फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   coronavirus bihar govt planning for plasma therapy at AIIMS Patna says Principal Health Secretary Sanjay Kumar

कोरोना वायरस: दिल्ली के बाद अब पटना एम्स में प्लाज्मा थेरेपी से होगा मरीजों का इलाज

Sat, 25 Apr 2020 11:57 AM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: Sneha Baluni Updated Sat, 25 Apr 2020 11:57 AM IST
विज्ञापन
coronavirus bihar govt planning for plasma therapy at AIIMS Patna says Principal Health Secretary Sanjay Kumar
दिल्ली के बाद बिहार में होगा प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल (फाइल फोटो) - फोटो : PTI

दिल्ली के बाद अब बिहार सरकार पटना एम्स में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करन के लिए प्लाज्मा थेरेपी का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। इस बात की जानकारी प्रमुख स्वास्थ्य सचिव संजय कुमार ने दी। वहीं दिल्ली में इस थेरेपी के शुरुआती नतीजे उत्साहजनक आए हैं। जिससे कोरोना वायरस के गंभीर रूप से बीमार लोगों के इलाज के लिए उम्मीद की किरण नजर आई है।

विज्ञापन


बिहार में कोरोना संक्रमितों की संख्या हुई 225
राज्य में वायरस संक्रमण के 55 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 225 हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार ने बताया कि मुंगेर जिले के 31, बक्सर जिले के नया भोजपुर में 14, नालंदा में तीन, पटना एवं औरंगाबाद में दो-दो, बांका, मधेपुरा और सारण में एक-एक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले सामने आए हैं।
विज्ञापन


उन्होंने बताया कि मुंगेर जिले के जमालपुर के सदर बाजार में जो कोरोना वायरस संक्रमण के 20 मामले सामने आए हैं उनमें 14 पुरुष और 16 महिलाएं हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी लोग कोविड-19 मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए हैं और अब इनके संपर्क में आए लोगों की पता लगाया जा रहा है। संजय ने बताया कि मुंगेर जिले के गुमटी नंबर-2 निवासी एक महिला (64) में भी कारोना वायरस संक्रमण की पुष्टि हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शुरुआती नतीजे उत्साहजनक: अरविंद केजरीवाल
वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शुक्रवार को कहा कि कोविड-19 के चार रोगियों पर किए गए प्लाज्मा थेरेपी परीक्षण के प्रारंभिक नतीजे काफी उत्साहजनक हैं। जिससे कोरोना वायरस के कारण गंभीर रूप से बीमार लोगों के इलाज के लिए उम्मीद की किरण नजर आई है।

केजरीवाल ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अगले दो-तीन दिनों में प्लाज्मा थेरेपी के और अधिक नैदानिक परीक्षण किए जाएंगे और उनकी सरकार दिल्ली में कोविड-19 संक्रमण के सभी गंभीर रोगियों पर इस थेरेपी का इस्तेमाल करने के लिए केंद्र की मंजूरी लेगी। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि केंद्र सरकार इस उपचार पद्धति के लिए मंजूरी देगी।

क्या होती है प्लाज्मा थेरेपी
प्लाज्मा थेरेपी से इलाज इस धारणा पर आधारित है कि वे मरीज जो किसी संक्रमण से उबर जाते हैं उनके शरीर में संक्रमण को बेअसर करने वाले प्रतिरोधी एंटीबॉडीज विकसित हो जाते हैं। इन एंटीबॉडीज की मदद से कोविड-19 रोगी के रक्त में मौजूद वायरस को खत्म किया जा सकता है।


कोविड-19 में इलाज से ठीक हुए लोग ही इस थेरेपी में डोनर बन सकते हैं। इस थेरेपी के लिए जारी दिशा-निर्देश के मुताबिक, 'किसी मरीज के शरीर से एंटीबॉडीज उसके ठीक होने के दो हफ्ते बाद ही लिए जा सकते हैं और उस रोगी का कोविड-19 का एक बार नहीं, बल्कि दो बार टेस्ट किया जाना चाहिए।' ठीक हो चुके मरीज का एलिजा (एन्जाइम लिन्क्ड इम्युनोसॉर्बेन्ट ऐसे) टेस्ट किया जाता है जिससे उनके शरीर में एंटीबॉडीज की मात्रा का पता लगता है। लेकिन ठीक हो चुके मरीज के शरीर से रक्त लेने से पहले राष्ट्रीय मानकों के तहत उसकी शुद्धता की भी जांच की जाती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed