जूनियर इंजीनियर गिरफ्तार: किस होटल में चल रही थी डील? पटना-शेखपुरा में निगरानी ने किसे दबोचा?
जहानाबाद में निगरानी विभाग की टीम ने मनरेगा के कनीय अभियंता (जेई) अमन कुमार को 20 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई अंबेडकर चौक के पास स्थित एक होटल में की गई, जहां रिश्वत की रकम लेने की डील तय हुई थी।
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बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने अलग-अलग स्थानों से तीन सरकारी कर्मियों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पहली कार्रवाई जहानाबाद सदर प्रखंड में की गई, जहां मनरेगा के कनिष्ठ अभियंता (JE) अमन कुमार को ₹20,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया (कांड संख्या 105/26)।
दूसरी कार्रवाई शेखपुरा डीटीओ कार्यालय में हुई, जहां बड़ा बाबू कुणाल को ₹15,000 की घूस लेते रंगे हाथ दबोचा गया (कांड संख्या 106/26)। वहीं, तीसरी सफलता पटना में मिली, जहां जे.पी. गंगापथ ट्रैफिक थाना (गांधी मैदान) के सब-इंस्पेक्टर (SI) उपेन्द्र शाह को ₹10,000 रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया (कांड संख्या 107/26)। तीनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
जहानाबाद में कनिष्ठ अभियंता की गिरफ्तारी शहर के अंबेडकर चौक के समीप स्थित एक होटल से की गई। बताया जाता है कि इसी होटल में रिश्वत की रकम लेने की डील तय हुई थी।
मिली जानकारी के अनुसार, मनरेगा योजना के तहत जामुक पंचायत में कराए गए कार्यों के सत्यापन के एवज में जेई द्वारा रोजगार सेवक से कथित तौर पर 20 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। रिश्वत मांगे जाने की शिकायत रोजगार सेवक ने निगरानी विभाग से की थी। शिकायत मिलने के बाद विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। शिकायत सही पाए जाने के बाद निगरानी विभाग ने आरोपित जेई को पकड़ने के लिए जाल बिछाया।
तय योजना के अनुसार मंगलवार को अमन कुमार रिश्वत की रकम लेने के लिए अंबेडकर चौक के समीप स्थित होटल पहुंचे। जैसे ही उन्होंने 20 हजार रुपये लिए, पहले से मौजूद निगरानी विभाग की टीम ने उन्हें रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान होटल में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
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गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम अमन कुमार को अपने साथ ले गई। टीम उनसे पूछताछ करने के साथ आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। इसके बाद आरोपित को पटना ले जाने की कार्रवाई की जाएगी।
निगरानी विभाग की कार्रवाई की खबर फैलते ही मनरेगा विभाग में हड़कंप मच गया। मामले में निगरानी विभाग की ओर से आगे की कार्रवाई जारी है।