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Bihar Flood: डीएम-एसपी ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण, बोले- पूरी तरह निकल चुका है पानी

Wed, 02 Oct 2024 08:15 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Wed, 02 Oct 2024 08:15 PM IST
सार

Supaul Flood: डीएम कौशल कुमार ने बताया कि बुधवार को पुलिस अधीक्षक शैशव यादव के साथ उन्होंने जिले के बाढ़ग्रस्त इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। तटबंध के भीतरी इलाकों से अब बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल चुका है। नदी का बहाव केवल मुख्य धारा में हो रहा है।

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Supaul Flood: DM-SP did aerial survey of flood affected areas, says water has completely drained out
सुपौल में बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण का दृश्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बीते दिनों नेपाल प्रभाग में हुई अप्रत्याशित बारिश के बाद कोसी नदी उफान पर थी। इसकी वजह से सुपौल जिले के पांच प्रखंडों के 31 पंचायत के एक लाख 30 हजार 235 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। जिले की कुल 10 पंचायत पूर्ण और 21 आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। इसमें सबसे अधिक किशनपुर और सदर प्रखंड प्रभावित हुआ। किशनपुर प्रखंड की चार पंचायत पूर्ण और पांच आंशिक रूप से प्रभावित हुईं। यहां 57,135 और सदर प्रखंड में 37,555 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए। सदर प्रखंड के चार पंचायत पूर्ण और चार आंशिक रूप से प्रभावित हुए। यह जानकारी डीएम कौशल कुमार ने बुधवार को कार्यालय वेश्म में प्रेसवार्ता में दी।

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डीएम कौशल कुमार ने बताया कि बुधवार को पुलिस अधीक्षक शैशव यादव के साथ उन्होंने जिले के बाढ़ग्रस्त इलाके का हवाई सर्वेक्षण किया। तटबंध के भीतरी इलाकों से अब बाढ़ का पानी पूरी तरह निकल चुका है। नदी का बहाव केवल मुख्य धारा में हो रहा है। जबकि कुछ खेतों में भी अभी पानी जमा है। हालांकि, यह पानी आगे चल कर खेती के लिहाज से फायदेमंद साबित होगा।
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Supaul Flood: DM-SP did aerial survey of flood affected areas, says water has completely drained out
सुपौल में बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करते डीएम और एसपी - फोटो : अमर उजाला
बचाव और राहत कार्य की रही यह स्थिति
डीएम ने बताया कि बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए जिला प्रशासन द्वारा किशनपुर में 76, सदर में 68 सहित कुल 239 नाव का परिचालन किया गया। वहीं, 47 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित की जा रही हैं। सबसे अधिक 24 रसोई केंद्र का संचालन किशनपुर प्रखंड क्षेत्र में किया जा रहा है। सामुदायिक रसोई केंद्रों पर रोजाना औसतन 2.50 लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा है। इसके अलावा सदर प्रखंड में छह, किशनपुर में दो और मरौना में एक बाढ़ राहत शिविर संचालित किया जा रहा है। अब तक बाढ़ पीड़ितों के बीच 43,414 पैकेट सूखा राशन वितरण किया गया है। सदर प्रखंड में 19,144 और किशनपुर में 16,270 सूखा राशन पैकेट वितरण किया गया है। वहीं, किशनपुर में 14,700 और सदर में 14,300 सहित कुल 38,522 पॉलीथीन शीट वितरित की गई है। इसके अलावा सुपौल में 35 और किशनपुर में 32 कुंतल पशुचारा का वितरण किया गया।
 
प्रभावित इलाकों में लगाए गए 31 मेडिकल और 22 मवेशी कैंप
जिलाधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में पीड़ितों के स्वास्थ्य जांच के लिए 31 मेडिकल कैंप लगाए गए। जहां कुल 2,143 लोगों ने इलाज कराया। वहीं, प्रभावित इलाकों में 780 किग्रा ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। मवेशियों के स्वास्थ्य जांच के लिए भी 22 कैंप लगाए गए। जहां 3,563 मवेशियों का इलाज किया गया। इसके अतिरिक्त प्रभावित इलाकों में 126 नए चापाकल लगवाए गए और नौ शौचालय का निर्माण कराया गया।
 
 

Supaul Flood: DM-SP did aerial survey of flood affected areas, says water has completely drained out
सुपौल में बाढ़ प्रभावित इलाकों के हवाई सर्वेक्षण का दृश्य - फोटो : अमर उजाला

जारी रहेगा राहत कार्य, मुआवजा के लिए चल रहा सर्वेक्षण
डीएम ने बताया कि वैसे तो तटबंध के अंदर से पानी निकल चुका है। लेकिन कई लोगों का घर बाढ़ में बह गया है। जबकि कई परिवारों का घर आंशिक और पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो गया है। लिहाजा, जब तक स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती है, तब तक जिला प्रशासन की ओर से राहत कार्य जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि फसल और गृहक्षति को लेकर सर्वेक्षण कराया जा रहा है। आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से सर्वेक्षण कराकर प्रावधान के अनुसार पीड़ितों को मुआवजा देने का आदेश मिला है। जल्द ही मुआवजे की राशि पीड़ितों के बैंक खाते में भुगतान की जाएगी। उन्होंने कहा कि तटबंध की सुरक्षा में जल संसाधन विभाग के अभियंताओं ने सराहनीय कार्य किया है। फिलहाल जिले में तटबंध सहित सभी स्पर पूरी तरह सुरक्षित हैं।

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