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Bihar: शराबबंदी के बीच सरकारी डॉक्टर की 'मधुशाला'? वायरल वीडियो से स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप
Tue, 07 Jul 2026 10:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जहानाबाद
Published by: अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Jul 2026 10:40 AM IST
सार
जहानाबाद सदर अस्पताल के एक सरकारी डॉक्टर और कुछ कर्मचारियों की कथित शराब पार्टी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की जांच के बाद ही मामले की सच्चाई सामने आएगी।
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सदर अस्पताल के डॉक्टर और कर्मचारियों की कथित शराब पार्टी
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बीच जहानाबाद सदर अस्पताल के एक सरकारी चिकित्सक और कुछ कर्मचारियों का कथित शराब पार्टी करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद जिले में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। हालांकि, अब तक इस वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सदर अस्पताल के सरकारी चिकित्सक डॉ. ए.के. नंदा और अस्पताल के कुछ कर्मचारियों के कथित रूप से शराब के साथ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो कब और कहां का है, इसकी अब तक किसी सक्षम अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।
वीडियो की पुष्टि नहीं, जांच का इंतजार
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की परिस्थितियों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है और उसमें सरकारी चिकित्सकों या कर्मचारियों द्वारा शराब सेवन की पुष्टि होती है, तो यह बिहार की शराबबंदी नीति और सरकारी सेवा आचरण नियमों से जुड़ा गंभीर मामला माना जा सकता है।
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सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। शराबबंदी वाले राज्य में शराब की उपलब्धता, उसके स्रोत और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
ये भी पढ़ें- हाथीपांव पर बिहार को क्या मिली उपलब्धि? UN-WHO को लेकर संजय झा ने नीतीश का योगदान याद किया
प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में सदर अस्पताल के सरकारी चिकित्सक डॉ. ए.के. नंदा और अस्पताल के कुछ कर्मचारियों के कथित रूप से शराब के साथ दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। हालांकि, वीडियो कब और कहां का है, इसकी अब तक किसी सक्षम अधिकारी ने पुष्टि नहीं की है।
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वीडियो की पुष्टि नहीं, जांच का इंतजार
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। ऐसे में वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें दिख रहे लोगों की पहचान और घटना की परिस्थितियों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। यदि जांच में यह वीडियो सही पाया जाता है और उसमें सरकारी चिकित्सकों या कर्मचारियों द्वारा शराब सेवन की पुष्टि होती है, तो यह बिहार की शराबबंदी नीति और सरकारी सेवा आचरण नियमों से जुड़ा गंभीर मामला माना जा सकता है।
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सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोग कई तरह के सवाल उठा रहे हैं। शराबबंदी वाले राज्य में शराब की उपलब्धता, उसके स्रोत और सरकारी कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, इन सभी सवालों के जवाब जांच पूरी होने और प्रशासन की आधिकारिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
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प्रशासनिक रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि वायरल वीडियो की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में जांच पूरी होने से पहले किसी भी दावे की पुष्टि नहीं की जा सकती। प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष और संबंधित अधिकारियों के आधिकारिक बयान के बाद ही मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।