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Caste Census in Bihar : नीतीश ने कराई गणना, बोले- जनगणना में दिल्ली से देर, हमें देख दूसरे राज्य भी कराएंगे
Sat, 15 Apr 2023 02:44 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 15 Apr 2023 02:44 PM IST
सार
जातीय गणना के दूसरे चरण की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बख्तियारपुर स्थित अपने घर जाकर परिवार के साथ मिलकर गणना करवाई।
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जाति गणना का डिटेल्स देते सीएम नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
जातीय गणना के दूसरे चरण की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बख्तियारपुर स्थित अपने घर जाकर परिवार के साथ मिलकर गणना करवाई। मीडिया से बातचीत करने हुए उन्होंने कहा कि यह जातीय गणना 15 मई तक पूरी हो जाएगी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि जातीय गणना की रिपोर्ट पब्लिश की जाएगी। जाति आधारित गणना से लोगों की जाति के साथ ही उनकी आर्थिक स्थिति के बारे मे जानकारी मिलेगी। चाहे वो किसी भी जाति का हो, सभी लोगों की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिलेगी। इसके बाद देखा जाएगा कि गरीबी रेखा से नीचे कितने लोग हैं, उनकी भी मदद की जाएगी। सभी चीजों की जानकारी मिलने से राज्य के विकास के लिए आगे और काम करेंगे। लोगों को उपजाति नहीं बल्कि अपनी जाति बतानी है। कोई कंफ्यूजन होने पर पड़ोस में रहने वाले लोगों से इस संबंध में जानकारी लेनी है ताकि जाति आधारित गणना के काम में कोई दिक्कत नहीं हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे पिताजी यहीं पर रहते थे। हमारा जन्म भी यहीं पर हुआ था। जाति आधारित गणना के लिए अपनी जानकारी देने के लिए हमलोग बख्तियारपुर आये हैं। मेरे बड़े भाई समेत परिवार के सभी लोगों ने अपनी पूरी जानकारी दे दी है।
दो बार प्रस्ताव पास कर दिल्ली भेजा गया था
जाति आधारित जनगणना कराये जाने को लेकर बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद से दो बार प्रस्ताव पास कर दिल्ली भेजा गया था। इसके बाद सभी पार्टियों के नेताओं के साथ हमलोगों ने प्रधानमंत्री जी से भी मुलाकात की थी और उनसे हमलोगों ने जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। इसके बाद मेरे पास खबर आयी कि हमलोग जातीय जनगणना नहीं करायेंगे, अगर आप लोग अपने-अपने राज्यों में जाति आधारित गणना करवा लीजिए। हमलोगों ने सभी पार्टियों की एक बार फिर से मीटिंग करके तय किया कि बिहार जाति आधारित गणना करेंगे। जनगणना कराना केंद्र सरकार का अधिकार है, हमलोग जाति आधारित गणना करवा रहे हैं। लोगों की गिनती कर उनके संबंध में जानकारी लेकर राज्य के विकास और लोगों की सुविधा के लिए काम होगा। विभिन्न राज्यों से लोग यहां आकर बिहार में कैसी जाति आधारित गणना हो रही है, उसे देखना चाहते हैं। जाति आधारित गणना अच्छे ढंग से हो, इसको लेकर बार-बार मीटिंग कर सभी गणना कर्मियों की ट्रेनिंग करायी गई है। सभी लोगों की ठीक ढंग से जानकारी लेनी है। बिहार में जाति आधारित गणना अच्छे ढंग से होगी तो दूसरे राज्य भी इसे देखकर प्रभावित होंगे। देश के ज्यादातर राज्य कह रहे हैं कि जाति आधारित गणना होनी चाहिए।
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दो बार प्रस्ताव पास कर दिल्ली भेजा गया था
जाति आधारित जनगणना कराये जाने को लेकर बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद से दो बार प्रस्ताव पास कर दिल्ली भेजा गया था। इसके बाद सभी पार्टियों के नेताओं के साथ हमलोगों ने प्रधानमंत्री जी से भी मुलाकात की थी और उनसे हमलोगों ने जातीय जनगणना कराने की मांग की थी। इसके बाद मेरे पास खबर आयी कि हमलोग जातीय जनगणना नहीं करायेंगे, अगर आप लोग अपने-अपने राज्यों में जाति आधारित गणना करवा लीजिए। हमलोगों ने सभी पार्टियों की एक बार फिर से मीटिंग करके तय किया कि बिहार जाति आधारित गणना करेंगे। जनगणना कराना केंद्र सरकार का अधिकार है, हमलोग जाति आधारित गणना करवा रहे हैं। लोगों की गिनती कर उनके संबंध में जानकारी लेकर राज्य के विकास और लोगों की सुविधा के लिए काम होगा। विभिन्न राज्यों से लोग यहां आकर बिहार में कैसी जाति आधारित गणना हो रही है, उसे देखना चाहते हैं। जाति आधारित गणना अच्छे ढंग से हो, इसको लेकर बार-बार मीटिंग कर सभी गणना कर्मियों की ट्रेनिंग करायी गई है। सभी लोगों की ठीक ढंग से जानकारी लेनी है। बिहार में जाति आधारित गणना अच्छे ढंग से होगी तो दूसरे राज्य भी इसे देखकर प्रभावित होंगे। देश के ज्यादातर राज्य कह रहे हैं कि जाति आधारित गणना होनी चाहिए।
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बख्तियारपुर में अपने परिवार के साथ सीएम नीतीश कुमार।
- फोटो : अमर उजाला
पहले हर 10 साल पर जनगणना का काम होता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति गणना को लेकर हमलोग इसको लेकर काफी पहले से मांग कर रहे थे। पार्लियामेंट में भी इसको लेकर हमलोग बात कहते रहते थे। वर्ष 2011 में एक बार केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना कराने की कोशिश की थी लेकिन उसकी रिपोर्ट कभी प्रकाशित नहीं हुई। वर्ष 2014 के बाद जो सरकार केंद्र में आयी है उन लोगों ने कहा कि उसकी रिपोर्ट ठीक नहीं है। इसका मतलब है कि उस समय जो जनगणना हुई वो ठीक ढ़ंग से नहीं हुई। पहले हर 10 साल पर जनगणना का काम होता था लेकिन इतना साल बीत जाने के बाद भी अभी जनगणना नहीं शुरु हुआ है। यह आश्चर्य की बात है, कभी भी इतना विलंब नहीं हुआ था। जब बिहार में अच्छे ढंग से जाति आधारित गणना होगी तो इसे देखकर दूसरे राज्य भी ऐसा करने की कोशिश करेंगे।
पिछड़े वर्गों के लिए करीब 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से ही
जाति आधारित गणना का असर आरक्षण के दायरे पर पड़ने को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो सब बाद की चीज है। एक बार जब जाति आधारित गणना का काम पूरा हो जायेगा तो इस सब चीजों के बार में जो कुछ भी करना होगा वो किया जायेगा। लोगों की आर्थिक स्थिति भी देखी जायेगी और उनकी मदद की जायेगी। अपर कास्ट को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्गों के लिए करीब 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से ही है। हमलोग जाति आधारित गणना करके केंद्र सरकार को भी बता देंगे कि लोगों की ऐसी स्थिति है। केंद्र को मदद करनी है या नहीं करनी है, वे लोग जानें लेकिन राज्य को अपने हिसाब से लोगों की जो भी मदद करनी है वो मदद की जायेगी। सभी राज्यों में एक बार जाति आधारित गणना हो जाने से यह बहुत ही उपयुक्त चीज होगी। पूरे देश में एक साथ जाति आधारित जनगणना कराने से बहुत अच्छा होगा। बहुत लोगों को इसको लेकर बेकार का भ्रम है। जाति आधारित गणना होनी चाहिए। जाति आधारित गणना का काम पूरा होने के बाद इसके आंकड़ा के मुख्य चीजों पर काम शुरु होगा। इसकी रिपोर्ट को बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में पेश की जायेगी। इसके बाद इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति गणना को लेकर हमलोग इसको लेकर काफी पहले से मांग कर रहे थे। पार्लियामेंट में भी इसको लेकर हमलोग बात कहते रहते थे। वर्ष 2011 में एक बार केंद्र सरकार ने जातीय जनगणना कराने की कोशिश की थी लेकिन उसकी रिपोर्ट कभी प्रकाशित नहीं हुई। वर्ष 2014 के बाद जो सरकार केंद्र में आयी है उन लोगों ने कहा कि उसकी रिपोर्ट ठीक नहीं है। इसका मतलब है कि उस समय जो जनगणना हुई वो ठीक ढ़ंग से नहीं हुई। पहले हर 10 साल पर जनगणना का काम होता था लेकिन इतना साल बीत जाने के बाद भी अभी जनगणना नहीं शुरु हुआ है। यह आश्चर्य की बात है, कभी भी इतना विलंब नहीं हुआ था। जब बिहार में अच्छे ढंग से जाति आधारित गणना होगी तो इसे देखकर दूसरे राज्य भी ऐसा करने की कोशिश करेंगे।
पिछड़े वर्गों के लिए करीब 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से ही
जाति आधारित गणना का असर आरक्षण के दायरे पर पड़ने को लेकर पत्रकारों के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि वो सब बाद की चीज है। एक बार जब जाति आधारित गणना का काम पूरा हो जायेगा तो इस सब चीजों के बार में जो कुछ भी करना होगा वो किया जायेगा। लोगों की आर्थिक स्थिति भी देखी जायेगी और उनकी मदद की जायेगी। अपर कास्ट को भी 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया गया है। अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़े वर्गों के लिए करीब 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान पहले से ही है। हमलोग जाति आधारित गणना करके केंद्र सरकार को भी बता देंगे कि लोगों की ऐसी स्थिति है। केंद्र को मदद करनी है या नहीं करनी है, वे लोग जानें लेकिन राज्य को अपने हिसाब से लोगों की जो भी मदद करनी है वो मदद की जायेगी। सभी राज्यों में एक बार जाति आधारित गणना हो जाने से यह बहुत ही उपयुक्त चीज होगी। पूरे देश में एक साथ जाति आधारित जनगणना कराने से बहुत अच्छा होगा। बहुत लोगों को इसको लेकर बेकार का भ्रम है। जाति आधारित गणना होनी चाहिए। जाति आधारित गणना का काम पूरा होने के बाद इसके आंकड़ा के मुख्य चीजों पर काम शुरु होगा। इसकी रिपोर्ट को बिहार विधानसभा और बिहार विधान परिषद में पेश की जायेगी। इसके बाद इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक की जायेगी।
सीएम नीतीश कुमार का स्वागत करते लोग।
- फोटो : अमर उजाला
विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों से बैठकर बात हो गयी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को CBI द्वारा पूछताछ के लिए बुलाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों से बैठकर बात हो गयी है। श्री अरविंद केजरीवाल भी हमलोगों के साथ बैठे थे, अब उनपर कार्रवाई हो रही है। अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियों का एक साथ जुड़ने की स्थिति पैदा होने से केंद्र में बैठे लोगों को चिंता हो रही है। पता नहीं वे लोग क्या-क्या करेंगे लेकिन यह सब करने से क्या होगा?
CM नीतीश बोले- न ऐसा नारा नहीं लगाइए
देश का पीएम कैसा हो नारे पर नीतीश कुमार ने कहा कि कल (शुक्रवार) को भी हम कहे थे कि पार्टी ऑफिस में कैसे ऐसा नारा नहीं लगाइए। उन्होंने विपक्षी एकता को लेकर चल रही, अपनी मुहिम के बारे में बताया और कहा कि अपील करते हैं कि हम ऐसा कुछ नहीं कीजिए। जनता मालिक के फैसला करेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत जिम्मेदारी है। सब लोग एक साथ बैठकर के निर्णय ले लेंगे। ममता बनर्जी से बात होगी बहुत लोगों से हमारी बात होगी धीरे-धीरे हम आप लोगों को पता चल जाएगा। जब सब लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो मजबूती से आयेंगे। जब सभी पार्टियां एक साथ बैठेगी तो आगे क्या-क्या करना है, वो सभी चीजें तय हो जायेगी और इसको सार्वजनिक कर दिया जायेगा। कौन पार्टी किन-किन सीटों पर लड़ेगी, यह सब डिसाइड हो जायेगा। एक साथ मिलकर हमलोग दौरा करेंगे। जनता मालिक होती है, चुनाव में वो फैसला करेगी( देश की यात्रा पर निकलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम दिल्ली गये थे। सात महीने से हम इंतजार कर रहे थे। वहां से खबर आयी तो हम दिल्ली गये । हमको भी कुछ लोगों से बात करने की जिम्मेवारी है। अभी बहुत लोगों से हमारी बात होगी। धीरे-धीरे आपलोगों को पता चलेगा। सभी लोग एक साथ बैठकर निर्णय ले लेंगे।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को CBI द्वारा पूछताछ के लिए बुलाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा- विपक्षी एकता को लेकर कांग्रेस और अन्य दलों से बैठकर बात हो गयी है। श्री अरविंद केजरीवाल भी हमलोगों के साथ बैठे थे, अब उनपर कार्रवाई हो रही है। अधिक से अधिक विपक्षी पार्टियों का एक साथ जुड़ने की स्थिति पैदा होने से केंद्र में बैठे लोगों को चिंता हो रही है। पता नहीं वे लोग क्या-क्या करेंगे लेकिन यह सब करने से क्या होगा?
CM नीतीश बोले- न ऐसा नारा नहीं लगाइए
देश का पीएम कैसा हो नारे पर नीतीश कुमार ने कहा कि कल (शुक्रवार) को भी हम कहे थे कि पार्टी ऑफिस में कैसे ऐसा नारा नहीं लगाइए। उन्होंने विपक्षी एकता को लेकर चल रही, अपनी मुहिम के बारे में बताया और कहा कि अपील करते हैं कि हम ऐसा कुछ नहीं कीजिए। जनता मालिक के फैसला करेगी। नीतीश कुमार ने कहा कि बहुत जिम्मेदारी है। सब लोग एक साथ बैठकर के निर्णय ले लेंगे। ममता बनर्जी से बात होगी बहुत लोगों से हमारी बात होगी धीरे-धीरे हम आप लोगों को पता चल जाएगा। जब सब लोग मिलकर चुनाव लड़ेंगे तो मजबूती से आयेंगे। जब सभी पार्टियां एक साथ बैठेगी तो आगे क्या-क्या करना है, वो सभी चीजें तय हो जायेगी और इसको सार्वजनिक कर दिया जायेगा। कौन पार्टी किन-किन सीटों पर लड़ेगी, यह सब डिसाइड हो जायेगा। एक साथ मिलकर हमलोग दौरा करेंगे। जनता मालिक होती है, चुनाव में वो फैसला करेगी( देश की यात्रा पर निकलने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी हम दिल्ली गये थे। सात महीने से हम इंतजार कर रहे थे। वहां से खबर आयी तो हम दिल्ली गये । हमको भी कुछ लोगों से बात करने की जिम्मेवारी है। अभी बहुत लोगों से हमारी बात होगी। धीरे-धीरे आपलोगों को पता चलेगा। सभी लोग एक साथ बैठकर निर्णय ले लेंगे।