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उद्यमी योजना से बदली तस्वीर: किसी ने खोला सैलून तो किसी ने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट, 96 करोड़ की पहली किस्त जारी

Thu, 08 Oct 2026 08:22 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 08 Oct 2026 08:22 PM IST
सार

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत बिहार के 4,800 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में 96 करोड़ रुपये दिए गए हैं। जानिए किस तरह युवा अपना कारोबार शुरू कर रोजगार देने की दिशा में बढ़ रहे हैं।

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Bihar’s Youth Turn Entrepreneurs: 4,800 Beneficiaries Get Rs 2 Lakh Each Under Udyami Scheme
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सौंपा दो लाख का चेक। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले चरण में चयनित 4,800 लाभार्थियों को पहली किस्त के रूप में दो-दो लाख रुपये दिए गए हैं। इस तरह लाभार्थियों के खातों में करीब 96 करोड़ रुपये की राशि पहुंची है। गुरुवार को पटना के बापू सभागार में योजना के चयनित लाभार्थियों के लिए एक दिवसीय उन्मुखीकरण कार्यक्रम और प्रथम किस्त वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उद्योग एवं खेल विभाग की मंत्री श्रेयसी सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने का अवसर दे रही है। इसका असर बिहार में ही नहीं, बल्कि देश स्तर पर रोजगार सृजन के रूप में देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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बिहार एमएसएमई नीति से रोजगार बढ़ाने का लक्ष्य
मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि आने वाले समय में बिहार एमएसएमई नीति 2026 के माध्यम से एक करोड़ से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि बिहार की बढ़ती आबादी और युवा शक्ति चुनौती नहीं है, बल्कि राज्य की सबसे बड़ी ताकत और मानव पूंजी है।
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महिलाएं और युवा बन रहे रोजगारदाता
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मंत्री मो. जमा खां ने कहा कि बदलते बिहार की सबसे बड़ी ताकत युवा हैं। पहले पूंजी की कमी के कारण कई लोग अपने कारोबार का सपना पूरा नहीं कर पाते थे। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना ने इस बाधा को कम किया है। उन्होंने कहा कि योजना से जुड़ने वाली महिलाएं और युवा अब नौकरी तलाशने वाले नहीं, बल्कि दूसरे लोगों को रोजगार देने वाले बन रहे हैं।
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नए क्षेत्रों में बढ़ रहा स्वरोजगार
बीसी एवं ईबीसी कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना का असर ग्रामीण इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। पारंपरिक खेती और कारोबार के साथ अब खिलौना निर्माण, आईटी और रेडीमेड गारमेंट जैसे क्षेत्रों में भी स्वरोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के मंत्री लखेन्द्र कुमार रौशन ने कहा कि यदि 45 हजार युवा अपने साथ पांच-पांच लोगों को भी रोजगार देते हैं तो करीब ढाई लाख लोग आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने कहा कि उन्मुखीकरण कार्यक्रम के माध्यम से बिहार को औद्योगीकरण की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।

लाभार्थियों ने बताई अपनी कहानी

  • पटना में बुटीक का कारोबार करने वाले मो. मुजम्मिल अंसारी ने बताया कि मुख्यमंत्री उद्यमी योजना से मिली आर्थिक मदद से उनके कारोबार को आगे बढ़ाने में सहायता मिली है। उनका लक्ष्य अपने कारोबार से अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर रोजगार उपलब्ध कराना है।
  • बेगूसराय के विराट कुमार ने बताया कि उन्होंने योजना की मदद से छोटी मैन्युफैक्चरिंग इकाई शुरू की है। उनका कहना है कि बिहार में नए उद्योगों के लिए माहौल बन रहा है और युवाओं के बाहर जाने के बजाय राज्य में ही रोजगार पाने की सोच अब जमीन पर दिखाई दे रही है।
  • पटना के कंकड़बाग में सैलून चलाने वाले तनवीर आलम ने बताया कि पहले वह दूसरे के सैलून में काम करते थे। अपना सैलून खोलना उनका सपना था, लेकिन आर्थिक परेशानी के कारण इसे पूरा नहीं कर पा रहे थे। उद्यमी योजना से मिली सहायता से उन्होंने अपना सैलून शुरू किया। अब उनके यहां सात अन्य युवक भी काम कर रहे हैं।
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