{"_id":"6845053a152285e67c08a72a","slug":"bihar-weather-heat-will-trouble-you-for-the-next-three-days-temperature-may-rise-chances-of-rain-patna-2025-06-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Weather: अगले तीन दिन तक परेशान करेगी गर्मी, चार डिग्री तक बढ़ सकता तापमान; इन जिलों में बारिश के आसार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Weather: अगले तीन दिन तक परेशान करेगी गर्मी, चार डिग्री तक बढ़ सकता तापमान; इन जिलों में बारिश के आसार
Sun, 08 Jun 2025 09:06 AM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sun, 08 Jun 2025 09:06 AM IST
सार
मौसम विभाग ने लोगों से सावधान रहने की अपील की है। कहा कि गर्मी के मौसम में हमें अपने स्वास्थ्य को लेकर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। तरल पदार्थ अधिक से अधिक लेना चाहिए। दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बाहर जाने से बचें।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। अगले दो दिनों तक मौसम ऐसा ही रहेगा। इस दौरान चार जिलों को छोड़कर बारिश होने के आसार नहीं है। मौसम विभाग ने पटना समेत कई जिलों में तापमान 36 से 41 डिग्री के बीच रहने के आसार जताए हैं। मौसम विभाग की मानें तो पूर्वी हवाओं के प्रवाह के कारण उमस बढ़ने के आसार हैं। इस कारण गर्मी भी अधिक महसूस होगी। विभाग ने बिहार के चार जिले पश्चिम चंपारण, मुंगेर, किशनगंज, अररिया के एक या दो स्थानों पर बारिश और वज्रपात के आसार जताए हैं।
जानिए कहां कितनी गर्मी पड़ी
पिछले 24 घंटे में रोहतास में सबसे अधिक गर्मी पड़ी। यहां का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं पटना व गया में 38.5, भागलपुर में 37.4, पूर्णिया में 36.7, वाल्मिकीनगर में 37.6, मुजफ्फरपुर में 36.2, गोपालगंज में 39.5, बक्सर में 39.5, भोजपुर में 39.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वदधि होने की संभावना है, तत्पश्चात कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का पूर्वानुमान है। इतना ही नहीं अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का पूर्वानुमान है।
फिर शुरू हुआ सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का निर्माण कार्य, 18 माह में पूरा करने का है लक्ष्य
विज्ञापन
मौसम विभाग ने बताया कारण
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हआ है और अब यह औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका अब मोटे तौर पर अक्षांश 22°N के उत्तर में देशांतर 87°E के साथ औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर चल रही है। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और अब यह औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर है। मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हआ है, जिसकी धूरी औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर अक्षांश 59° के साथ अक्षांश 27°N के उत्तर में बनी हुई है।
विज्ञापन
जानिए कहां कितनी गर्मी पड़ी
पिछले 24 घंटे में रोहतास में सबसे अधिक गर्मी पड़ी। यहां का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं पटना व गया में 38.5, भागलपुर में 37.4, पूर्णिया में 36.7, वाल्मिकीनगर में 37.6, मुजफ्फरपुर में 36.2, गोपालगंज में 39.5, बक्सर में 39.5, भोजपुर में 39.7 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वदधि होने की संभावना है, तत्पश्चात कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का पूर्वानुमान है। इतना ही नहीं अगले तीन दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने की संभावना है। कोई विशेष परिवर्तन नहीं होने का पूर्वानुमान है।
विज्ञापन
फिर शुरू हुआ सुल्तानगंज-अगुवानी घाट पुल का निर्माण कार्य, 18 माह में पूरा करने का है लक्ष्य
विज्ञापन
मौसम विभाग ने बताया कारण
मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हआ है और अब यह औसत समुद्र तल से 1.5 किमी ऊपर है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका अब मोटे तौर पर अक्षांश 22°N के उत्तर में देशांतर 87°E के साथ औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर चल रही है। पूर्वोत्तर असम और आसपास के इलाकों में ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है और अब यह औसत समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर है। मध्य क्षोभमंडलीय पश्चिमी हवाओं में द्रोणिका के रूप में पश्चिमी विक्षोभ बना हआ है, जिसकी धूरी औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर अक्षांश 59° के साथ अक्षांश 27°N के उत्तर में बनी हुई है।