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Bihar News: बिहार की ऐतिहासिक धरोहर को एआई का साथ, कैथी लिपि का होगा देवनागरी में रूपांतरण
Fri, 04 Jul 2025 08:46 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 04 Jul 2025 08:46 PM IST
सार
बिहार सरकार ने डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के साथ एक समझौता किया है जिसके तहत एआई तकनीक से कैथी लिपि के पुराने अभिलेखों का देवनागरी में अनुवाद किया जाएगा।
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अब कैथी लिपि के अभिलेखों को पढ़ना होगा आसान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार सरकार की एक ऐतिहासिक पहल के तहत राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का कार्य प्रारंभ हो गया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत कार्यरत डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन (DIBD) के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते के तहत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक की मदद से कैथी लिपि में लिखे गए पुराने सरकारी अभिलेखों का देवनागरी लिपि में लिप्यंतरण किया जाएगा।
मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है, जो भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने में मदद करेगी, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को भी संरक्षित करेगी।
इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि विशेष सर्वेक्षण की वर्तमान प्रक्रिया में यह तकनीक काफी उपयोगी होगी क्योंकि अधिकतर पुराने कैडस्ट्रल और पुनरीक्षण सर्वेक्षण अभिलेख कैथी लिपि में हैं, जिन्हें पढ़ना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि इससे रिटायर्ड कर्मियों पर निर्भरता भी समाप्त होगी और नए कर्मियों की क्षमता का विकास होगा।
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डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग ने कहा कि यह पहल भाषा को बाधा नहीं, बल्कि सेतु बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सभी को अपनी भाषा में लिखने, पढ़ने और बोलने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऐतिहासिक ज्ञान को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बनाएगी और बिहार की भूमिका इसमें प्रशंसनीय है।
यह भी पढ़ें; सीवान में खूनी संघर्ष, तीन लोगों की मौत; तलवारबाजी के साथ खुलेआम फायरिंग में मौतें, बाजार बंद
इस कार्यक्रम के पश्चात राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में एक राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला में भाषिणी के भाषा प्रौद्योगिकी ढांचे को राज्य के विभिन्न विभागों में एकीकृत करने, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने यह जानकारी दी कि कैथी लिपि के अभिलेखों को देवनागरी में लिप्यंतरित करने का कार्य शुरू हो चुका है, साथ ही उन्होंने पाली लिपि में उपलब्ध आलेखों को हिंदी और अंग्रेज़ी में अनुवादित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एक बिहार स्पेसिफिक हैकथॉन लॉन्च करने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सीआईडी के एडीजी पारसनाथ, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे. प्रियदर्शिनी, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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मुख्य सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह एक ऐतिहासिक कदम है, जो भविष्य में अन्य विभागों के लिए भी मार्गदर्शक साबित होगा। उन्होंने कहा कि यह पहल न केवल प्रशासनिक समस्याओं को दूर करने में मदद करेगी, बल्कि राज्य की ऐतिहासिक धरोहर को भी संरक्षित करेगी।
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इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने बताया कि विशेष सर्वेक्षण की वर्तमान प्रक्रिया में यह तकनीक काफी उपयोगी होगी क्योंकि अधिकतर पुराने कैडस्ट्रल और पुनरीक्षण सर्वेक्षण अभिलेख कैथी लिपि में हैं, जिन्हें पढ़ना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि इससे रिटायर्ड कर्मियों पर निर्भरता भी समाप्त होगी और नए कर्मियों की क्षमता का विकास होगा।
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डिजिटल इंडिया भाषिणी डिवीजन के सीईओ अमिताभ नाग ने कहा कि यह पहल भाषा को बाधा नहीं, बल्कि सेतु बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। सभी को अपनी भाषा में लिखने, पढ़ने और बोलने का अधिकार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह परियोजना ऐतिहासिक ज्ञान को तकनीक के माध्यम से अधिक सुलभ बनाएगी और बिहार की भूमिका इसमें प्रशंसनीय है।
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इस कार्यक्रम के पश्चात राजस्व सर्वे प्रशिक्षण संस्थान में एक राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और कर्मचारी शामिल हुए। कार्यशाला में भाषिणी के भाषा प्रौद्योगिकी ढांचे को राज्य के विभिन्न विभागों में एकीकृत करने, ज्ञान साझा करने और क्षमता निर्माण पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने यह जानकारी दी कि कैथी लिपि के अभिलेखों को देवनागरी में लिप्यंतरित करने का कार्य शुरू हो चुका है, साथ ही उन्होंने पाली लिपि में उपलब्ध आलेखों को हिंदी और अंग्रेज़ी में अनुवादित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने एक बिहार स्पेसिफिक हैकथॉन लॉन्च करने का भी निर्देश दिया।
इस अवसर पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, सीआईडी के एडीजी पारसनाथ, भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशक जे. प्रियदर्शिनी, विशेष सचिव अरुण कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।