दलित किशोरी मौत मामला: तेजस्वी-पशुपति के हमलावर रुख के बाद LJPR बैकफुट पर, प्रदेश महासचिव को सभी पदों से हटाया
Dalit Teenager Death Case: एलजेपीआर पार्टी की ओर से बताया गया कि किशोरी की मौत के मामले को लेकर प्रदेश प्रभारी और जमुई सांसद अरुण भारती की अगुवाई में एक जांच टीम औरंगाबाद भेजी गई थी। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पार्टी ने यह बड़ा निर्णय लिया।
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बिहार की सियासत में उस वक्त भूचाल आ गया जब औरंगाबाद जिले में एक दलित किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया। मामले ने राजनीतिक रंग तब लिया जब किशोरी की मौत के आरोपियों में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रदेश महासचिव मनोज कुमार सिंह का नाम भी सामने आया। हत्या के इस गंभीर मामले में नाम आने के बाद पार्टी ने बुरे समय में मनोज सिंह से किनारा कर लिया है। LJP(R) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने मनोज कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से पार्टी के सभी पदों और दायित्वों से निलंबित कर दिया है। इस निलंबन के साथ पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह ऐसे मामलों में अपनी छवि को लेकर कोई समझौता नहीं करना चाहती।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर हुई कार्रवाई
पार्टी की ओर से बताया गया कि किशोरी की मौत के मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश प्रभारी और जमुई सांसद अरुण भारती की अगुवाई में एक जांच टीम औरंगाबाद भेजी गई थी। जांच टीम ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और मौके पर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की। टीम की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पार्टी ने यह बड़ा निर्णय लिया। मनोज सिंह को पार्टी से निलंबित किए जाने का पत्र भी जारी कर दिया गया है।
तेजस्वी यादव की एंट्री के बाद बदल गया मामला
इस मामले में शुरुआत में LJP(R) की ओर से मनोज सिंह का बचाव करने की कोशिश की गई थी। यहां तक कि पार्टी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जारी बयान में इस घटना को 'दुर्घटना' करार दिया गया था। लेकिन मामला तब बदल गया जब नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इसमें हस्तक्षेप किया। तेजस्वी ने तुरंत राजद की एक जांच टीम को औरंगाबाद भेजा।
राजद टीम ने पीड़ित परिवार से मिलकर इस मौत को सुनियोजित हत्या बताया और प्राथमिकी में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद LJP(R) को बैकफुट पर आना पड़ा। पार्टी ने अपने पहले ट्वीट को भूल बताते हुए सफाई दी और घटना को गंभीर बताया। यहीं से पार्टी ने मनोज सिंह से धीरे-धीरे दूरी बनानी शुरू कर दी।
राष्ट्रीय अध्यक्ष से निष्कासन की सिफारिश की तैयारी
पार्टी की जांच टीम के प्रमुख अरुण भारती ने औरंगाबाद पहुंचकर न सिर्फ पीड़ित परिवार से मुलाकात की, बल्कि मीडिया के सामने यह भी कहा कि वह इस मामले को लेकर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान से मनोज सिंह को पार्टी से निष्कासित करने की सिफारिश करेंगे। टीम जल्द ही अपनी रिपोर्ट पार्टी को सौंपेगी।
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पशुपति पारस ने भी साधा निशाना, सीबीआई जांच की मांग
इसी बीच राष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टी (रालोजपा) के अध्यक्ष और पूर्व केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस भी औरंगाबाद पहुंच गए। उन्होंने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की और LJP(R) पर सीधा हमला बोला। पारस ने कहा कि जब हत्या के मामले में गंभीर आरोप लगे हैं, तो उसे 'दुर्घटना' कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने सीबीआई जांच और नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
पार्टी की साख बचाने को उठाया कदम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तेजस्वी यादव और पशुपति पारस के हमलावर तेवरों के चलते ही LJP(R) को यह कठोर निर्णय लेना पड़ा। पार्टी अब अपनी छवि को बचाने के लिए मामले में निष्पक्षता दिखाने की कोशिश कर रही है। इसी रणनीति के तहत प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने मनोज सिंह को तत्काल प्रभाव से सभी पदों और दायित्वों से निलंबित कर दिया है।
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