फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Darbhanga News ›   darbhanga engineering college principal dr sandeep tiwari transfer corruption technical equipment inquiry

Bihar: दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य का हुआ तबादला, जानें क्यों विभाग ने उठाया ये कदम

Wed, 24 Dec 2025 10:12 AM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Wed, 24 Dec 2025 10:12 AM IST
सार

दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी का तबादला विज्ञान, प्रोद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने किया। उन पर 27 लाख रुपये से अधिक का भुगतान बिना तकनीकी सत्यापन के करने, अधिवक्ताओं के मामलों में विभाग को अंधेरे में रखने और सरकारी निर्देशों की अवहेलना करने का आरोप था।

विज्ञापन
darbhanga engineering college principal dr sandeep tiwari transfer corruption technical equipment inquiry
दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दरभंगा इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी के खिलाफ विज्ञान, प्रोद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने गंभीर कार्रवाई करते हुए उनका तत्काल प्रभाव से शेखपुरा के कॉलेज में तबादला कर दिया है। डॉ. तिवारी पर 27 लाख रुपये से अधिक की राशि का भुगतान बिना तकनीकी सत्यापन किए करने का आरोप था। इस मामले की जांच तकनीकी शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने की थी।

विज्ञापन

जांच टीम में विभाग के सहायक निदेशक अतिकुर रहमान, अतिरिक्त वित्तीय सलाहकार मनीष कांत झा और अवर सचिव सह निदेशक अहमद महमूद शामिल थे। टीम की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करते हुए विभाग ने डॉ. संदीप तिवारी को तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया।

विज्ञापन

जानकारी के अनुसार, प्राचार्य डॉ. संदीप तिवारी ने कॉलेज में तकनीकी उपकरणों की खरीद में बड़ी राशि का भुगतान फर्जी तरीके से किया था। जांच में पाया गया कि इलेक्ट्रिकल विभाग में मशीन, लैब और पावर इलेक्ट्रॉनिक्स लैब के लिए कुल 27 लाख 31 हजार 606 रुपये का भुगतान बिना किसी तकनीकी सत्यापन के किया गया। इसके अलावा, लैंग्वेज लैब के लिए खरीदी गई मशीन के डाइमेंशन और स्पेसिफिकेशन विभाग के मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।

विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें: मुजफ्फरपुर में युवक की संदिग्ध मौत, झाड़-फूंक का आरोप लगाकर परिजनों ने भगत को बनाया बंधक

जांच समिति ने क्रय किए गए कुछ उपकरणों को आवश्यक और कुछ को अनावश्यक बताया। सबसे बड़ा आरोप यह भी सामने आया कि प्राचार्य ने कॉलेज की ओर से नियुक्त अधिवक्ताओं के मामलों में विभाग को पूरी तरह अंधेरे में रखा। साथ ही, यह भी पाया गया कि डॉ. तिवारी सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते थे। नीट परीक्षा में 20 अंकों के लिए संचालित करने के निर्देश के बावजूद उन्होंने इसे 40 अंकों के लिए संचालित किया। प्राचार्य ने यह सभी आरोप जांच समिति के सामने स्वीकार किए। कार्यवाही के बाद कॉलेज में हड़कंप मच गया है। विभाग ने तत्काल प्रभाव से चंदन कुमार को वित्तीय शक्ति देते हुए नया प्राचार्य नियुक्त कर दिया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed