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कोर्ट के आदेश से चला मंत्री के बंगले पर बुलडोजर
इंटरनेट डेस्क
Updated Thu, 22 Aug 2013 06:01 PM IST
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बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड के नेता और वर्तमान में राजस्व और भूमि सुधार मंत्री रमई राम को उस समय झटका लगा, जब कोर्ट के आर्डर ने उनके बंगले के एक बड़े हिस्से को ध्वस्त कर दिया। उनके बंगले का यह हिस्सा अतिक्रमण कर बनाया गया था।
दृगोनमेश्वर परिवार और गोवर्द्वन पुजारी ने इस विवादित जमीन का केस जीत लिया है। इस केस के जीतने के बाद ही वर्तमान मंत्री महोदय के घर की दीवार को ध्वस्त कर दिया गया है।
रमई राम ने इसे अपनी बेइज्जती बताते हुए कहा है कि मेरी बेइज्जती कभी नहीं हुई। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब वह इस आवंटित बंगले में एक पल भी नहीं रहना चाहते हैं।
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उन्होंने भवन विभाग से दूसरे बंगले को आवंटित करने के लिए कह दिया है।
इस मौके पर पुजारी ने कहा कि उनका परिवार मंत्री के खिलाफ नहीं है। वर्ष 1911 में 3000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सरकार ने अधिकारियों के बंगले बनाने के लिए किया था। पर जिन परिवारों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया था।
इसको लेकर पुजारी का परिवार हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि पुजारी के हिस्से की जमीन उसे वापस की जाए।
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दृगोनमेश्वर परिवार और गोवर्द्वन पुजारी ने इस विवादित जमीन का केस जीत लिया है। इस केस के जीतने के बाद ही वर्तमान मंत्री महोदय के घर की दीवार को ध्वस्त कर दिया गया है।
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रमई राम ने इसे अपनी बेइज्जती बताते हुए कहा है कि मेरी बेइज्जती कभी नहीं हुई। इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है। अब वह इस आवंटित बंगले में एक पल भी नहीं रहना चाहते हैं।
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उन्होंने भवन विभाग से दूसरे बंगले को आवंटित करने के लिए कह दिया है।
इस मौके पर पुजारी ने कहा कि उनका परिवार मंत्री के खिलाफ नहीं है। वर्ष 1911 में 3000 एकड़ जमीन का अधिग्रहण सरकार ने अधिकारियों के बंगले बनाने के लिए किया था। पर जिन परिवारों की जमीन का अधिग्रहण किया गया था। उन्हें मुआवजा नहीं दिया गया था।
इसको लेकर पुजारी का परिवार हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश दिया कि पुजारी के हिस्से की जमीन उसे वापस की जाए।