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Bihar: ठेकेदार की शिकायत से मचा हड़कंप! गया में थानाध्यक्ष मंटू कुमार निलंबित, IG की जांच में सामने आई सच्चाई
Wed, 10 Jun 2026 08:36 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गयाजी
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 10 Jun 2026 08:36 PM IST
सार
Bihar: गया जिले के बांकेबाजार थाना के थानाध्यक्ष मंटू कुमार को एक ठेकेदार की शिकायत और जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि उन्होंने पीड़ित पक्ष पर दबाव बनाकर समझौता कराने की कोशिश की और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं किया। मामले में विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
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मगध प्रमंडल आईजी विकास वैभव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
गया जिले के बांकेबाजार थाना के थानाध्यक्ष मंटू कुमार पर कार्रवाई करते हुए मगध क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। एक ठेकेदार की शिकायत और जांच में गंभीर अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई की गई। आरोप है कि थानाध्यक्ष ने पीड़ित पक्ष को डराकर विरोधी पक्ष के पक्ष में समझौता कराने का प्रयास किया और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों की भी अनदेखी की।
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ठेकेदार ने लगाए गंभीर आरोप
जानकारी के अनुसार, 20 मई 2026 को भवन निर्माण ठेकेदार अमरेंद्र पाठक बांकेबाजार क्षेत्र में पैसों के हिसाब-किताब के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान कुछ स्थानीय लोगों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने और उनकी टाटा सफारी गाड़ी छीन लेने का आरोप लगाया गया। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद जब उन्होंने थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, तो उनकी शिकायत लेने के बजाय थानाध्यक्ष ने कथित रूप से आरोपित पक्ष का समर्थन किया। आरोप है कि पीड़ित पर उल्टे 10 लाख रुपये देने का दबाव बनाया गया।
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आईजी के आदेश को भी किया नजरअंदाज
पीड़ित द्वारा मामले की शिकायत सीधे आईजी कार्यालय तक पहुंचाई गई। शिकायत मिलने के बाद रात करीब 8:40 बजे आईजी ने थानाध्यक्ष को विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद आरोप है कि थानाध्यक्ष ने निर्देशों का पालन नहीं किया। शिकायत के अनुसार, पीड़ित और उनके पिता से जबरन समझौता पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए। इतना ही नहीं, गाड़ी छोड़ने के एवज में 4 लाख रुपये का चेक लाने की भी बात कही गई।
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जांच में सही पाए गए आरोप
मामले की गंभीरता को देखते हुए आईजी ने शेरघाटी के एसडीपीओ को जांच का जिम्मा सौंपा। जांच के दौरान कई तथ्यों की पुष्टि हुई। रिपोर्ट में कहा गया कि थानाध्यक्ष ने बिना किसी विधिक प्रक्रिया के ठेकेदार की टाटा सफारी को थाना परिसर में रखा था। इसके अलावा पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी नहीं दी गई। जांच रिपोर्ट में थानाध्यक्ष के आचरण को पुलिस सेवा के मानकों के विपरीत बताया गया।
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पुलिस की छवि धूमिल करने का आरोप
आईजी ने अपने आदेश में कहा है कि शिकायत मिलने पर जहां प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए थी, वहीं संबंधित थानाध्यक्ष एक पक्ष के प्रभाव में कार्य करते दिखाई दिए। इससे पुलिस विभाग की निष्पक्षता और छवि दोनों प्रभावित हुई हैं। कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, वरिष्ठ अधिकारियों के आदेश की अवहेलना और संदिग्ध आचरण को गंभीर मानते हुए थानाध्यक्ष मंटू कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता मिलेगा। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।