{"_id":"593f84e91126f4ec0b8b51db","slug":"government-doctor-left-hospital-and-go-for-lalu-s-service","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लालू के लिए मंत्री बेटे ने घर को बनाया सरकारी अस्पताल, विपक्ष ने उठाए सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लालू के लिए मंत्री बेटे ने घर को बनाया सरकारी अस्पताल, विपक्ष ने उठाए सवाल
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
Updated Tue, 13 Jun 2017 08:23 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फादर्स डे बेशक 18 जून को है, लेकिन बिहार में लालू के बड़े बेटे और स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव ने पिता के लिए दिन रात एक किया हुआ है। तेज प्रताप ने लालू के बीमार होने पर राज्य के सबसे
विज्ञापन
बड़े अस्पताल के तीन डॉक्टर और दो नर्सों की तैनाती घर पर की थी।
इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (आइजीआइएमएस) के 31 मई को जारी विभागीय खत से इस बात का पता चला है। पत्र के मुताबिक, संस्थान के तीन डॉक्टर और दो नर्सों की ड्यूटी 31 मई से 8 जून तक 10 सर्कुलर रोड, पटना में लगाई गई थी।
विज्ञापन
जिन डॉक्टरों को तैनात किया गया था, उनमें जनरल मेडिसिन डिपार्टमेंट के विभागाध्यक्ष डॉ. नरेश कुमार, जनरल सर्जरी विभाग के विशेषज्ञ डॉ. कृष्ण गोपाल जो संस्थान के अपर चिकित्सा अधीक्षक भी हैं और फॉरेन्सिक मेडिसिन विभाग के डॉ. अमन कुमार जो संस्थान के उप चिकित्सा अधीक्षक हैं। इनके अलावा दो पुरुष नर्सो अनिल सैनी को आईसीयू से और विक्रम चारण को न्यूरो ओटी से यहां तैनात किया गया था। गौरतलब है कि लालू कुछ समय पहले बीमार चल रहे थे और मीडिया में भी उनकी कुछ तस्वीरें सामने आई थीं, जिसमें वह काफी बीमार लग रहे थे।
विज्ञापन
इस संबंध में संस्थान के निदेशक डॉक्टर एनआर विश्वास ने कहा कि तैनाती तेज प्रताप के घर की गई थी, लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि आखिर बीमार तेज प्रताप थे या उनके घर का कोई और सदस्य। हालांकि उन्होंने माना कि वह और अस्पताल दोनों वीआईपी पैरवी से आजिज आ गए हैं।
विपक्ष ने उठाया सवाल
इस मामले पर विपक्ष का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के फरमान पर संस्थान ने आम मरीजों के इलाज को प्रभावित किया है। जाप नेता और मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टर से लेकर नर्स तक की कमी है। आम आदमी ईलाज के बिना बेमौत मर रहा है। सरकार को आम आदमी की कोई चिंता नहीं है।
ड्यूटी तेज प्रताप के घर लगाई गई: अधीक्षक
आइजीआइएमएस के अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा ने कहा, ‘ड्यूटी लालू यादव के आवास पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के आवास पर लगाई गई थी। स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव हमारे संस्थान के अध्यक्ष हैं, जिसके चलते उन्हें यह सुविधा दी गई। उनके अलावा किसी और को ये सुविधा नहीं दी जा सकती है। 8 जून को जब तेज प्रताप वृंदावन गए, तो इन डॉक्टरों को वहां से आईजीआईएमएस वापस बुला लिया गया।’
वही यह पूछे जाने पर कि संस्थान में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है, ऊपर से अस्पताल प्रशासन ने 3 सीनियर डॉक्टरों को वीवीआइपी की सेवा में लगा दिया। इस पर उन्होंने कहा कि चूंकि संस्थान एक ऑटोनोमस बॉडी है इसलिए हम बिहार सरकार के नियमों से बंधे नहीं हैं।
ड्यूटी तेज प्रताप के घर लगाई गई: अधीक्षक
आइजीआइएमएस के अधीक्षक डॉ. पीके सिन्हा ने कहा, ‘ड्यूटी लालू यादव के आवास पर नहीं, बल्कि स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव के आवास पर लगाई गई थी। स्वास्थ्य मंत्री तेज प्रताप यादव हमारे संस्थान के अध्यक्ष हैं, जिसके चलते उन्हें यह सुविधा दी गई। उनके अलावा किसी और को ये सुविधा नहीं दी जा सकती है। 8 जून को जब तेज प्रताप वृंदावन गए, तो इन डॉक्टरों को वहां से आईजीआईएमएस वापस बुला लिया गया।’
वही यह पूछे जाने पर कि संस्थान में वैसे ही डॉक्टरों की कमी है, ऊपर से अस्पताल प्रशासन ने 3 सीनियर डॉक्टरों को वीवीआइपी की सेवा में लगा दिया। इस पर उन्होंने कहा कि चूंकि संस्थान एक ऑटोनोमस बॉडी है इसलिए हम बिहार सरकार के नियमों से बंधे नहीं हैं।