बिहार: विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू ने मंत्री श्याम रजक को पार्टी से निकाला
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बिहार में इस साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले जेडीयू ने बिहार सरकार के उद्योग मंत्री श्याम रजक मंत्री को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
Patna: Bihar Industries Minister Shyam Rajak expelled from his party Janata Dal (U) pic.twitter.com/cJvCq3vULL
— ANI (@ANI) August 16, 2020विज्ञापन
इस मामले में जनता दल (यूनाइटेड) के प्रवक्ता राजीव रंजन ने बताया कि श्याम रजक पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल थे। इसलिए पार्टी ने उनके खिलाफ यह कार्रवाई करने का फैसला किया।
Shyam Rajak was involved in anti-party activities. His recent actions were nothing less than an act of indiscipline. So the party decided to take this action against him: Rajeev Ranjan, Spokesperson, Janata Dal (United) on Bihar Industries Minister Shyam Rajak's expulsion https://t.co/SivMlKr8Tn pic.twitter.com/hgjn5x29Cz
— ANI (@ANI) August 16, 2020
राजद में वापसी को लेकर अटकलें तेज
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा है कि श्याम रजक अब अपने पुराने घर यानी राजद में वापसी कर सकते हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है। जब बिहार में राजद की सरकार थी तो श्याम रजक लालू के करीबी नेता माने जाते थे। वह बिहार की राबड़ी देवी सरकार के मंत्रिमंडल में मंत्री भी रह चुके हैं।
नीतीश सरकार में भी थे मंत्री
राजद की सत्ता जाने और पार्टी से मोह भंग होने के बाद श्याम रजक 2009 में जेडीयू में शामिल हो गए थे। रजक 2010 में जेडीयू के कोटे से विधायक और फिर मंत्री बने थे, लेकिन जब रजक 2015 में महागठबंधन से विधायक बने तो उनको नीतीश सरकार में मंत्री नहीं बनाया गया था।
बिहार में सियासी उठापटक की संभावना
विधानसभा चुनाव के दिन जैसे-जैसे नजदीक आ रहे हैं, राज्य में सियासी उठापटक की संभावना बन रही है। एनडीए की सहयोगी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) ने भी शुक्रवार को नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार से अपना समर्थन वापस लेने के संकेत दिए हैं। लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान ने शुक्रवार देर रात पूर्व सांसद और जन अधिकार पार्टी के अध्यक्ष पप्पू यादव से मुलाकात की और दोनों के बीच चार घंटे तक बातचीत हुई।
पासवान और पप्पू के बीच बिहार में थर्ड फ्रंट बनाने को लेकर चर्चा
माना जा रहा है कि पासवान और पप्पू के बीच बिहार में थर्ड फ्रंट बनाने को लेकर चर्चा हुई है। हालांकि, अगर दोनों ही नेता थर्ड फ्रंट को लेकर सहमत होते हैं, तो बिहार में सपा, बसपा समेत कई छोटे दलों को लेकर गठबंधन होने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर ऐसा होता है, तो बिहार की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।