खेलो इंडिया यूथ गेम्स: औरंगाबाद की फेंसर गुंजन ने जीता गोल्ड, अरलिन एवी ने दूसरी बार स्वर्ण पदक किया हासिल
Bihar: पुरुष सेबर व्यक्तिगत फाइनल में तमिलनाडु के अरलिन एवी ने चंडीगढ़ के कुलराज पनव शर्मा को 15-11 से हराकर लगातार दूसरी बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। अरलिन की तेज चाल और फुर्ती ने उन्हें मुकाबले में बढ़त दिलाई।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 की फेंसिंग प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जहां महिला एपी और पुरुष सेबर व्यक्तिगत इवेंट्स में युवा खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया।महिला एपी व्यक्तिगत फाइनल में चंडीगढ़ की गुंजन ने हरियाणा की पलक को 15-5 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। गुंजन ने पूरे मुकाबले में सटीक और तेज खेल दिखाया। उन्होंने पलक के जूतों और पैरों को बार-बार निशाना बनाया, जो एपी फेंसिंग में वैध टारगेट माने जाते हैं। उनकी इस रणनीति के आगे पलक की रक्षात्मक चालें कमजोर पड़ गईं। इस इवेंट में हरियाणा की दीपांशी और तेलंगाना की अदीबा हुरैन को कांस्य पदक मिला।
गुंजन इस समय एनसीओई औरंगाबाद में ट्रेनिंग कर रही हैं। उन्होंने अपनी जीत का श्रेय अपने कोच और परिवार को दिया। गुंजन ने बताया कि दो साल से वे इस ट्रेनिंग सेंटर का हिस्सा हैं और वहां से मिलने वाला सहयोग उनकी तकनीक, स्टैमिना और मानसिक मजबूती को बेहतर करने में काफी मददगार रहा है। उनके कोच शंकर नारायणन ने कहा कि गुंजन की मेहनत, लगन और सीखने की इच्छा ने उन्हें यह मुकाम दिलाया।
पुरुष सेबर व्यक्तिगत फाइनल में तमिलनाडु के अरलिन एवी ने चंडीगढ़ के कुलराज पनव शर्मा को 15-11 से हराकर लगातार दूसरी बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। अरलिन की तेज चाल और फुर्ती ने उन्हें मुकाबले में बढ़त दिलाई। हरियाणा के लिवजोत और उज्जवल को इस वर्ग में कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।
अरलिन इस समय पुणे के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट में अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने जीत के बाद अपने पिता और कोचों का धन्यवाद किया। अरलिन के पिता अरुल ने भी अपने बेटे की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि उन्हें अपने बेटे पर गर्व है।
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खेलो इंडिया यूथ गेम्स जैसे आयोजन युवा खिलाड़ियों को निखरने और अपनी प्रतिभा दिखाने का बेहतरीन मंच दे रहे हैं। गुंजन और अरलिन जैसे फेंसरों की सफलता यह संकेत देती है कि भारत का फेंसिंग में भविष्य काफी उज्ज्वल है।