मनरेगा बचाओ संग्राम: कांग्रेस नेताओं ने रखा उपवास, कई जिलों में दिया धरना; पूर्व विधायक का केंद्र पर हमला
Aurangabad News: मनरेगा के स्वरूप को बदले जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने बिहार में राज्यव्यापी अभियान शुरू किया है। इसी सिलसिले में रविवार को पार्टी ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों सहित औरंगाबाद में भी मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय उपवास सह धरना कार्यक्रम आयोजित किया।
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केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को बदले जाने के विरोध में कांग्रेस पार्टी ने बिहार में राज्यव्यापी अभियान चला रखा है। रविवार को कांग्रेस पार्टी ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत एक दिवसीय उपवास सह धरना कार्यक्रम आयोजित किया। इसी कड़ी में औरंगाबाद में भी जिला कांग्रेस कमिटी के बैनर तले पार्टी कार्यकर्ताओं ने शहर के सत्येंद्र नारायण सिन्हा स्मारक के समक्ष एक दिवसीय उपवास रखते हुए प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता पार्टी के कार्यकारी जिलाध्यक्ष महेंद्र यादव ने की। उपवास सह धरना में बतौर मुख्य अतिथि औरंगाबाद सदर के पूर्व विधायक आनंद शंकर सिंह शामिल हुए।
‘गांधी के नाम व विचार को समाप्त करने की साजिश कर रही मोदी सरकार’
इस मौके पर पूर्व विधायक ने कहा कि मोदी सरकार महात्मा गांधी के विचारों और उनके नाम को समाप्त करने की साजिश कर रही है। मनरेगा के बदले लाई जा रही नई योजना के तहत बिहार समेत देश के सभी राज्य सरकारों पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ दिया जा रहा है ताकि यह योजना समाप्त हो जाए। मनरेगा के समाप्त होने से बिहार के युवा पुनः पलायन करने को मजबूर होंगे।
‘नई योजना से बढ़ेगा राज्यों पर वित्तीय बोझ’
उन्होंने कहा कि अभी जब मनरेगा के तहत 90 प्रतिशत केंद्रांश दिया जाता था, तब भी इस मद में बिहार सरकार का 20 हज़ार करोड़ केंद्र पर बकाया है। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम पर चलने वाली योजना मनरेगा का नाम बदलना गांधी जी के अपमान के समान है। यह योजना महात्मा गांधी की गरिमा और सम्मान से जुड़ी हुई है।
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‘नए अधिनियम में समाप्त किए जा रहे राज्यों के अधिकार’
उन्होंने कहा कि केंद्र यह तर्क दे रहा है कि नई योजना में 100 दिन के बजाय 125 दिन की रोजगार गारंटी दी जा रही है, लेकिन सच्चाई यह है कि नए अधिनियम में राज्य सरकारों के अधिकार लगभग समाप्त कर दिए गए हैं। योजना को मिशन का रूप देकर यह स्पष्ट संकेत दिया गया है कि यह स्थायी अधिकार नहीं, बल्कि अस्थायी अभियान की तरह चलाया जाएगा, जिसे सरकार अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी समाप्त कर सकती है। कांग्रेस पार्टी मनरेगा को समाप्त करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। पार्टी मनरेगा को बचाने के लिए लगातार सड़क पर संघर्ष करेगी।
उपवास में ये लोग रहे शामिल
उपवास सह धरना में कांग्रेस के वरीय नेता शैलेंद्र कुमार द्विवेदी उर्फ शैलू दुबे, अरविंद शर्मा, शैलेंद्र मिश्र शैल, अरविंद सिंह, राशिद अली खान, जिला पार्षद सुरेंद्र यादव, प्रदीप कुमार सिंह उर्फ लुटूर सिंह, चुलबुल सिंह, जिला पार्षद सह कांग्रेस महिला सेल की जिलाध्यक्ष गायत्री देवी, अल्पसंख्यक सेल के जिलाध्यक्ष जुल्फिकार हैदर, युवा कांग्रेस के जिलाध्यक्ष धर्मेंद्र पासवान, जिला उपाध्यक्ष उदय पासवान, सूरज राय, विजय पांडेय, औरंगाबाद सदर प्रखंड अध्यक्ष बृजकिशोर सिंह, देव प्रखंड अध्यक्ष रवींद्र कुमार सिंह, रत्नाकर सिंह, सोमनाथ ठाकुर, मदनपुर प्रखंड अध्यक्ष लालदेव यादव, रफीगंज प्रखंड अध्यक्ष सुजीत सिंह, हसपुरा प्रखंड अध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह, नवीन कुमार, नागेंद्र सिंह, रवींद्र कुमार सिंह, इरफान अंसारी, अमरेंद्र सिंह, नरेश यादव, मनोज पांडेय, मो. जिन्ना, अजीम खान, वीरेंद्र कुमार सिंह, नीरज सिंह, अशोक कुमार, शिल्पी कुमारी, प्रियंका देवी, सरस्वती देवी, बेबी सिंहा, रिंकू सिंह, सिकंदर सिंह, रामजन्म यादव, धनंजय यादव, भोला राम, रौशन पांडेय एवं विवेक कुमार आदि दर्जनों कांग्रेस नेता-कार्यकर्ता शामिल रहे।
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