Metro Accident: अप्रैल में सात मौतों पर पटना मेट्रो ने जताई थी सुरक्षा की प्रतिबद्धता, अब अपने ही तीन की मौत
Patna Metro Accident News:पटना मेट्रो के किसी निर्माणाधीन स्थल पर यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। मौत पहले भी हो चुकी है, लेकिन टनल में काम के दौरान तकनीकी खामी के कारण इस तरह का हादसा पहले नहीं हुआ था।
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पटना मेट्रो रेल प्रोजेक्ट ने अशोक राजपथ पर अपने दो कर्मियों की हादसे में मौत पर शोक जताया है। मेट्रो ने लोको के ब्रेक होने की घटना की उच्च स्तरीय जांच कराने की बात की है। हालांकि इस घटना के बाद लोक मेट्रो में काम रहे कर्मियों की सुरक्षा पर सवाल उठाने लगे हैं। उनका कहना है कि 16 अप्रैल को पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के रामलखन पथ पर सड़क हादसे में ऑटो में सवार सात लोगों की मौत हो गई थी। उस वक्त पटना मेट्रो ने सभी मृतकों की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराने की बात कही थी। अगर पटना मेट्रो सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग रहती तो शायद सोमवार की मध्य रात्रि बड़ा हादसा टल सकता था।
इधर, इस भीषण हादसे के बाद नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि में दो लोगों की मौत और चार लोगों के घायल होने की जानकारी मिली है। उनका इलाज चल रहा है। पटना के जिलाधिकारी और मेट्रो प्रशासन को जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोनों मजदूरों की मौत पर दुख है। विभाग और कंपनी की तरफ से जो मदद दी जाती है वह उन्हें दिया जाएगा।
टनल में 25 अधिक लोग काम कर रहे थे
मजदूरों ने बताया कि हादसे के वक्त टनल में 25 से अधिक लोग काम कर रहे थे। काम कर रहे मजदूरों ने कहा कि अचानक लोको का ब्रेक फेल हुआ और जिसके कारण घटना हुई। मरने वालों में हेल्पर मनोज, विजय और श्यामबाबू तीनों मजदूर उड़ीसा के रहने वाले हैं। मरनेवालों में एक लोको पायलट जबकि दूसरा टीबीएम ऑपरेटर है।
यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है
पटना मेट्रो के किसी निर्माणाधीन स्थल पर यह अब तक का सबसे बड़ा हादसा है। मौत पहले भी हो चुकी है, लेकिन टनल में काम के दौरान तकनीकी खामी के कारण इस तरह का हादसा पहले नहीं हुआ था। मजदूर समेत लोको पायलट रात आठ बजे से सुबह आठ बजे की शिफ्ट में रोज की तरह काम कर रहे थे। इसी दौरान सामान ले जाने के लिए इस्तेमाल होने वाले लोको का ब्रेक फेल हो गया। अनियंत्रित हुआ हाइड्रोलिक लोको एक जगह पर जाकर रुका तो मजदूरों में अफरातफरी मच गई। देखते ही देखते दो कर्मियों की मौत हो गई।
लोकोमोटिव मशीन में तकनीकी खराबी
पटना मेट्रो प्रशासन के अनुसार, यूनिवर्सिटी अंडर ग्राउंड मेट्रो स्टेशन के टनल-1 में लोकोमोटिव मशीन में तकनीकी खराबी के कारण एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना में आठ कर्मचारी घायल हो गए हैं। घटना में दो लोगों की मृत्यु हो गई और एक की हालत गंभीर बनी हुई है जिसका इलाज मेडिवर्सल अस्पताल में चल रहा है। अन्य 5 घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। यह घटना सोमवार रात करीब 10 बजे हुई थी। इस दुर्घटना में मृतकों का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उनके के शवों को उनके निवास स्थान पर भेजने की व्यवस्था कर दी गई है। डीएमआरसी मृतकों को अनुग्रह राशि के आधार पर मुआवजा देने के लिए आवश्यक कार्रवाई कर रही है। इसके अलावा श्रम विभाग द्वारा तय किए गए मुआवजे का भुगतान भी ठेकेदार मेसर्स एल एंड टी द्वारा किया जाएगा। इस घटना की विस्तृत जांच डीएमआरसी मुख्यालय की टीम करेगी।
मरने वालों में यह शामिल थे
1. मनोज बेहरा, उम्र-27 वर्ष, टनल हेल्पर
2. बिजय कुमार बेहरा, उम्र- 36 वर्ष, लोको ऑपरेटर