Bihar News: पश्चिम बंगाल के चर्चित उद्योगपति के पोते को अगवा कर रहे थे दो शख्स, 24 घंटे में पुलिस ने उठाया
Aurangabad Hindi News: पश्चिम बंगाल पुलिस ने उद्योगपति के पोते को अगवा करने के मामले में आरोपी दो लोगों को औरंगाबाद से गिरफ्तार किया है। बंगाल पुलिस को यह सफलता बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर और हसपुरा पुलिस के सहयोग से मिली है।
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पश्चिम बंगाल पुलिस ने अपहरण के प्रयास के मामले में घटना के 24 घंटे के अंदर बिहार में छापेमारी कर दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई है। साथ ही पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर अपने साथ ले गई है। गिरफ्तार अपराधियों में औरंगाबाद के दाउदनगर थाना क्षेत्र के पिलछी गांव निवासी अजय मेहता और हसपुरा थाना क्षेत्र के जैतपुर निवासी चंदन सिंह शामिल हैं। दोनों की गिरफ्तारी पश्चिम बंगाल के आसनसोल जिले के रानीगंज के बहुचर्चित उद्योगपति राजकुमार सारदा के पोते रेयाम सारदा का अपहरण करने की कोशिश के मामले में हुई है।
जानकारी के मुताबिक, पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर जिले के जामुड़िया और श्रीपुर थाना पुलिस को यह सफलता बिहार के औरंगाबाद के दाउदनगर और हसपुरा पुलिस के सहयोग से मिली। गिरफ्तारी के बाद बंगाल पुलिस, दाउदनगर के अनुमंडलीय न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड पर ले गई। जहां दोनों अपराधियों को आसनसोल कोर्ट में पेश करने के बाद वहां की पुलिस को पूछताछ के लिए नौ दिनों की रिमांड मिल गई है।
12 को अगवा का प्रयास, 13 को रात में गिरफ्तारी
दाउदनगर थानाध्यक्ष फहीम आजाद खान ने बताया कि यहां आई पश्चिम बंगाल पुलिस ने जानकारी दी कि सोमवार 12 फरवरी को रानीगंज के बोगरा चट्टी इलाके में स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग पर सात वर्षीय छात्र रेयाम सारदा को बिहार नंबर की एक कार पर सवार कुछ अपहर्ताओं ने अगवा करने का प्रयास किया। वहां पर भीड़-भाड़ ज्यादा होने के कारण अपहर्ताओं के मंसूबों पर पानी फिर गया। इसके बाद अपहर्ता छात्र को मौके पर ही छोड़कर भाग गए। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने अज्ञात लोगों के खिलाफ अपहरण की शिकायत श्रीपुर थाना में दर्ज कराई थी।
उन्होंने बताया कि प्राथमिकी दर्ज करने के बाद वहां की पुलिस तत्काल मामले की छानबीन में जुट गई। पुलिस ने अपहर्ताओं की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान तकनीकी जांच की मदद से जानकारी इकट्ठा करती हुई पश्चिम बंगाल पुलिस अपहर्ताओं की तलाश में 13 फरवरी की शाम दाउदनगर पहुंच गई। इसके बाद दाउदनगर और हसपुरा पुलिस के सहयोग से दो अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर दो अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। साथ ही घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल की गई स्कोर्पियों भी बरामद कर ली गई।
पूछताछ के लिए मिली नौ दिनों की रिमांड
इस मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस के काम करने का तेज अंदाज भी दिखा। 12 फरवरी को घटना होती है। अगले दिन 13 फरवरी को देर शाम पुलिस अपराधियों को गिरफ्तार कर लेती है। अगले दिन 14 फरवरी को पुलिस दोनों आरोपियों को दाउदनगर कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर लेकर आसनसोल रवाना हो जाती हैं। रवानगी के बाद शाम होने के पहले पुलिस वहां के कोर्ट पहुंचती है। फिर अदालत में दोनों आरोपियों को पेश करती है। इसके बाद अदालत गिरफ्तार आरोपियों को नौ दिनों की पुलिस रिमांड में भेज देती है।
वहीं, अब पश्चिम बंगाल पुलिस मामले की गहराई से छानबीन में जुट गई है। पुलिस यह पता लगा रही है कि इन अपहरणकर्ताओं के साथ और कौन-कौन लोग शामिल थे। इन्होंने किसके इशारे पर छात्र को अगवा करने की योजना बनाई। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इन अपहरणकर्ताओं के तार कहां-कहां तक फैले हैं।