Bihar : दरभंगा का सांसद कैसा हो, आधे बोले संजय झा तो आधे बोले फातमी जैसा हो, मंच छोड़ उतरे ललन
JDU के कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के सामने ही कुछ लोग संजय झा तो कुछ अली अशरफ फातमी के पक्ष में नारे लगाने लगे। इस दौरान ललन सिंह ने नारा लगाने से मना भी किया लेकिन जब कोई नहीं माना तब गुस्से में मंच से उतर कर नीचे बैठ गये।
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कार्यकर्ता सम्मेलन दो खेमे में बंटा
दरअसल दरभंगा मेंके पोलो मैदान में जदयू कार्यकर्त्ता सम्मेलन में जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह और जल संसाधन और सूचना एवं जनसम्पर्क मंत्री संजय झा पहुंचे थे। लेकिन वहां पहुंचते ही कार्यकर्ता जोर जोर से नारे लगाने लगे। कार्यकर्ता सम्मेलन दो खेमे में बंटा दिखने लगा। मो. अली अशरफ फातमी और संजय झा गुट के लोग, "दरभंगा का सांसद कैसा हो" का जबरदस्त नारेबाजी करने लगे। कोई कहता “फातमी साहब जैसा हो” तो कोई कहता “संजय झा के जैसा हो”। इसके बाद कार्यक्रम में जोर जोर से हंगामा होने गया। हालांकि मो. अली अशरफ फातमी और संजय झा दोनों मंच से कार्यकर्ताओं को शांत रहने की अपील करते रहे। फिर ललन सिंह ने भी नारा लगाने से मना किया लेकिन इसके बाद भी जब कार्यकर्ताओं ने नारा लगाना बंद नहीं किया तब ललन सिंह कार्यकर्ताओं की हरकत से नाराज होकर मंच से नीचे आकर कार्यकर्ताओ के बीच में जाकर बैठ गए।
किसी और का नारा मत लगाईये
वहीं ललन सिंह ने कहा कि आप लोग किसी का नारा मत लगाइये। इस पार्टी का नेता सिर्फ एक है उसका नाम है नीतीश कुमार। पार्टी भी एक है जिसका नाम है जनता दल यूनाइटेड। हम सब उनके केयर टेकर है। चाहे वो हम हो या फ़ातमी जी हो। चाहे मदन सहनी हो या संजय झा या मंगनीलाल मण्डल हो। नारा सिर्फ एक आदमी का लगाइये। नीतीश कुमार जिंदाबाद, जनता दल यूनाइटेड जिंदाबाद और किसी का नारा कभी मत लगाइये। अभी चुनाव का समय नहीं है। अभी पार्टी को मजबूत करने का समय है। अगर पार्टी सशक्त करना है तो जनता दल यूनाइटेड जिंदाबाद करें। महागठबंधन जिसको यहां से टिकट देगी, हमलोग मजबूती के साथ उनके साथ खड़े रहेंगे।
दरभंगा में ऐसे नारे पहले भी लगाये गये हैं। दरअसल कुछ दिन पहले ही दरभंगा में जदयू की कार्यकारिणी बैठक चल रही थी। संजय झा के वहां पहुंचते ही जदयू के राष्ट्रीय महासचिव सह बिहार सरकार के मंत्री संजय झा के समर्थकों ने "दरभंगा का सांसद कैसा हो, संजय झा जैसा हो" के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसी बात पर राजद छोड़ कर जदयू में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री अली असरफ फातमी बिफर पड़े थे। उन्होंने कहा कि पार्टी की ओर से उम्मीदवारी की घोषणा से पहले इस तरह की नारेबाजी पार्टी के हित में नहीं है। पार्टी जो तय करेगी उसकी जीत के लिए हम सभी साथ मिलकर काम करेंगे।
न मैं किसी मस्जिद का ईमाम हूं और न किसी मंदिर का पुजारी
इस बार से नाराज होकर अली असरफ फातमी ने कहा कि मैं ना किसी मस्जिद का इमाम हूं ना मैं किसी मंदिर का पुजारी। मैं भी सियासत करता हूं और मैं भी राजनीति में हूं। जब तक मेरे पैर कब्र में ना चले जाएं तब तक मैं राजनीति करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि संजय झा और मैं, दोनों उम्मीदवार हैं। मैं भी प्रयास कर रहा हूं कि मुझे टिकट मिल जाए। मैं चार बार दरभंगा से लोकसभा का मेंबर रहा हूं। उन्होंने यह भी कहा कि मैं राजद छोड़कर जदयू में आ गया तो क्या मेरी हैसियत खत्म हो गई। ऐसी बात नही है।