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Bihar Bandh: मतदाता सूची पुनरीक्षण के खिलाफ सहरसा में महागठबंधन का हल्लाबोल, सड़कों पर उतरे कार्यकर्ता
Wed, 09 Jul 2025 05:15 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहरसा
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 09 Jul 2025 05:15 PM IST
सार
Bihar Bandh: सीपीआई के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश यादव ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य भाजपा और आरएसएस के इशारे पर किया जा रहा है। इसमें अल्पसंख्यकों, गरीबों, दलितों और महादलितों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं।
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प्रदर्शन करते महागठबंधन नेता और कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण कार्य को लेकर सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में महागठबंधन द्वारा बुधवार को बिहार बंद का असर सहरसा में भी साफ नजर आया। महागठबंधन के घटक दलों राजद, कांग्रेस, वीआईपी, सीपीआई और अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से शहर की सड़कों पर उतरकर सरकार विरोधी नारेबाजी और जोरदार प्रदर्शन किया।
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बंद के समर्थन में बाइक जुलूस और पैदल मार्च का आयोजन किया गया, जो वीर कुंवर सिंह चौक से शुरू होकर शंकर चौक, बस स्टैंड और अस्पताल चौक से होते हुए समाहरणालय तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर, झंडे और पोस्टर लिए सरकार की नीतियों को अलोकतांत्रिक करार दिया और मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य को तत्काल बंद करने की मांग की।
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‘भाजपा-आरएसएस की साजिश’, विपक्ष की आवाज को दबाने का आरोप
सीपीआई के वरिष्ठ नेता ओमप्रकाश यादव ने कहा कि बिहार में मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य भाजपा और आरएसएस के इशारे पर किया जा रहा है। इसमें अल्पसंख्यकों, गरीबों, दलितों और महादलितों के नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। यह लोकतंत्र के खिलाफ एक सुनियोजित साजिश है और हम इसका हर स्तर पर विरोध करेंगे।
राजद नेताओं ने भी दो टूक कहा कि यह कोई सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि सरकार द्वारा चुनावी समीकरण को अपने पक्ष में करने की रणनीति है। उन्होंने चेतावनी दी कि हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
प्रदर्शन की वजह से बाजार बंद और यातायात बाधित
बंद के दौरान शहर के कई हिस्सों में दुकानों पर ताले लटकते नजर आए, वहीं यातायात व्यवस्था भी कुछ घंटों तक प्रभावित रही। हालांकि प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित बनाए रखा और कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। प्रशासन की तरफ से पहले से ही सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी भी प्रकार की अशांति नहीं फैली। शांति पूर्ण ढंग से बंद का आयोजन हुआ, हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या और आक्रोश ने प्रशासन को सतर्क जरूर कर दिया।
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चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी
महागठबंधन के नेताओं ने साफ कहा है कि यदि मतदाता पुनरीक्षण में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आगे भी चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। यह सिर्फ बिहार बंद तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे राज्य में जन जागरण अभियान और धरना-प्रदर्शन की श्रृंखला चलाई जाएगी।