Bihar: दूरदराज के विद्यार्थियों को नहीं लगानी पड़ेगी बोधगया की दौड़, औरंगाबाद में खुली मगध विश्वविद्यालय की शाखा
Aurangabad News: सिंहा कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि यह शाखा कार्यालय विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों का स्थानीय स्तर पर निष्पादन करेगा, जिससे छात्रों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी। छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सीधे इस कार्यालय में आ सकते हैं।
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औरंगाबाद और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को अब किसी कार्य के लिए बोधगया की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। उनके लिए अच्छी खबर यह है कि मगध विश्वविद्यालय ने हजारों छात्रों की चिर प्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए औरंगाबाद के सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज में विश्वविद्यालय का न केवल शाखा कार्यालय खोल दिया है, बल्कि इसका संचालन भी आरंभ हो गया है। औरंगाबाद में मगध विश्वविद्यालय की शाखा खुलने से अब छात्रों को पंजीकरण, नामांकन, प्रमाण पत्र में संशोधन अथवा विश्वविद्यालय स्तर के किसी भी कार्य के लिए बोधगया जाने की आवश्यकता नहीं होगी। सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज परिसर में ही इन सभी समस्याओं का समाधान संभव होगा।
सच्चिदानंद सिंहा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर कुमार मिश्रा ने बुधवार को प्रेसवार्ता में बताया कि मगध विश्वविद्यालय का यह शाखा कार्यालय न केवल छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगा बल्कि इससे जिले के शैक्षणिक ढांचे को भी मजबूती मिलेगी। इस कार्यालय के संचालन से छह संबद्धता प्राप्त कॉलेज, जिनमें औरंगाबाद जिले के पांच कॉलेज तथा अरवल जिले के कलेर स्थित एसडी कॉलेज शामिल हैं, के साथ-साथ 19 मान्यता प्राप्त कॉलेजों के कार्यों का निष्पादन सुचारू रूप से किया जा सकेगा। प्राचार्य ने कहा कि यह हमारी वर्षों की मेहनत और प्रतिबद्धता का परिणाम है कि आज औरंगाबाद में विश्वविद्यालय का शाखा कार्यालय स्थापित हो चुका है। इससे छात्रों को अब बोधगया के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनकी समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही होगा।
गौरतलब है कि इस शाखा कार्यालय का उद्घाटन 16 अक्तूबर 2023 को किया गया था, लेकिन इसका संचालन आज यानी 13 फरवरी 2025 से शुरू हुआ। इसे लेकर मगध विश्वविद्यालय ने सिंहा कॉलेज के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्रा को शाखा कार्यालय का विशेष पदाधिकारी नियुक्त किया है। उन्हीं की देखरेख में मगध विश्वविद्यालय का यह शाखा कार्यालय सुचारू रूप से संचालित होगा।
इसके लिए प्राचार्य ने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति एसपी शाही के प्रति कृतज्ञता जाहिर की है। प्राचार्य ने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एसपी शाही का विशेष आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी इच्छा शक्ति और मार्गदर्शन के कारण ही औरंगाबाद में यह शाखा कार्यालय खुलना संभव हो सका है। उन्होंने बताया कि वीसी ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए उनसे ब्लूप्रिंट मांगा था और निर्देश दिया था कि 20 फरवरी 2025 को सीनेट की बैठक के पूर्व यह शाखा कार्यालय कार्यरत हो जाना चाहिए। विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से यह कार्य समय पर पूरा हो गया है।
छात्रों को मिलेगा त्वरित समाधान, कर्मियों को भी होगी सहूलियत
प्राचार्य ने बताया कि यह शाखा कार्यालय विश्वविद्यालय से संबंधित कार्यों का स्थानीय स्तर पर निष्पादन करेगा, जिससे छात्रों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी। छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सीधे इस कार्यालय में आ सकते हैं और उनका समाधान यहीं से होगा। छात्रों की फाइलों की जांच कर उन्हें बोधगया भेजा जाएगा और समाधान भी उन्हें इसी शाखा कार्यालय से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक छात्रों की समस्या का निराकरण हम एक निश्चित टाइम फ्रेम के अंदर करने की कोशिश करेंगे, जिससे समय की बचत हो और छात्र अपनी शिक्षा पर ध्यान दे सकें। शाखा कार्यालय की सफलता को सुनिश्चित करने के शीघ्र ही विश्वविद्यालय अंतर्गत कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए भी उचित व्यवस्था की जाएगी ताकि उनका कार्यभार सुगम हो सके। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक दौर में इस शाखा कार्यालय के लिए आवश्यक संसाधन, मानव बल और इंफ्रास्ट्रक्चर की व्यवस्था सच्चिदानंद सिन्हा कॉलेज ही करेगा।
शहर के शैक्षणिक विकास में मील का पत्थर
प्राचार्य मिश्रा ने यह भी कहा कि यह कार्यालय औरंगाबाद के उच्च शिक्षा क्षेत्र के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन के संयुक्त प्रयास से छात्रों को भविष्य में और भी सुविधाएं दी जाएंगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि आने वाले समय में शाखा कार्यालय को पूर्ण रूप से डिजिटल किया जाएगा ताकि छात्रों को अधिक सुविधा और पारदर्शिता मिले। मगध विश्वविद्यालय का शाखा कार्यालय खुलने से औरंगाबाद के छात्रों के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है। प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्रा की दूरदृष्टि, संकल्प और अथक प्रयासों के चलते यह ऐतिहासिक उपलब्धि संभव हो सकी है। आने वाले समय में यह कार्यालय न केवल छात्रों की समस्याओं का समाधान करेगा बल्कि उच्च शिक्षा को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाएगा।