फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Darbhanga News ›   Darbhanga News Viral mad doctor Rohit Ram who distributed prescriptions to people will be treated in Gorakhpur

Bihar: लोगों को दवा के पर्चे बांटने वाले वायरल ‘पागल डॉक्टर’ का गोरखपुर में होगा इलाज, संस्था ने किया रेस्क्यू

Tue, 14 Jan 2025 08:20 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Tue, 14 Jan 2025 08:20 PM IST
सार

Darbhanga News: सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रोहित सड़कों पर घूमते हुए लोगों को दवाओं की पर्ची लिखकर देते नजर आ रहे थे। उनकी अनोखी हरकतें चर्चा का विषय बन गईं। इसके बाद गोरखपुर की संस्था ने इलाज के लिए उनका रेस्क्यू किया।

विज्ञापन
Darbhanga News Viral mad doctor Rohit Ram who distributed prescriptions to people will be treated in Gorakhpur
वायरल 'पागल डॉक्टर' रोहित दवा का पर्चा बनाते हुए - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दरभंगा जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव के निवासी रोहित राम को ‘पागल डॉक्टर’ के रूप में जाना जा रहा है। उनका वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। फर्राटेदार अंग्रेजी में बातचीत करने और राह चलते लोगों को दवा का पर्चा लिखने वाले रोहित की कहानी ने लोगों को चौंका दिया है। पिछले सात वर्षों से मानसिक असंतुलन के कारण सड़कों पर भटकने वाले रोहित को अब उत्तर प्रदेश की गोरखपुर स्थित संस्था ‘स्माइल रोटी बैंक’ ने इलाज के लिए रेस्क्यू किया है।

विज्ञापन

 
सोशल मीडिया से बदली जिंदगी
जानकारी के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में रोहित सड़कों पर घूमते हुए लोगों को दवाओं की पर्ची लिखकर देते नजर आ रहे थे। यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ और उनकी अनोखी हरकतें चर्चा का विषय बन गईं। स्माइल रोटी बैंक ने स्वामी विवेकानंद जयंती के अवसर पर उन्हें रेस्क्यू कर गोरखपुर ले जाकर इलाज का बीड़ा उठाया है।
विज्ञापन

 
रोहित राम की शिक्षा, संघर्ष और गिरावट की कहानी
रोहित राम का जन्म सिमरी थाना क्षेत्र के मिश्रौली गांव में एक गरीब परिवार में हुआ। आठवीं तक पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने दिल्ली का रुख किया। वहां वे एक दवा की दुकान में काम करने लगे। वर्ष 2013 में दिल्ली में काम करते हुए रोहित को नशे की लत लग गई, जिसके चलते उनका मानसिक संतुलन बिगड़ने लगा। परिवार ने उन्हें 2014 में रांची मानसिक अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन स्थिति में केवल अस्थायी सुधार हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
दो शादियां, टूटा परिवार और सड़कों पर जीवन
रोहित की पहली शादी 2005 में पंचोभ पंचायत की पुनीता देवी से हुई, जिनसे उन्हें एक बेटी है। मानसिक अस्थिरता के कारण पुनीता ने बाद में रोहित के छोटे भाई से शादी कर ली। 2016 में रोहित की दूसरी शादी प्रियंका देवी से हुई, जिससे उनका एक बेटा है। लेकिन रोहित की बिगड़ती स्थिति के चलते प्रियंका भी तीन साल पहले उन्हें छोड़कर चली गईं।
 
परिवार की बेबसी
रोहित का परिवार भूमिहीन है और दैनिक मजदूरी करके जैसे-तैसे गुजारा करता है। परिवार ने उनकी इलाज की कई कोशिशें कीं, लेकिन आर्थिक स्थिति के कारण वे असफल रहे। उनके पिता राम श्रेष्ठराम ने बताया कि अब वे पूरी तरह हार चुके हैं और रोहित को सड़कों पर भटकते हुए देखना उनकी मजबूरी बन गई थी।

 
स्माइल रोटी बैंक की पहल
गोरखपुर की संस्था स्माइल रोटी बैंक ने रोहित की स्थिति पर संज्ञान लिया और उन्हें इलाज के लिए अपने साथ ले गई। संस्था ने कहा है कि रोहित का इलाज अच्छे मानसिक स्वास्थ्य केंद्र में कराया जाएगा ताकि उनकी जिंदगी को वापस पटरी पर लाया जा सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed