{"_id":"64a51f59ee3672453a0a5a16","slug":"bihar-news-tejashwi-yadav-controversial-minister-chandrashekh-letter-against-nitish-kumar-ias-kk-pathak-2023-07-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : मंत्री ने IAS को दी शिक्षा; नायक मूवी का हीरो या रॉबिनहुड न बनें अफसर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : मंत्री ने IAS को दी शिक्षा; नायक मूवी का हीरो या रॉबिनहुड न बनें अफसर
Wed, 05 Jul 2023 01:14 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Wed, 05 Jul 2023 01:14 PM IST
सार
Bihar : विदेश गए डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर चार्जशीट से बिहार की नीतीश सरकार परेशान है। इस बीच राजद कोटे के शिक्षा मंत्री ने मातहत IAS अफसर को गजब की शिक्षा दी है।
विज्ञापन
चर्चा में है शिक्षा विभाग।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विदेश गए उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ चार्जशीट के बाद बदले माहौल से राज्य की नीतीश कुमार सरकार सहज नहीं है। उसे और असहज कर दिया है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विश्वसनीय IAS अधिकारी केके पाठक और तेजस्वी यादव के चर्चित शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने। शिक्षा मंत्री ने 22 दिन पहले अपने विभाग में बतौर अपर मुख्य सचिव ट्रांसफर होकर आए सीनियर IAS केके पाठक को कई लाइनों में सीख दी है। इसमें एक लाइन यह भी साफ है- "ध्यान रखें कि विभाग के अफसर नायक मूवी का हीरो या रॉबिनहुड वाली छवि बनान का प्रयास न करें।"
राम और रामचरितमानस के खिलाफ बोलकर चर्चित हुए शिक्षा मंत्री ने आईएएस केके पाठक के आने के बाद विभाग में गालीबाज शब्दावली प्रचलित होने का जिक्र करते हुए उन्हें पीत पत्र के अंत में ही निर्देश दिया है कि आगे उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने विशेष तौर पर मीडिया के दुरुपयोग से बचने का निर्देश देते हुए कई बातें साफ तौर पर कही हैं।
शिक्षा मंत्री की ओर से अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में उन न्यूज चैनलों पर भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है, जो विभाग से संबंधित खबरों को सनसनीखेज, नाटकीय, उत्तेजक, कोलाहलमय, खलबली मचाने वाला, विस्मयकारी, आश्चर्यजनक, अलंकारिक बनाकर पेश करते हैं। ऐसी खबरों को फैलाने वाले अफसरों को चिह्नित कर उनपर भी कार्रवाई करने का भी निर्देश है। साथ ही, इसके लिए सरकारी जांच एजेंसी की मदद लेने भी कहा गया है।
श्रेय लोकसेवक नहीं, राजनीतिक व्यक्ति को मिले
शिक्षा मंत्री की ओर से भेजे पत्र में सरकार की योजनाओं का जिक्र भी किया गया है, लेकिन साथ ही लिख दिया गया है कि विकास का श्रेय लोकसेवन नहीं, राजनीतिक व्यक्ति को मिलता है। उसे ही मिले। लिखा है- “आपसे (अपर मुख्य सचिव) अपेक्षा है कि शिक्षा के विकास की योजनाओं और सरकारी प्रयासों की सकारात्मक खबरें मीडिया में सम्प्रेषित करने पर ध्यान केन्द्रित करें। भवदीय अवगत होंगे कि लोक प्रशासन अनामता के सिद्धांत का पालन करता है तथा राजनीतिक व्यक्तियों को इसके कार्यों का श्रेय जाता है। मंत्री ही उन कार्यों का श्रेय जाता है, जो काम उसके अंतर्गत काम कर रहे लोक सेवक करते हैं। स्पष्ट है कि लोकसेवक को तटस्थता, निष्पक्षता और अनामता के सिद्धान्त का पालन करना चाहिए। कोई भी लोक सेवक स्वयं से संबंधित खबर को न्यूज में कभी नहीं फैलाता है।"
विज्ञापन
राम और रामचरितमानस के खिलाफ बोलकर चर्चित हुए शिक्षा मंत्री ने आईएएस केके पाठक के आने के बाद विभाग में गालीबाज शब्दावली प्रचलित होने का जिक्र करते हुए उन्हें पीत पत्र के अंत में ही निर्देश दिया है कि आगे उन्हें क्या करना है और क्या नहीं। उन्होंने विशेष तौर पर मीडिया के दुरुपयोग से बचने का निर्देश देते हुए कई बातें साफ तौर पर कही हैं।
विज्ञापन
- विभाग से संबंधित खबरों को मीडिया में रखने के लिए IPRD द्वारा निर्धारित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन किया जाए। अगर अपर मुख्य सचिव जरूरी समझते हों तो किसी जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारी को जन सम्पर्क पदाधिकारी नामित करें। ऐसे अधिकारी विभाग के सभी निदेशालय / कोषांग से समन्वय कर सकारात्मक खबरों को प्रकाशनार्थ भेज सकेंगे। मीडिया में जारी विभागीय प्रेस विज्ञप्ति की कॉपी मंत्री कोषांग में भी उपलब्ध कराई जाए।
- सभी विभागीय अधिकारी को अपने स्तर से निर्देश दें कि वे बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के प्रावधानों के तहत कोई भी विभागीय खबर लीक करने अथवा कोई विभागीय पत्र का प्रतिरूप सार्वजनिक करने पर दंड के भागी बन सकते हैं।
- कोई भी लोक सेवक अपनी छवि को चमकाने, व्यक्तिगत अहंवाद की पूर्ति, निजी स्वार्थ की पूर्ति, राजनैतिक नेतृत्व की नजर में स्थान बनाने, रॉबिनहुड की छवि बनाने अथवा नायक चलचित्र के अभिनेता जैसी छवि गढ़ने के लिए विभाग के संसाधनों तथा सरकार का सहारा न ले। कोई ऐसा करता पाया जाए तो उनके विरूद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव दिया जाए।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री की ओर से अपर मुख्य सचिव को भेजे पत्र में उन न्यूज चैनलों पर भी कार्रवाई के लिए लिखा गया है, जो विभाग से संबंधित खबरों को सनसनीखेज, नाटकीय, उत्तेजक, कोलाहलमय, खलबली मचाने वाला, विस्मयकारी, आश्चर्यजनक, अलंकारिक बनाकर पेश करते हैं। ऐसी खबरों को फैलाने वाले अफसरों को चिह्नित कर उनपर भी कार्रवाई करने का भी निर्देश है। साथ ही, इसके लिए सरकारी जांच एजेंसी की मदद लेने भी कहा गया है।
श्रेय लोकसेवक नहीं, राजनीतिक व्यक्ति को मिले
शिक्षा मंत्री की ओर से भेजे पत्र में सरकार की योजनाओं का जिक्र भी किया गया है, लेकिन साथ ही लिख दिया गया है कि विकास का श्रेय लोकसेवन नहीं, राजनीतिक व्यक्ति को मिलता है। उसे ही मिले। लिखा है- “आपसे (अपर मुख्य सचिव) अपेक्षा है कि शिक्षा के विकास की योजनाओं और सरकारी प्रयासों की सकारात्मक खबरें मीडिया में सम्प्रेषित करने पर ध्यान केन्द्रित करें। भवदीय अवगत होंगे कि लोक प्रशासन अनामता के सिद्धांत का पालन करता है तथा राजनीतिक व्यक्तियों को इसके कार्यों का श्रेय जाता है। मंत्री ही उन कार्यों का श्रेय जाता है, जो काम उसके अंतर्गत काम कर रहे लोक सेवक करते हैं। स्पष्ट है कि लोकसेवक को तटस्थता, निष्पक्षता और अनामता के सिद्धान्त का पालन करना चाहिए। कोई भी लोक सेवक स्वयं से संबंधित खबर को न्यूज में कभी नहीं फैलाता है।"