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Bihar: शौचालय घोटाले में कोर्ट से पूर्व मेयर-डिप्टी मेयर समेत नौ को झटका, चुनाव लड़ने पर रोक; वसूली के भी आदेश

Mon, 06 Jul 2026 08:29 AM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दरभंगा Published by: दरभंगा ब्यूरो Updated Mon, 06 Jul 2026 08:29 AM IST
सार

दरभंगा नगर निगम के शौचालय टेंडर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर समेत नौ पूर्व जनप्रतिनिधियों को राहत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने चुनाव लड़ने पर लगा प्रतिबंध बरकरार रखते हुए 27.19 लाख रुपये की वसूली के निर्देश भी दिए हैं।

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Darbhanga Toilet Scam Supreme Court Shock for Ex-Mayor and Deputy Mayor Banned from Polls
नगर निगम दरभंगा - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

दरभंगा नगर निगम के चर्चित सार्वजनिक शौचालय टेंडर मामले में पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर समेत नौ पूर्व जनप्रतिनिधियों को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग की कार्रवाई को बरकरार रखते हुए इन सभी के नगर निकाय चुनाव लड़ने पर लगे प्रतिबंध को कायम रखा है। साथ ही नगर निगम को हुए 27.19 लाख रुपये के नुकसान की वसूली के निर्देश भी दिए हैं।
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यह मामला वर्ष 2016 से 2019 के बीच सार्वजनिक शौचालयों की बंदोबस्ती से जुड़ा है। आरोप है कि तत्कालीन नगर निगम प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करते हुए एक निजी ठेकेदार को करीब 27.19 लाख रुपये की अनुचित वित्तीय राहत दे दी, जिससे नगर निगम को राजस्व का नुकसान हुआ।
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2018 की शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
इस मामले की शिकायत वर्ष 2018 में तत्कालीन वार्ड पार्षद मधुबाला सिन्हा, पूर्व पार्षद प्रदीप गुप्ता और अन्य पार्षदों ने प्रमंडलीय आयुक्त से की थी। जांच में वित्तीय अनियमितता की पुष्टि होने के बाद बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग ने दिसंबर 2021 में तत्कालीन मेयर बैजयंती देवी खेड़िया, डिप्टी मेयर बदरुज्मा खान तथा सशक्त स्थायी समिति के अन्य सदस्यों को पद से हटा दिया था।
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हाईकोर्ट के बाद सुप्रीम कोर्ट से भी राहत नहीं
विभागीय कार्रवाई को चुनौती देते हुए सभी आरोपियों ने पहले पटना हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। हालांकि दोनों अदालतों ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं और राज्य सरकार के फैसले को सही ठहराया।

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नियमों के अनुसार, वित्तीय अनियमितता या भ्रष्टाचार के आरोप में पद से हटाए गए जनप्रतिनिधि नगर निकाय चुनाव लड़ने के पात्र नहीं होते। ऐसे में पूर्व मेयर, पूर्व डिप्टी मेयर सहित नौ लोगों के **2027 के नगर निगम चुनाव लड़ने पर फिलहाल रोक बनी रहेगी।


27.19 लाख रुपये की वसूली के भी आदेश
सुप्रीम कोर्ट ने विभागीय कार्रवाई को बरकरार रखते हुए संबंधित सभी आरोपियों से नगर निगम को हुए 27.19 लाख रुपये के नुकसान की वसूली करने का भी निर्देश दिया है।
जानकारों का कहना है कि भविष्य में यदि सभी कानूनी और विभागीय शर्तें पूरी होती हैं तथा वसूली संबंधी प्रक्रिया पूरी हो जाती है, तो उनकी चुनावी पात्रता को लेकर अलग से निर्णय हो सकता है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला सक्षम प्राधिकारी और लागू नियमों के अनुसार ही होगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद दरभंगा की स्थानीय राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है और 2027 के नगर निगम चुनाव को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
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