चुनाव से पहले जनता परिवार के महाविलय पर 'महासंकट'
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जनता परिवार के छह दलों के विलय की जोरशोर से शुरू हुई मुहिम अचानक खटाई में पड़ती दिख रही है। विलय की घोषणा होने और मुलायम सिंह यादव को परिवार का नया मुखिया तय करने के बावजूद सपा बिहार विधानसभा चुनाव से पूर्व जदयू और राजद के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर उत्पन्न विवाद में हस्तक्षेप के लिए तैयार नहीं है।
हालांकि दोनों ही दल चाहते हैं कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह बीच बचाव कर सीट बंटवारे का कोई फार्मूला तय करें। इसके लिए मुलायम पर जल्द बैठक बुलाने का लगातार दबाव भी डाला जा रहा है। दरअसल विलय पर खुद सपा में अंदरखाने मतभेद के बाद मुलायम ने जदयू-राजद के विवाद से दूरी बना ली है।
सपा महासचिव रामगोपाल यादव ने बीते दिनों पटना में विधानसभा चुनाव से पूर्व जनता परिवार के विलय की संभावना से ही साफ इनकार कर दिया था। ऐसे में इन दोनों दलों के बीच चुनाव पूर्व गठबंधन की संभावना लगातार क्षीण होती जा रही है।
मनुहार के बावजूद बीच बचाव को तैयार नहीं मुलायम सिंह
जदयू और राजद सीटों के बंटवारे के सवाल पर आमने सामने आ गए हैं। राजद ने जहां 243 में से 145 सीटों पर दावा ठोका है, वहीं नाराज नीतीश कुमार ने कहा है कि राजद सभी 243 सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए स्वतंत्र है।
मिलकर बिछड़ना समाजवादियों का पुराना शगल रहा है। इस बार लगता है कि समाजवादी कुनबा मिलने से पहले ही बिछड़ने के लिए बेकरार है। बिहार में चुनाव का बिगुल बजने से पूर्व ही सीटों के बंटवारे के सवाल पर राजद और जदयू आमने सामने हैं।
जनता परिवार का मुखिया चुने गए सपा प्रमुख विवाद को टालने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। जदयू के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक दोनों दलों की ओर से सपा प्रमुख से हस्तक्षेप का आग्रह किया गया, मगर सकारात्मक जवाब नहीं आया।
शरद यादव की पहल पर जनता परिवार के विलय की अनौपचारिक घोषणा तो हो गई, मगर सपा के कई नेताओं ने अंदरखाने विलय पर असहमति जाहिर की है।
राजद से निकाले गए पप्पू यादव ने बनाया नया मोर्चा
बिहार के माधेपुरा से लोकसभा सांसद और पूर्व राजद नेता राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने रविवार को जन क्रांति अधिकार मोर्चा बनाने का ऐलान किया। पप्पू का कहना है कि उनका मोर्चा बिहार के मतदाताओं को मजबूत तीसरा विकल्प मुहैया कराएगा। पप्पू को 7 मई को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते लालू प्रसाद यादव ने राजद से निकाल दिया था।
इस पर जेडीयू महासचिव केसी त्यागी का कहना है कि बेवजह की बयानबाजी से चुनाव पूर्व गठबंधन पर कयास लगाने का मौका मिल रहा है। हालांकि बिहार में चुनाव से पूर्व राजद-जदयू का गठबंधन बनना और इस गठबंधन का कांग्रेस और वामदलों से तालमेल होना तय है। खुद सपा प्रमुख मुलायम और वरिष्ठ नेता बैठ कर विवाद खत्म करेंगे।