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Bihar: शहीद संजीव भंडारी के परिजनों से मिले कांग्रेस नेता, दी श्रद्धांजलि; स्कूल और सड़क के नामकरण की मांग की
Fri, 06 Dec 2024 04:37 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सुपौल
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 06 Dec 2024 04:37 PM IST
सार
Supaul News: मिन्नत रहमानी ने कहा कि शहीद संजीव भंडारी ने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने सरकार से शहीद जवान के नाम पर स्कूल और सड़क का नामकरण करने की मांग भी की।
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शहीद जवान संजीव भंडारी के परिजनों से मुलाकात के दौरान कांग्रेस नेता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भारतीय सेना के जवान और सुपौल जिले के मरौना प्रखंड निवासी शहीद संजीव कुमार भंडारी को श्रद्धांजलि देने के लिए कांग्रेस नेता मिन्नत रहमानी उनके परिजनों से मिलने पहुंचे। हिमाचल प्रदेश में ड्यूटी के दौरान हुई एक दुर्घटना में शहीद हुए संजीव कुमार भंडारी के परिवार से मिलकर मिन्नत रहमानी ने गहरी संवेदना व्यक्त की और उनके बलिदान को अमर बनाने की अपील की।
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विद्यालय और सड़क का नामकरण करने की मांग
मिन्नत रहमानी ने कहा कि शहीद संजीव भंडारी ने देश की सेवा में अपने प्राणों की आहुति दी है, जिसे हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जिला प्रशासन को पत्र लिखा। उसमें उन्होंने गम्हरिया प्राथमिक विद्यालय का नाम शहीद संजीव भंडारी के नाम पर रखने और बेलही चौक से बेल्हा तक सड़क मार्ग का नामकरण शहीद के नाम पर करने की मांग की है।
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परिवार के लिए सहायता और नौकरी की अपील
कांग्रेस नेता ने बिहार सरकार से शहीद जवान के परिवार को आर्थिक सहयोग और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी प्रदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि शहीद का बलिदान व्यर्थ नहीं जाना चाहिए और सरकार को उनके परिवार की जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
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परिवार का सैन्य परंपरा से नाता
शहीद संजीव भंडारी के भाई रमेश भंडारी भी भारतीय सेना में सेवा दे रहे हैं। संजीव की शहादत 30 सितंबर को हिमाचल प्रदेश में चीन सीमा पर ड्यूटी के दौरान हुई, जब पैर फिसलने से वह पहाड़ से गिर गए थे। सेना की टीम ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन इलाज के दौरान उनका निधन हो गया।
राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
दो दिसंबर को शहीद संजीव भंडारी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
इधर, मिन्नत रहमानी के साथ स्थानीय मुखिया अशोक यादव, पूर्व मुखिया वीरेंद्र यादव, तबरेज हयात, पवन चौधरी और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। उन्होंने भी शहीद के परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन दिया।