फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Kosi News ›   Bihar News Illegal nursing home running in guard room of Saharsa Girls School

Bihar News: गर्ल्स स्कूल के गार्ड रूम में चल रहा अवैध नर्सिंग होम, डीएम को दिया आवेदन, आरोप को बताया निराधार

Thu, 21 Nov 2024 03:12 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा Published by: अरविंद कुमार Updated Thu, 21 Nov 2024 03:12 PM IST
सार

सहरसा जिला मुख्यालय के गर्ल्स स्कूल में एक कमरे को अवैध रूप से कब्जा कर सदर अस्पताल के सामने चंदकदमों की दूरी पर अवैध निजी नर्सिंग होम चलाने की बात सामने आ रही है। मामले की शिकायत लोगों ने डीएम से की तो स्कूल प्रशासन भी हरकत में आ चुका है।

विज्ञापन
Bihar News Illegal nursing home running in guard room of Saharsa Girls School
अवैध नर्सिंग होम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सहरसा जिला प्रशासन की नाक के नीचे राजकीय कन्या मध्य विद्यालय के एक कमरे में अवैध रूप से नर्सिंग होम चलाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वर्षों से यह अवैध नर्सिंग होम अवैध तरीके से स्कूल भवन के कमरे में चल रहा है और स्कूल प्रशासन को जानकारी नहीं होना संदेह के घेरे में है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, स्कूल के एक कमरे जो सदर अस्पताल गेट की तरफ जाने वाली सड़क पर खुलती है। जहां सुई देने से लेकर स्लाइन चढ़ाने से कई और काम अवैध रूप से होता है। मामला सामने आने के बाद स्कूल प्रशासन भी हरकत में आ गया है। एक तरफ जहां स्कूल में पढ़ने वाली छात्राएं और शिक्षिका भय के साए में पढ़ने और पढ़ाने को विवश हैं। लेकिन जिस कमरे में अवैध रूप से निजी रूप से उपयोग किया जा रहा है। इसमें पूरी तरह से टाइल्स के साथ-साथ सुसज्जित बाथरूम और शौचालय बना हुआ है। वहीं, बेड भी लगा है और स्लाइन स्टैंड भी नजर आया। कुछ लोगों ने दबी जुबान से कहा कि यह तो अब सिर्फ बानगी है। मामला सामने आने के बाद कमरे से अन्य सामान और उपकरण हटा दिया गया। हालांकि, यह जांच का विषय है। जांच के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकता है। इधर, सदर अस्पताल के सामने और कन्या मध्य विद्यालय के कमरे में इस तरह के संचालन लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।
विज्ञापन


 
डीएम को दिया आवेदन
मामले को लेकर प्रांजल कुमार उर्फ दिलखुश पासवान ने जिला पदाधिकारी को आवेदन देकर विद्यालय भवन में अवैध रूप से रूम कब्जा कर भ्रूण हत्या और अवैध रूप से क्लीनिक चलाने का आरोप लगाया है। आवेदन में उन्होंने कहा कि राजकीय कन्या मध्य विद्यालय में कई वर्षों से स्कूल प्रबंधन एवं बबली नाम की नर्स की मिलीभगत से नाबालिग लड़कियों एवं महिलाओं के भ्रूण हत्या का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अवैध कब्जा कर उस कमरे में टाइल्स, शौचालय बनाकर बेड लगाया हुआ है, जिसकी जानकारी मौखिक रूप से प्रधानाध्यापक को दी गई तो वह इनकार करती हैं, जो बहुत शर्मनाक है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पिता थे स्कूल में कार्यरत
जिस निजी नर्स बबली कुमारी पर स्कूल के कमरे को कब्जा कर नर्सिंग होम चलाने की बात सामने आ रही है। उसके पिता इसी स्कूल में चतुर्थवर्गीय कर्मी के रूप में पदस्थापित थे। जो कई वर्षों पूर्व सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इतना ही नहीं कुछ महीने पहले ही उनकी मौत भी हो गई है। लेकिन उनका परिवार स्कूल के पीछे ही सरकारी जमीन पर अपना घर बना कर रह रहा है।

आरोप को बताया निराधार 
इस बाबत पूछे जाने पर नर्स बबली चौधरी ने सभी आरोप को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि वह वर्षों तक शहर के कई निजी अस्पताल में नर्स का काम कर चुकी है। उनकी बेटी भी एएनएम है, जिसके कारण आसपास के कुछ लोग स्लाइन चढ़ाने और इंजेक्शन लेने आ जाते थे। स्कूल का यह कमरा जर्जर था, जिसे वह दुरुस्त करा लिया। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या या अन्य आरोप गलत और बेबुनियाद हैं।


क्या कहते है एचएम 
इस बाबत पूछे जाने पर स्कूल की प्रधानाध्यापिका बेबी कुमारी ने बताया कि यह कमरा स्कूल कैंपस से बाहर है। जो मूलतः गार्ड का कमरा है और पीछे ही उसका गेट खुलता था। उन्हें जैसे ही जानकारी मिली तो उन्होंने बबली कुमारी को सख्त निर्देश दिया है। वहीं, विभाग सहित अन्य को सूचित कर चुके हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed