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Bihar Police : नए कानून से संगीन अपराध में पहली सजा; बिहार में 67वें दिन में किस केस में आया फैसला?
Fri, 06 Sep 2024 03:30 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Fri, 06 Sep 2024 03:30 PM IST
सार
Bihar : नये कानून के तहत त्वरित कार्रवाई करते हुए अनुसंधान और ट्रॉयल के बाद 50 दिनों के अंदर ही अभियुक्तों को सजा सुनाई जा सकी। इसके लिए एसपी सहित इस केस से जुड़े सभी कर्मियों को डीजीपी ने सम्मानित किया है।
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डीजीपी आलोक राज के साथ कुमार आशीष
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार
डीजीपी आलोक राज ने सारण के एसपी कुमार आशीष और उनकी टीम को सम्मानित किया है। उन्हें यह सम्मान नए आपराधिक कानून के अन्तर्गत त्वरित कार्रवाई करते हुए तिहरे हत्याकांड के अभियुक्तों को सजा दिलाने के लिए दिया गया है। तिहरे हत्याकांड के अभियुक्तों को नए कानून बी०एन०एस० के तहत आजीवन कारावास और 25-25 हजार अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। नए आपराधिक कानून के अन्तर्गत यह राज्य में गंभीर कांडो में पहली सजा है।
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एसपी सहित इनको भी किया गया सम्मानित
इस हत्याकांड के अनुसंधान और ट्रॉयल (विचारण) से जुड़े सभी व्यक्तियों के द्वारा सराहनीय कार्य किया गया है, जिस कारण इस तरह के जघन्य घटनाओं में त्वरित अनुसंधान एवं विचारण के परिणामस्वरूप 50 दिनों के अन्दर ही अभियुक्तों को सजा दिलायी जा सकी। इस कांड के त्वरित विचारण में सहयोग देने वाले पुलिस, फॉरेंसिक एवं अभियोजन टीम से जुड़े पदाधिकारियों को पुलिस महानिदेशक, बिहार के द्वारा प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। उन पदाधिकारियों में सारण एसपी डॉ. कुमार आशीष, सारण के व्यवहार न्यायालय में पदस्थापित लोक अभियोजक सुरेन्द्रनाथ सिंह, सारण में पदस्थापित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर-2 राजकुमार, पुलिस कार्यालय में पदस्थापित प्रभारी अभियोजन कोषांग राकेश कुमार सिंह, सारण जिले के रसुलपुर थाना में पदस्थापित अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक रविन्द्र कुमार और सारण में पदस्थापित फॉरेंसिक विशेषज्ञ रत्ना राभा शामिल हैं।
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सूबे में बेहतर होगी पुलिसिंग
डीजीपी आलोक राज ने टीम को सम्मानित करते हुए कहा कि नए अपराधिक कानून के लागू होने के पूर्व ही दो बार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया गया है। हमारे जितने भी अधिकारी हैं वह निरंतर इसपर अभियान चला रहे हैं। राज्य में अनुसंधान कर्ताओं की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। राज्य में 8000 अनुसंधान कर्ता हैं। इनकी संख्या बढ़ाई जाएगी ताकि केस का निष्पादन सही से हो सके। डीजीपी आलोक राज ने कहा कि बेहतर पुलिसिंग कैसे हो इस बात पर बल दिया जायेगा।
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ऐसे हुआ था ट्रिपल मर्डर
सारण में अपराधियों ने एक युवक और उसकी दो बेटियों की चाक़ू गोदकर हत्या कर दी थी। मृतकों में तारकेश्वर सिंह और उनकी दो बेटियां चांदनी कुमारी (15) और आभा कुमारी (13) थी। अपराधियों ने उनकी पत्नी शोभा देवी पर भी हमला किया था, लेकिन किसी तरह वह भागने में सफल हो गई थी। सारण पुलिस ने शोभा देवी के बयान पर रसूलपुर थाना क्षेत्र के हरिजन टोला निवासी संतोष कुमार राम के पुत्र सुधांशु कुमार उर्फ रौशन (22) और सुनील राम के पुत्र अंकित कुमार (25) को सारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरफ्तार कर लिया। पुलिसिया पूछताछ में दोनों अभियुक्तों ने इस घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी।
इस वजह से हुई थी हत्या
पुलिस के पूछताछ में यह बात सामने आई थी कि सुधांशु कुमार उर्फ़ रोशन और चांदनी कुमारी के बीच काफी दिन से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। लेकिन कुछ दिनों से लड़की ने बातचीत करनी बंदकर दी थी। तब गुस्से में सुधांशु कुमार उर्फ रौशन उसके घर पर जाकर धमकी दिया। और फिर उसने अपनी कथित प्रेमिका, उसकी बहन और उसके पिता की हत्या कर दी।