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Bihar: जेल से हथकड़ी में पहुंचे निवर्तमान पैक्स अध्यक्ष, पत्नी के नामांकन में दिया भावुक भाषण, रो पड़े परिजन
Wed, 13 Nov 2024 09:22 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Wed, 13 Nov 2024 09:22 PM IST
सार
Aurangabad News: पैक्स चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन उमेश यादव अपनी पत्नी के समर्थन में जेल से बाहर आए। न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें पुलिस सुरक्षा में लाया गया, ताकि वे अपनी पत्नी के नामांकन के दौरान उपस्थित रह सकें। पढ़ें पूरी खबर...।
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हथकड़ी में ही भाषण देते उमेश यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
औरंगाबाद जिले में प्राथमिक कृषि साख सहयोग समितियों (पैक्स) के चुनाव के प्रथम चरण में देव के पूर्वी केताकी पैक्स अध्यक्ष पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया के दौरान एक भावनात्मक दृश्य देखने को मिला। देव के पूर्वी केताकी पैक्स के निवर्तमान अध्यक्ष उमेश यादव अपनी पत्नी शांति देवी का नामांकन कराने के लिए विशेष अनुमति पर हथकड़ी में पुलिस अभिरक्षा में पहुंचे। उमेश हत्या और शस्त्र अधिनियम के मामले में जेल में सजा काट रहे हैं।
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पैक्स चुनाव में नामांकन के अंतिम दिन उमेश यादव अपनी पत्नी के समर्थन में जेल से बाहर आए। न्यायालय के आदेशानुसार उन्हें पुलिस सुरक्षा में लाया गया, ताकि वे अपनी पत्नी के नामांकन के दौरान उपस्थित रह सकें और उनके लिए अपना समर्थन व्यक्त कर सकें। पत्नी के नामांकन कराने के बाद उमेश यादव ने वहां उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। फिर भावुक होकर पिछले कार्यकाल की उपलब्धियों और अपने प्रति जनता की निष्ठा का आभार जताया।
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मांगी माफी, सेवा में कमी न होने देने का किया वादा
उमेश यादव ने अपने भाषण में कहा कि वे पिछले दो वर्षों से जेल में बंद हैं। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अपने कार्यकाल में पैक्स के सदस्य किसानों के हितों को पूरा करने का हर संभव प्रयास किया। उन्होंने किसानों का धान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद कराकर 24 से 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया। उमेश ने जनता से कहा कि हो सकता है कि अनजाने में मुझसे कोई गलती हुई हो। मैं आपका भाई, भतीजा और बेटा हूं और आपसे माफी मांगता हूं। मेरी ओर से आपकी सेवा में कोई कमी नहीं रहेगी। उनकी इस अपील को सुनकर उनके परिवारजन भावुक हो गए और उनकी पत्नी और बेटे-भतीजे की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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न्यायिक आदेश के तहत मिला नामांकन में शामिल होने का मौका
उमेश यादव पर हत्या और शस्त्र अधिनियम के तहत देव थाना में प्राथमिकी संख्या 29/2016 के अंतर्गत मामला दर्ज है। औरंगाबाद मंडल कारा के अधीक्षक सुजीत झा ने जानकारी दी कि उमेश यादव हत्या और शस्त्र अधिनियम के एक मामले में जेल में बंद हैं। उन्हें औरंगाबाद के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे)-10 की अदालत द्वारा नामांकन में अपनी पत्नी का साथ देने की अनुमति मिली, जिसके तहत उन्हें पुलिस अभिरक्षा में लाया गया। नामांकन के बाद उन्हें वापस जेल ले जाया गया।
परिजनों और समर्थकों का भावनात्मक क्षण
अपने पति के भावुक भाषण के दौरान शांति देवी और उनके बेटे-भतीजे भीड़ के बीच भावुक हो गए। भीड़ में मौजूद समर्थकों ने उन्हें सांत्वना दी। उमेश यादव के इस कृत्य को देख कई समर्थक भी भावुक हो उठे और उनके समर्थन में नारे लगाए। अपने पति की अनुपस्थिति में चुनाव लड़ने की चुनौती से जूझ रही शांति देवी ने भीड़ को धन्यवाद दिया और चुनाव में सहयोग की अपील की।