बिहार: पत्नी की हत्या कर शव जलाने का आरोपी पति 13 माह बाद गिरफ्तार, सास-ससुर पहले ही जा चुके हैं जेल
समस्तीपुर के विद्यापतिनगर में नवविवाहिता पानो देवी की हत्या कर शव जलाने के मामले में पुलिस ने 13 माह बाद पति अमित सहनी को गिरफ्तार किया है। सास-ससुर पहले ही गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों की भूमिका और मौत की वजह की जांच कर रही है।
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समस्तीपुर जिले के विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र के खनुआं गांव में नवविवाहिता पानो देवी की हत्या कर शव गायब करने और उसे जलाने के मामले में पुलिस ने 13 माह बाद उसके पति अमित सहनी को गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले पुलिस मृतका की सास सुकमरिया देवी और ससुर हुलस सहनी को गिरफ्तार कर चुकी है। पति की गिरफ्तारी के बाद मामले में नामजद ससुराल पक्ष के तीन प्रमुख आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए हैं। पुलिस अमित सहनी से पूछताछ कर घटना की पूरी कड़ी जोड़ने में जुटी है।
पुलिस के अनुसार, मृतका की मां वीणा देवी के आवेदन पर विद्यापतिनगर थाने में कांड संख्या 107/25 दर्ज किया गया था। प्राथमिकी में पति अमित सहनी, ससुर हुलस सहनी और सास सुकमरिया देवी समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया था। पानो देवी की शादी जनवरी 2025 में अमित सहनी के साथ हुई थी। शादी के करीब छह महीने बाद उसकी मौत की घटना सामने आई।
तबीयत खराब होने की सूचना देकर बुलाया, फिर बताया- घर से चली गई
पुलिस जांच के अनुसार, पांच जुलाई 2025 को पानो देवी की ससुराल से उसकी मां को बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना दी गई। वीणा देवी खनुआं स्थित बेटी की ससुराल पहुंचीं तो उन्हें बताया गया कि पानो घर से भागकर कहीं चली गई है। बेटी के अचानक गायब होने और ससुराल पक्ष के इस कथन पर संदेह होने के बाद मां ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से शिकायत की।
सास-ससुर की गिरफ्तारी के बाद शव जलाने की बात सामने आई
मामले में पुलिस लंबे समय से आरोपियों की तलाश कर रही थी। गत 29 सितंबर को पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हुलस सहनी और उसकी पत्नी सुकमरिया देवी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पानो देवी के शव को घटना के बाद चमथा मेला घाट पर जलाए जाने की बात सामने आई।
अब पति अमित सहनी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस घटना में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि पानो देवी की मौत किन परिस्थितियों में हुई और शव को जलाने की घटना में कौन-कौन शामिल था।
शव बरामद नहीं, साक्ष्यों का सत्यापन जारी
पुलिस के सामने मामले में सबसे अहम चुनौती मृतका के शव और उससे जुड़े साक्ष्यों की है। थानाध्यक्ष सूरज कुमार ने बताया कि शव जलाए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आरोपियों के बयानों के अलावा उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।
अन्य आरोपियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
मृतका की मां के आवेदन पर दर्ज मामले में नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही थी। सास-ससुर के बाद पति की गिरफ्तारी से जांच को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की बात पुलिस कह रही है। मामले में नामजद अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।