बिहार: जंतर-मंतर विवाद के बाद दरभंगा के इस गांव में आक्रोश, स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में परिवार व ग्रामीण
दिल्ली के जंतर-मंतर विवाद के बाद चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज के समर्थन में उनके पैतृक गांव ओझौल में भी आवाज उठने लगी है। परिजनों और ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए स्वतंत्र पर लगी पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट की धाराओं पर सवाल उठाए हैं।
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दिल्ली के जंतर-मंतर विवाद के बाद चर्चा में आए स्वतंत्र भारद्वाज के पैतृक गांव बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में भी उनके समर्थन में आवाज उठने लगी है। परिवार के साथ ग्रामीणों में भी स्वतंत्र को लेकर अपनापन और समर्थन देखने को मिल रहा है।
परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि दोनों पक्षों की भूमिका है तो जांच भी दोनों पक्षों की होनी चाहिए। परिवार ने स्वतंत्र के खिलाफ पॉक्सो और एससी-एसटी एक्ट समेत दर्ज धाराओं को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
परिवार ने दिल्ली में स्वतंत्र के समर्थन में प्रदर्शन करने वालों के प्रति आभार जताया। वहीं, ओझौल गांव के ग्रामीणों ने कहा कि स्वतंत्र का गांव से पुराना जुड़ाव है और गांव का प्यार और अपनापन आज भी उसके साथ है।
स्वतंत्र भारद्वाज के चाचा रंजीत झा ने न्यायपालिका पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति से प्रेरित होकर स्वतंत्र को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र राष्ट्र की बात किया करता था। वहीं, उनका आरोप है कि विवाद के दौरान दूसरे पक्ष की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्र और देवी-देवताओं को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई, जिससे नाराजगी के कारण झड़प हुई।
रंजीत झा ने आरोप लगाया कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग मिलकर उनके भतीजे पर पॉक्सो एक्ट और एससी-एसटी एक्ट जैसी धाराएं लगाकर उसे चारों तरफ से फंसाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से इन धाराओं को हटाने की मांग की है।
वहीं, दूसरे चाचा अजित झा ने सरकार से मामले की निष्पक्ष और सही तरीके से जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि कार्रवाई होनी है तो दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने स्वतंत्र को निर्दोष बताते हुए उसकी शीघ्र रिहाई की मांग की।
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अजित झा ने कहा कि स्वतंत्र के खिलाफ वीडियो के आधार पर कार्रवाई की गई है, जिसमें उस पर नीशू के पिता का सिर फोड़ने का आरोप लगाया गया है। उनका दावा है कि यह जानबूझकर नहीं हुआ था। उनके अनुसार, पहले से चल रहे विवाद के दौरान स्वतंत्र को घेर लिया गया था और कथित तौर पर मॉब लिंचिंग का प्रयास किया जा रहा था। इसी दौरान स्वतंत्र ने बचाव में प्रतिक्रिया दी, जिससे उसके हाथ में पहने कड़े से नीशू के पिता के सिर में चोट लग गई।