपीट, दुर्व्यवहार और सीसीटीवी फुटेज से छेड़छाड़ के आरोपों की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद जिला पदाधिकारी ने अपनी जांच रिपोर्ट स्वास्थ्य विभाग को भेजी और दोनों चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की।
स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल प्रभाव से मुख्यालय बुलाया
जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सक्षम प्राधिकार की मंजूरी से स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव उपेन्द्र राम ने इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी की। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डॉ. सुशील कुमार आजाद और डॉ. रोशन लाल को तत्काल प्रभाव से उनके वर्तमान पद से हटाते हुए स्वास्थ्य विभाग, बिहार मुख्यालय, पटना में योगदान देना सुनिश्चित करना होगा। स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद सहरसा सदर अस्पताल के साथ-साथ जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य महकमे में भी हड़कंप मच गया है।