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Bihar Police : एक बाम से काम तमाम; पटना के राजपथ पर फिल्मी सीन दिखा तीन अपराधी फरार
Thu, 15 Jun 2023 03:55 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Thu, 15 Jun 2023 03:55 PM IST
सार
बिहार पुलिस अब करे तो क्या? एक बाम से काम तमाम कर गए अपराधी। 22 से 26 साल के तीन आरोपियों ने तीन वर्दीधारियों की आंखों पर एक साथ बाम मला और भाग गए। इसके पहले राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर पुराने जमाने का पूरा फिल्मी सीन बना।
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एक बाम कई काम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार पुलिस अब करे तो क्या? एक बाम से काम तमाम कर गए अपराधी। 22 से 26 साल के तीन आरोपियों ने तीन वर्दीधारियों की आंखों पर एक साथ बाम मला और भाग गए। इसके पहले राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर पुराने जमाने का पूरा फिल्मी सीन बना। भाग रहे अपराधियों को रोकने वाले एक सिपाही की तो कलाई भी टूट गई। यह दुस्साहस किसी ग्रामीण क्षेत्र में नहीं, राजधानी पटना के अशोक राजपथ पर हुआ। घटनास्थल के एक तरफ पीरबहोर थाना है तो दूसरी तरफ गांधी मैदान थाना। बाकी गंगाजी।
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कहानी पूरी फिल्मी है, मगर सीन असली
पटना में अशोक राजपथ बेहद अहम सड़क है। इसपर कई थाने हैं। यहीं एएन कॉलेज के पास गुरुवार को पूरा फिल्मी सीन क्रिएट हुआ और तीन अपराधी फरार हो गए। एक ई-रिक्शा और दोपहिया में झंझट हुआ। बहस ठीक उसी समय हो रही थी, जब फुलवारीशरीफ से 43 कैदियों को लेकर बंदी वाहन यहां पहुंचा। कैदी बस से दो सिपाही उतरे और झंझट को सुलझाने लगे। इस दौरान तीन अपराधियों ने झटके से पॉकेट में रखा दर्द निवारक बाम निकाला और गेट खुलने पर वहां खड़े सिपाहियों की आंखों पर रगड़ दिया। सिपाही कुछ समझ पाते, इससे पहले आंखों में उठी लहर बचाने की कोशिश करनी पड़ी। तीनों अपराधी भागने लगे। भागने के क्रम में एक सिपाही ने रोकने के लिए जोर आजमाइश की तो उसका हाथ मरोड़ दिया। कलाई टेढ़ी हो गई। तीनों फरार हो गए।
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क्या कहती है पुलिस
घायल सिपाही ने कहा कि जब कैदी भागने लगे तब एक कैदी का मैंने पीछे से कॉलर पकड़ लिया। इतने में उसने मेरा हाथ मरोड़कर फरार हो गया। उसने झंडू बाम का डिब्बा दिखाते हुए कहा कि सर उनके पास यही दो झंडू बाम की डिब्बियां थी। घटना की सूचना मिलते ही घटनास्थल पर टाउन डीएसपी अशोक कुमार श्रीवास्तव पहुंचे और उन्होंने बताया कि फुलवारी जेल से व्यवहार न्यायालय के लिए 43 कैदियों को लेकर एक कैदी वाहन निकला था जिस पर पांच पुलिसकर्मी थे। तीन सशस्त्र थे और दो पदाधिकारी थे। जैसे ही कैदीभान बीएन कॉलेज के गेट के समीप पहुंचा, एक ई-रिक्शा और एक मोटरसाइकिल वाले में मारपीट की स्थिति बनी हुई थी। दोनों के बीच हो रही मारपीट को छुड़ाने के लिए दो पुलिसकर्मी वाहन से नीचे उतर गए। यह उनकी लापरवाही मानी जाएगी उनको नीचे नहीं उतारना चाहिए था। दोनों सुरक्षाकर्मियों के उतरने का फायदा उठा कर तीन कैदी जो कैदी भान में बैठे हुए थे, तीनों उन सुरक्षाकर्मियों की आंख में झुंदु बाम लगाकर गाड़ी से कूदकर फरार हो गए। उन्होंने कहा कि हलांकि गाड़ी से नीचे उतरे पुलिसकर्मी ने भागते हुए कैदियों में से एक को रोकने की कोशिश की लेकिन उस कैदी ने पुलिसकर्मी का हाथ मरोड़ दिया।
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लापरवाही की होगी जांच
डीएसपी अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस कर्मियों की लापरवाही से तीनों कैदी फरार हुए हैं। अशोक कुमार श्रीवास्तव ने यह भी कहा कि उन कैदियों के पास झंडू बाम कहां से आया इस बात की भी जांच की जाएगी। यह भी एक लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े हर चीज की जांच पड़ताल की जाएगी और जो इसमें दोषी पाए जायेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।