Bihar News : किससे बदला लेने की फिराक में था सुशील मोची ? कुख्यात बाबर आजम को पुलिस ने मार गिराया था
Bihar : सुशील मोची पर 2 लाख का इनाम रखा गया था, जिसमें पूर्णिया में एक लाख और कटिहार एवं किशनगंज में 50-50 हजार का इनाम शामिल था। वह पुलिस से अपने साथी कुख्यात अपराधी बाबर आजम की हत्या का बदला लेने की फिराक में था।
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पूर्णिया में पुलिस ने तीन महीने के अंदर दूसरा बड़ा एनकाउंटर किया है। पुलिस ने तीन महीने के अंदर ही कुख्यात डकैत सुशील मोची को मारगिराया। वह अपने सहयोगी की मौत का बदला लेने के लिए निकला था, लेकिन खुद ही मुठभेड़ में मारा गया। सुशील मोची पर दो लाख का इनाम रखा गया था, जिसमें पूर्णिया में एक लाख और कटिहार एवं किशनगंज में 50-50 हजार का इनाम शामिल था। सुशील मोची पूर्णिया के अनगढ थाना क्षेत्र का रहने वाला था। उसने 2011 में डकैती की डकैती की वारदात के साथ अपराध की दुनिया में पैर रखा था। उसने 13 साल के अंदर सीमांचल ही नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल और झारखंड में भी अपना गैंग बना लिया था। पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 26 से अधिक मामले दर्ज थे। सुशील मोची सोना किशनगंज के चर्चित लूटकांड का मुख्य आरोपी था। वह काफी वक्त से कटिहार जेल में बंद था। हाल में ही वह जेल से रिहा हुआ था। और उसके बाद दुबारा अपराधिक घटनाओं में फिर सक्रिय हो गया था।
पुलिस को सुशील मोची उर्फ सुशील राम की मिली थी जानकारी
इस बात की जानकारी देते हुए एसपी कार्तिकेय शर्मा ने बताया कि रात्रि में बायसी थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि अनगढ़ थाना क्षेत्र कलठिया निवासी कुख्यात फरार और वॉछित इनामी अपराधी सुशील मोची उर्फ सुशील राम अपने गिरोह के सदस्यों के साथ किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए बासयी थाना क्षेत्र में आने वाला है। उन्होंने इस बात की जानकारी वरीय पदाधिकारियों को दी। जानकारी मिलते ही एसपी कार्तिकेय शर्मा ने एक टीम का गठन किया, जिसमें थानाध्यक्ष, बायसी और डगरूआ और विशेष कार्य बल, पूर्णिया की टीम को शामिल करते हुए उन्हें बायसी थाना पर पहुंचने का निर्देश दिया। इसके बाद पुलिस अधीक्षक सहित टीम के सभी सदस्य बायसी थाना पहुंचे।
पुलिसबल को देखते ही करने लगे फायरिंग
पुलिस को 04 जनवरी के तड़के सुबह सूचना मिली कि सुशील मोची अपने गिरोह के सदस्यों के साथ ताराबाड़ी इलाके में एवं कनकई नदी के किनारे आसपास के क्षेत्र में घुम रहा है और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में है। पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा पूर्णिया के नेतृत्व में पुलिस टीम कनकई नदी के किनारे पहुंची। पुलिस वाहन को देखते हुए सुशील मोची और उसके गिरोह के सदस्य पुलिस टीम पर गोलीबारी करने लगे। पुलिस की ओर से सुशील मोची और उसके साथ 5-6 की संख्या में मौजूद अपराधियों को आत्मसमर्पण करने के लिए बार-बार कहा गया, लेकिन अपराधी लगातार पुलिस पर गोलीबारी करते रहे। तब पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की, जिसमें अपराधी सुशील मोची उर्फ सुशील राम मारा गया। उसके साथ घटना के वक्त मौजूद 5-6 अपराधी फरार हो गये। अपराधियों की ओर से 12-14 चक्र गोलियाँ और पुलिस की ओर से आत्मरक्षार्थ 10 चक्र गोलियों चलाई गई, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी जख्मी हो गये। फिलहाल उनका इलाज कराया जा रहा है। अपराधियों ने कुछ सरकारी वाहनों को भी नुकसान पहुंचाया है।
पकड़े जाने पर गोली मारकर हो गया था फरार
इस संबंध में पूर्णिया एसपी ने बताया कि डकैत सुशील मोची और उसके गिरोह के सदस्य विगत वर्ष जून महीने में ताराबाड़ी गांव में एक डकैती की घटना को अंजाम दिया था। ग्रामीणों ने इस घटना के दौरान सुशील मोची को पकड़ लिया था, लेकिन उसने एक व्यक्ति को गोली मारकर फरार हो गया था।