सुकमा अटैक: जब पटना एयरपोर्ट पहुंचे जवानों के शव, बगल में थे नीतीश-तेजस्वी फिर भी नहीं गए
छत्तीगढ़ के सुकमा में हुए बड़े नक्सली हमले ने जहां देश को एक बार फिर झकझोर कर रख दिया। वहीं बिहार के 6 जवानों के पार्श्व शरीर जब एयरपोर्ट लाए गए तो सीएम नीतीश कुमार और डिप्टी सीएम तेजस्वसी यादव वहां नहीं पहुंचे। चौंका देने वाली बात है कि दोनों यहां से महज 100 मीटर की दूरी पर थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश सरकार का एक भी मंत्री जवानों के सम्मान में पटना एयरपोर्ट नहीं पहुंचा। इंडिया टुडे की खबर के मुताबिक सीएम नीतीश और तेजस्वी यादव यहां बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के आंठवें फाउंडेशन डे पर पहुंचे थे।
दरअसल, सुकमा नक्सली हमले में 25 जवानों के शहीद होने के बाद उनमें से 6 जवानों के शरीर को रायपुर से बिहार रवाना किया गया था। पटना के डीएम संजय अग्रवाल और एसएसपी मनु महारजम और जेडीयू नेता श्याम राजक जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एयरपोर्ट पर मौजूद थे।
बीजेपी के सांसद राम कृपाल यादव और कई स्थानीय नेता भी इस दौरान एयरपोर्ट पर मौजूद थे। यादव ने बिहार सरकार के ऐसे व्यवहार पर कड़ा विरोध किया है। बता दें कि बिहार सरकार ने जवानों के परिजनों को सुकमा हादसे के बाद 5 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान किया था और उनके पार्श्व शरीर के पूरे सम्मान का वादा किया था।
हमले से पहले खाना खा ऱहे थे जवान
ऐसा बताया जा रहा है कि खाना खाते वक्त ही जवानों पर नक्सली हमलावरों की गोलियों की बौछार होने लगी। 300 से ज्यादा घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने सुकमा के बुरकापाल-चिंतागुफा इलाके में सीआरपीएफ की पेट्रोलिंग पार्टी पर हमला किया था। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक माओवादियों की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सैनिकों की आवाजाही पर नजर रखे हुए थे।
हमलावरों ने सैनिकों के कई हथियार और उनके बुलेटप्रूफ जैकेट भी लूट लिए। इस हमले में आसपास मौजूद लगभग 40 स्थानीय लोगों और श्रमिकों को बचाया गया।
अधिकारी ने बताया कि ये हमला करीब 1 घंटे चला। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस बाबत बताया कि हो सकता है नक्सलियों ने इन यूबीजीएल को सुरक्षा बलों से ही लूटा हो। इस बात की संभावना है कि 11 मार्च को सुकमा में हुए हमले में इन्हें लूटा गया हो। गौरतलब है कि 11 मार्च को नक्सलियों द्वारा हुए हमले में 12 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए थे।