बिहार: केस से नाम हटाने के लिए मांगी रिश्वत, 29 हजार रुपये लेते दारोगा गिरफ्तार; निगरानी विभाग की कार्रवाई
बेगूसराय के साहेबपुर कमाल थाने में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन झा को निगरानी विभाग ने 29 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। वाहन शराब तस्करी मामले में शिकायतकर्ता का नाम हटाने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप था।
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बिहार के बेगूसराय जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ निगरानी विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में निगरानी विभाग की टीम ने साहेबपुर कमाल थाना में पदस्थापित सब इंस्पेक्टर चंदन झा को 29 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। एक मामले में केस से नाम हटाने के एवज में रिश्वत मांगने की शिकायत पर निगरानी विभाग ने यह कार्रवाई की। दारोगा की गिरफ्तारी से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, साहेबपुर कमाल पश्चिम पंचायत के वार्ड संख्या आठ निवासी अमित कुमार ने निगरानी विभाग में सब इंस्पेक्टर चंदन झा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि एक मामले में उनका नाम हटाने के लिए दारोगा रिश्वत की मांग कर रहे हैं। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग की टीम ने मामले का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने से संबंधित आरोप की पुष्टि होने के बाद टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई।
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बताया जाता है कि अमित कुमार के नाम पर दर्ज एक चारपहिया वाहन को उन्होंने पहले ही बेच दिया था। बाद में उक्त वाहन को शराब तस्करी के एक मामले में पुलिस ने जब्त कर लिया। इसी मामले में अमित कुमार का नाम हटाने के लिए सब इंस्पेक्टर चंदन झा द्वारा कथित तौर पर रिश्वत की मांग की गई थी।
इसके बाद निगरानी विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए सब इंस्पेक्टर चंदन झा को 29 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद निगरानी विभाग की टीम आवश्यक कानूनी प्रक्रिया में जुट गई। निगरानी विभाग की ओर से बताया गया कि इस मामले में थाना कांड संख्या 127/2026 दर्ज किया गया है। गिरफ्तार सब इंस्पेक्टर के विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्रवाई में अनुसंधानकर्ता इंस्पेक्टर विनोद कुमार, डीएसपी मोहन कुमार सहित निगरानी विभाग के अन्य पुलिस पदाधिकारी और सहयोगी पुलिस बल शामिल थे। निगरानी विभाग की इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।