कुख्यात शहाबुद्दीन का केस लड़ेंगे राम जेठमलानी, सुशील मोदी ने साधा निशाना
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बिहार के बाहुबली और राजद के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन के मामले की सुप्रीम कोर्ट में पैरवी अब वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी लडेंगे। राजद के राज्यसभा सदस्य रामजेठमलानी 26 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन की ओर से पक्ष रखेंगे जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने चंदा बाबू की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
वहीं जेठमलानी की इस घोषणा पर विपक्षी भाजपा ने एक बार फिर नीतीश सरकार पर निशाना साध दिया है। सुशील मोदी ने कहा कि क्या सरकार जेठमलानी को रोक सकती है। मोदी ने नीतीश सरकार पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप भी लगाया।
बता दें कि सीवान के दो भाइयों की हत्या के मामले में सीवान सेशन कोर्ट ने दिसंबर 2015 में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन राज्य सरकार की कमजोर पैरवी के कारण हाइकोर्ट ने शहाबुद्दीन को जमानत दे दी। इसके बाद से ही बिहार में इस मुद्दे पर हंगामा मचा हुआ है।
सुशील मोदी ने लगाया लालू के दबाव में काम करने का आरोप
इसी बीच पीड़ित परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने भी सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर शहाबुद्दीन की जमानत रद करने का विरोध किया था।
बीते सोमवार को इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई तो कोर्ट ने शहाबुद्दीन की जमानत पर अंतरिम रोक लगाने से तो इंकार कर दिया था लेकिन इस संबंध में उन्हें नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया था। 26 सितंबर को इस मामले में अगली सुनवाई होनी है।
26 सितंबर को होनी है शहाबुद्दीन की जमानत पर सुनवाई
इस बीच वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी ने सुप्रीम कोर्ट में शहाबुद्दीन की पैरवी करने की घोषणा कर दी है। जेठमलानी ने कहा कि वह मामले में शहाबुद्दीन का पक्ष रखेंगे जिन्हें जबरन इस मामले में फंसाया जा रहा है।
वहीं यह मामला सामने आते ही बिहार में विपक्ष के नेता सुशील मोदी ने राज्य सरकार पर निशाना साध दिया। सुशील मोदी ने कहा कि क्या नीतीश जेठमलानी को ऐसा करने से रोक पाएंगे। मोदी ने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार जानबूझकर अपराधियों को संरक्षण दे रही है।
दूसरी ओर जेडीयू की ओर से सुशील मोदी को उनके उस बयान पर जिसमें नीतीश को शहाबुद्दीन की पत्नी को टिकट देने का आरोप लगाया था के विरोध में कानूनी नोटिस भेजकर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। वहीं सुशील मोदी ने कहा कि वह हर कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार हैं और अपने आरोपों पर अड़े हैं।