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कांग्रेस ने मुजफ्फरपुर यौन शोषण पर नीतीश को घेरा, सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 28 Jul 2018 08:20 PM IST
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शक्ति सिंह गोहिल
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कांग्रेस पार्टी ने बिहार के चर्चित मुजफ्फरपुर बाल आश्रय गृह रेप कांड को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरने का प्रयास किया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि खुद को सुशासन कुमार कहलवाने वाले नीतीश कुमार की सरकार में इतना बड़ा कांड हो गया, लेकिन उन्हें इसकी कोई चिंता नहीं है। कांग्रेस पार्टी में बिहार मामलों के प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल का आरोप है कि बिहार सरकार इस केस से जुड़े लोगों को बचाने का प्रयास कर रही है। अगर नीतीश कुमार ईमानदारी से पीड़ित बच्चियों को न्याय दिलाना चाहते हैं तो वे सुप्रीम कार्ट की निगरानी में इस मामले की जांच कराएं।
शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में गोहिल ने कहा, इस कांड में बिहार की सामाजिक कल्याण मंत्री के पति की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। विभाग के अफसर का परिवार चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि किसी भी पीड़िता के सामने अगर मंत्री के पति का फोटो ले जाओगे तो वे सारी कहानी तुरंत बता देंगी। नीतीश कुमार ने केवल एक जगह पर केस दर्ज कराया है, जबकि ऐसे 14 अन्य आश्रय स्थलों पर भी वैसी ही शिकायतें सामने आई हैं।
सांसद रणजीत रंजन ने कहा, पीड़ित बच्चियों को बिहार के ही दूसरे आश्रय गृह में भेज दिया गया है। यह सीधे तौर पर केस की जांच को प्रभावित करने का प्रयास है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि उन सभी पीड़ित बच्चियों को बिहार से बाहर कहीं पर रखा जाए। यदि वे बिहार में रहेंगी तो उन पर दबाव पड़ता रहेगा। ऐसे में सीबीआई भी इस केस की तह तक नहीं पहुंच सकेगी।
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कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, बिहार सरकार ने इतने बड़े कांड की रिपोर्ट न तो विधानसभा पटल पर रखी और न ही उसे सार्वजनिक किया। बच्चियों का यौन शोषण होता रहा और बिहार सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।
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शनिवार को अखिल भारतीय कांग्रेस पार्टी के मुख्यालय में आयोजित एक प्रेसवार्ता में गोहिल ने कहा, इस कांड में बिहार की सामाजिक कल्याण मंत्री के पति की भूमिका पूरी तरह संदिग्ध है। विभाग के अफसर का परिवार चिल्ला-चिल्ला कर कह रहा है कि किसी भी पीड़िता के सामने अगर मंत्री के पति का फोटो ले जाओगे तो वे सारी कहानी तुरंत बता देंगी। नीतीश कुमार ने केवल एक जगह पर केस दर्ज कराया है, जबकि ऐसे 14 अन्य आश्रय स्थलों पर भी वैसी ही शिकायतें सामने आई हैं।
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सांसद रणजीत रंजन ने कहा, पीड़ित बच्चियों को बिहार के ही दूसरे आश्रय गृह में भेज दिया गया है। यह सीधे तौर पर केस की जांच को प्रभावित करने का प्रयास है। कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि उन सभी पीड़ित बच्चियों को बिहार से बाहर कहीं पर रखा जाए। यदि वे बिहार में रहेंगी तो उन पर दबाव पड़ता रहेगा। ऐसे में सीबीआई भी इस केस की तह तक नहीं पहुंच सकेगी।
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कांग्रेस पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, बिहार सरकार ने इतने बड़े कांड की रिपोर्ट न तो विधानसभा पटल पर रखी और न ही उसे सार्वजनिक किया। बच्चियों का यौन शोषण होता रहा और बिहार सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी रही।