Bihar: विधि विरुद्ध किशोर को जेजे बोर्ड ने सुनाई अनूठी सजा, 15 दिनों तक करनी होगी मंदिर में सामुदायिक सेवा
Bihar: बोर्ड ने अपने आदेश की कॉपी देव सूर्य मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव को भेजी है। साथ ही सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूरत में विधि विरुद्ध किशोर की पहचान उजागर नहीं की जाएगी।
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किशोर न्याय बोर्ड, औरंगाबाद ने एक विधि विरुद्ध किशोर को अनूठी सजा सुनाई है। बोर्ड के प्रधान न्यायाधीश सह अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (एसीजेएम) सुशील प्रसाद सिंह ने बुधवार को जीआर संख्या-917/22 एवं जेजेबी वाद संख्या-420/25 में सुनवाई के बाद यह आदेश दिया। फैसले के तहत किशोर को औरंगाबाद के विश्व प्रसिद्ध देव सूर्य मंदिर में 15 दिनों तक सामुदायिक सेवा करनी होगी।
मंदिर प्रबंधन को सौंपी गई जिम्मेदारी
बोर्ड ने अपने आदेश की कॉपी देव सूर्य मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष और सचिव को भेजी है। साथ ही सख्त निर्देश दिया गया है कि किसी भी सूरत में विधि विरुद्ध किशोर की पहचान उजागर नहीं की जाएगी। सामुदायिक सेवा की अवधि में मंदिर प्रबंधन को किशोर के आचरण और व्यवहार की रिपोर्ट न्याय बोर्ड में प्रस्तुत करनी होगी।
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नजीर साबित होगा फैसला
अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने बताया कि यह फैसला नजीर है। इससे विधि विरुद्ध किशोर को सुधरने का अवसर मिलेगा और समाज को भी संदेश जाएगा कि अपराध करने की बजाय सुधार और सकारात्मक दिशा अपनाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि यह फैसला एक तरह का सामाजिक दंड है, जो अन्य किशोरों को भी अपराध की राह से दूर रहने की प्रेरणा देगा।