Bihar Murder Case: पहले एक बच्चे की मां से की शादी, फिर अपहरण कर सौतेले बेटे को मार डाला, अब आजीवन कारावास
Bihar Murder Case: घटना सुपौल के प्रतापगंज थाना क्षेत्र की है। जहां संजय पर आरोप है कि उसने पहले से बच्चेदार एक महिला से दूसरी शादी की। बाद में दूसरी पत्नी और उसके बच्चे का अपहरण किया और फिर सौतेले बेटे की हत्या कर दी।
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सुपौल में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंचम संतोष कुमार दुबे की कोर्ट ने एक महिला और उसके पुत्र के हत्या की नियत से अपहरण के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास तथा 25 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया है। प्रतापगंज थाना कांड संख्या 30/19 की सुनवाई के दौरान सोमवार को कोर्ट ने आरोपी प्रतापगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत बेलही निवासी संजय यादव को भादवि की धारा 364, 302 एवं 201 के तहत दोषी पाते हुए धारा 364 एवं 302 के तहत आजीवन कारावास व 25 हजार रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 के तहत 07 वर्ष की सजा एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड सुनाया। अर्थदंड का भुगतान नहीं करने पर 03 महीने अतिरिक्त साधारण कारावास सुनाई गई है। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। साथ ही पूर्व में कारा में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
कोर्ट में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक राजीव रंजन ने पक्ष रखा। वहीं, एसपी शैशव यादव के नेतृत्व में पुलिस द्वारा 08 साक्षियों की गवाही कोर्ट में कराई गई। अभियुक्त की ओर नागेन्द्र नारायण ठाकुर ने बचाव में पक्ष रखा। जहां दाेनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने 22 जनवरी को आरोपी काे दोषी करार देते हुए सजा के बिंदू पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को सजा पर सुनवाई हुई।
बच्चेदार महिला से आरोपी संजय ने रचाई थी दूसरी शादी
प्रतापगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत श्रीपुर निवासी कैली देवी की शिकायत पर पुलिस ने 24 मार्च 2019 काे प्रतापगंज थाना कांड संख्या 30/19 दर्ज किया। इसमें अभियुक्त संजय यादव एवं विशुनदेव यादव पर उनकी पुत्री रवीना देवी एवं 08 वर्षीय नाती अंशू कुमार का अपहरण कर उनकी हत्या करने का आरोप लगाया गया था। सूचिका ने दिए गए आवेदन में बताया था कि वे अपनी पुत्री रवीना देवी की शादी 10 वर्ष पूर्व भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत दाहुपट्टी निवासी लालू मेहता के साथ की थी। शादी के बाद रवीना देवी को एक पुत्र अंशु कुमार हुआ। घटना से 05 वर्ष पूर्व उनकी पुत्री रवीना देवी अपने पुत्र अंशु कुमार के साथ अपने मायके श्रीपुर आ गई तथा सूचिका के साथ रहने लगी।
इसी बीच पहले से शादीशुदा अभियुक्त संजय यादव ने उनकी पुत्री रवीना देवी को बहला-फुसला कर उनके नाती अंशु कुमार समेत लेकर बाहर भाग गया तथा वहां पर उनकी पुत्री से दूसरी शादी कर लिया। कुछ दिन के बाद वह उनकी पुत्री और नाती को लेकर अपने घर बेलही आ गया और वहीं पर दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे।
जमीन खोदकर पुलिस ने बरामद किया था अंशू का शव
आवेदन के अनुसार, संजय यादव की पहली पत्नी संगीता देवी, मां सतनी देवी, पिता सत्यनारायण यादव भाई विशुनदेव यादव, भाभी पूनम देवी, सूचिका की पुत्री और नाती से घृणा करने लगे और बराबर उन दोनों के साथ गाली-गलौज और मारपीट करते थे। संजय यादव भी उनकी पुत्री एवं नाती को बराबर मारपीट करता था। इसी बीच रविना देवी द्वारा अपनी मां कांड की सूचिका को मोबाइल पर बताया गया कि उपरोक्त सभी लोग मिल कर उसका अपहरण कर हत्या करने की साजिश रहे हैं, जिसके बाद 13 मार्च 2019 को सूचिका अपनी पुत्री एवं नाती से मिलने के लिए संजय यादव के घर पहुंची तो वहां पर परिवार के कोई सदस्य नहीं था।
ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि उनका दामाद संजय यादव अपने भाई, पिता, मां, बहन तथा पहली पत्नी के साथ मिलकर उनकी बेटी एवं नाती का हत्या करने की नीयत से अपहरण कर कहीं ले कर चला गया है। अनुसंधान के क्रम में पुलिस ने अंशू का शव बेलही पलार पर जमीन खोदकर बरामद किया था।