{"_id":"6a487a837f3bcc7e8e04cf39","slug":"fake-government-job-racket-busted-two-held-at-bodh-gaya-chc-over-recruitment-fraud-today-bihar-news-gaya-news-c-1-1-noi1233-4465383-2026-07-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा, सीएचसी से हिरासत में दो युवक; फर्जी आईडी कार्ड बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar: सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का खुलासा, सीएचसी से हिरासत में दो युवक; फर्जी आईडी कार्ड बरामद
Sat, 04 Jul 2026 11:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गया
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 11:18 AM IST
सार
बोधगया सीएचसी में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। फाइल मेंटेनेंस पद पर भर्ती का झांसा देकर रुपये वसूलने की कोशिश कर रहे दो युवकों को डायल-112 पुलिस ने हिरासत में लिया। उनके पास से स्वास्थ्य विभाग का संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है।
विज्ञापन
बोधगया सीएचसी परिसर में आरोपी मिथुन व प्रिंस
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
गया जिले के बोधगया में सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से ठगी करने वाले एक कथित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में फाइल मेंटेनेंस के पद पर भर्ती का झांसा देकर रुपये वसूलने की कोशिश कर रहे दो युवकों को डायल-112 पुलिस ने मौके से हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से स्वास्थ्य विभाग के नाम का संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र भी बरामद हुआ है। पुलिस को आशंका है कि यह किसी बड़े फर्जी भर्ती नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
जॉइनिंग के लिए बुलाया, अस्पताल पहुंचते ही खुली पोल
पुलिस के अनुसार, कैमूर जिले का एक युवक, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के कल्याण स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है, सरकारी नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान एक निजी एजेंसी ने उसे बोधगया सीएचसी में फाइल मेंटेनेंस के पद पर नौकरी दिलाने का दावा किया। एजेंसी ने पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 1,160 रुपये जमा कराए और जॉइनिंग के बाद 35 हजार रुपये देने की शर्त रखी। युवक को हर महीने 22 हजार रुपये वेतन मिलने का भरोसा भी दिया गया। निर्धारित तिथि पर जब युवक जॉइनिंग के लिए सीएचसी पहुंचा तो अस्पताल कर्मियों से बातचीत के दौरान उसे भर्ती प्रक्रिया पर संदेह हुआ। जानकारी लेने पर पता चला कि अस्पताल में ऐसी कोई भर्ती चल ही नहीं रही है।
डायल-112 की सूचना पर दो युवक हिरासत में
शक होने पर पीड़ित ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल परिसर से दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के नाम का संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
फर्जी भर्ती गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक मधेपुरा जिले के खालपाड़ा थाना क्षेत्र के बाभनगामा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने युवाओं को इसी तरह नौकरी का झांसा देकर ठगा गया है।
ये भी पढ़ें- Bihar: प्रभु श्रीराम के साथ गद्दारी करने वालों को नहीं बख्शेंगे', राम मंदिर मामले पर केंद्रीय मंत्री का बयान
निजी एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस संबंधित निजी एजेंसी की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भर्ती के नाम पर संगठित फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी से संबंधित किसी भी सूचना या नियुक्ति प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से उसकी पुष्टि अवश्य करें।
विज्ञापन
जॉइनिंग के लिए बुलाया, अस्पताल पहुंचते ही खुली पोल
पुलिस के अनुसार, कैमूर जिले का एक युवक, जो वर्तमान में महाराष्ट्र के कल्याण स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत है, सरकारी नौकरी की तलाश कर रहा था। इसी दौरान एक निजी एजेंसी ने उसे बोधगया सीएचसी में फाइल मेंटेनेंस के पद पर नौकरी दिलाने का दावा किया। एजेंसी ने पहले रजिस्ट्रेशन शुल्क के नाम पर 1,160 रुपये जमा कराए और जॉइनिंग के बाद 35 हजार रुपये देने की शर्त रखी। युवक को हर महीने 22 हजार रुपये वेतन मिलने का भरोसा भी दिया गया। निर्धारित तिथि पर जब युवक जॉइनिंग के लिए सीएचसी पहुंचा तो अस्पताल कर्मियों से बातचीत के दौरान उसे भर्ती प्रक्रिया पर संदेह हुआ। जानकारी लेने पर पता चला कि अस्पताल में ऐसी कोई भर्ती चल ही नहीं रही है।
विज्ञापन
डायल-112 की सूचना पर दो युवक हिरासत में
शक होने पर पीड़ित ने तत्काल डायल-112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अस्पताल परिसर से दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग के नाम का संदिग्ध फर्जी पहचान पत्र बरामद हुआ, जिसकी सत्यता की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
फर्जी भर्ती गिरोह के नेटवर्क की जांच शुरू
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हिरासत में लिए गए दोनों युवक मधेपुरा जिले के खालपाड़ा थाना क्षेत्र के बाभनगामा गांव के रहने वाले हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों किसी संगठित गिरोह से जुड़े हैं या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि अब तक कितने युवाओं को इसी तरह नौकरी का झांसा देकर ठगा गया है।
ये भी पढ़ें- Bihar: प्रभु श्रीराम के साथ गद्दारी करने वालों को नहीं बख्शेंगे', राम मंदिर मामले पर केंद्रीय मंत्री का बयान
निजी एजेंसी की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस संबंधित निजी एजेंसी की भूमिका की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि भर्ती के नाम पर संगठित फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद आरोपियों पर धोखाधड़ी, जालसाजी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा।
पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि सरकारी नौकरी से संबंधित किसी भी सूचना या नियुक्ति प्रस्ताव पर भरोसा करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या कार्यालय से उसकी पुष्टि अवश्य करें।