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बिहार: होली और गुड फ्राइडे के दिन शिक्षकों के प्रशिक्षण वार्षिक परीक्षाओं पर विवाद, तेजस्वी ने की यह मांग

Mon, 25 Mar 2024 06:05 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: जलज मिश्रा Updated Mon, 25 Mar 2024 06:05 AM IST
सार

परिपत्र सभी शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (सीटीई), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पीटीईसी), ब्लॉक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (बीआईईटी) के प्राचार्यों व अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।

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Controversy over teachers training and annual examinations on Holi and Good Friday
तेजस्वी यादव। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में शिक्षा विभाग के होली और गुड फ्राइडे पर सरकारी शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और छात्रों की वार्षिक परीक्षाओं के कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस मामले में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से हस्तक्षेप की मांग की है।

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20 मार्च को राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से जारी एक पत्र में कहा गया कि संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि इससे पहले प्रशिक्षण सत्र में भाग नहीं लेने वाले सभी प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों (पहली से पांचवीं कक्षा तक) को छह-दिवसीय प्रशिक्षण सत्र में भाग लेना होगा। परिषद 25 से 30 मार्च तक फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (एफएलएन) प्रशिक्षण कार्यक्रम करेगा। परिपत्र सभी शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (सीटीई), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डीआईईटी), प्राथमिक शिक्षक शिक्षा महाविद्यालय (पीटीईसी), ब्लॉक शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (बीआईईटी) के प्राचार्यों व अन्य संबंधित अधिकारियों को भेजा गया है।
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शिक्षा और युवाओं से जुड़े ज्वलंत मुद्दे पर तेजस्वी लगातार नीतीश सरकार को घेर रहे हैं।......
बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (टीआरई)-3 में प्रश्न पत्र लीक मामले में झारखंड के हजारीबाग से 270 से अधिक अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया गया है। बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। अब इस मामले में राजनीति शुरू हो गई है। पक्ष-विपक्ष एक दूसरे के खिलाफ बयानबाजी कर रहे हैं। राजद नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होना, इस बात का सबूत है कि एनडीए शासन के तहत राज्य में माफिया राज चल रहा है।
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तेजस्वी ने पूछा- अब ऐसा क्यों हो रहा है
बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 15 मार्च को ली गई शिक्षक भर्ती परीक्षा के पेपरलीक मामले में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने सवाल पूछा है कि तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में पेपर लीक के कारण चार लाख से अधिक अभ्यर्थियों को परेशानी हुई है। आखिर ऐसा क्यों हुआ? तेजस्वी यादव ने आगे लिखा कि हमने 17 महीनों में चार लाख से अधिक लोगों को नौकरियां दीं, कभी भी किसी नियुक्ति परीक्षा में पेपर लीक नहीं हुआ। अब ऐसा क्यों हो रहा है?
 

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