Bihar: पशु तस्कर मेघु व सहयोगी ने SHO पर चलाई थी गोली; दारोगा के बयान पर 12 से 15 लोगों पर हत्या का मामला दर्ज
Mohanpur OP SHO murder case: समस्तीपुर के मोहनपुर ओपी एसएचओ नंद किशोर यादव हत्या कांड में उजियारपुर पुलिस ने शुक्रवार को हत्या का मामला दर्ज किया है। मोहनपुर ओपी के जेएसआई रंजीत कुमार शर्मा के बयान पर पशु तस्कर मेघु समेत करीब 15 अज्ञात लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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बिहार के समस्तीपुर के मोहनपुर ओपी एसएचओ नंद किशोर यादव हत्या कांड में उजियारपुर पुलिस ने शुक्रवार को पटना के शास्त्री नगर थाने से मोहनपुर ओपी के जेएसआई रंजीत कुमार शर्मा का बयान आने के बाद प्राथमिकी दर्ज की है। इसमें नालंदा जिले के कराय परसुराय थाने के नरहापर गांव के पशु तस्कर मेघु प्रसाद और उसके भाई अमित प्रसाद समेत 12 से 15 अज्ञात बदमाशों को नामजद किया गया है। अपने सहयोगी के साथ मेघु प्रसाद ऊपर गोली चलाकर एसएचओ को मारने का आरोप है।
पटना के आईजीएमएस में मोहनपुर ओपी के दारोगा रंजीत कुमार ओर से दिए गए बयान में कहा गया है कि 14 अगस्त की रात करीब 11:15 बजे थानाध्यक्ष नंद किशोर यादव नालंदा के पशु तस्कर मेघु प्रसाद और अमित प्रसाद के बारे में सूचना इकट्ठा करने के लिए निकले। इस दौरान मुख्य तस्कर मेघु के मोबाइल का आवर लोकेशन उजियारपुर थाने के सहबाजपुर गांव में मिला। इस दौरान थानाध्यक्ष द्वारा बताया गया है कि मेघु नालंदा से यहां आकर घूम-घूम कर पशुओं की चोरी करता है। वह अपने 10-15 साथियों के साथ आया हुआ है। उसके बाद एसएचओ द्वारा थानाध्यक्ष उजियारपुर और हलई को निगरानी तथा गिरफ्तारी में सहयोग के लिए कहा गया।
बयान के मुताबिक, इस दौरान थानाध्यक्ष उजियारपुर थाने के सहबाजपुर में करीब तड़के 2.50 बजे पहुंचे। जहां हुनमान मंदिर के पास तीन संदिग्धों को देखा। वहां पर ट्रक और पिकअप लगे थे। तीनों बदमाश को पकड़ने को कहा गया। लेकिन अचानक 10-12 और बदमाश आ गए। ओपी अध्यक्ष ने एक को पकड़ लिया। पकड़ा गया बदमाश अपने सहयोगी से मदद मांग रहा था। इस दौरान बदमाशों ने लाठी-डंडे से पुलिस पर हमला भी किया। लेकिन वह थानाध्यक्ष की पकड़ से छूट नहीं रहा था। इसी दौरान एक बदमाश ने उनपर नजदीक से गोली चला दी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े। उसके बाद कुछ बदमाश ट्रक से फरार हो गए, जबकि कुछ पैदल ही इधर-उधर भाग गए।
घायल एसएचओ की अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत
इस घटना के बाद तत्काल एसएचओ नंद किशोर यादव को इलाज के लिए दलसिंहसराय अनुमंडलीय अस्पताल ले जाया गया। जहां से उन्हें बेगूसराय ले जाया गया। फिर उन्हें आईजीएमएस लाया गया था। जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
अब सवाल उठ रहा है कि जब रात के 11:15 बजे मोहनुपर एसएचओ ने पशु तस्करों के बारे में दलसिंहसराय और हलई पुलिस को सूचना दे दी थी। उसके बावजूद पुलिस तड़के 2:50 बजे तक लोकेशन पर क्यों नहीं पहुंची। यहां पर पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है कि दोनों थानों की पुलिस भी समय पर आ गई होती तो एसएचओ की जान बचाई जा सकती थी।
एसपी विनय तिवारी ने कहा कि मामले में दो नामजद समेत 12 से 15 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। इस कांड के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी काम कर रही है। जल्द ही सभी बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसआईटी को दस दिनों का टार्गेट दिया गया है। तीनों एसआईटी अलग-अलग काम कर रही है।