Congress Party: पप्पू यादव ने न तो जाप का विलय कराया, न कांग्रेस के सदस्य बने; पार्टी बोली- पर्ची है तो दिखाएं
Pappu Yadav : पूर्णिया से चुनाव लड़ने के लिए दिल्ली जाकर कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने की पूर्व सांसद पप्पू यादव के फोटो-वीडियो जारी किए गए थे, कांग्रेस ने ही उसे गलत बता दिया है। पप्पू यादव की पार्टी का विलय भी नहीं होने की बात कही जा रही।
विस्तार
"पप्पू यादव ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण नहीं की। उनकी जन अधिकार पार्टी का कांग्रेस में विलय नहीं हुआ है।"- यह कांग्रेस ने अब औपचारिक रूप से घोषित कर दिया है। इसी साल 20 मार्च को दिल्ली जाकर पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। कांग्रेस के सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी इसका फोटो-वीडियो सामने आया था। लेकिन, अब कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पटना में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान साफ किया कि पप्पू यादव के कांग्रेस में शामिल होने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। उनसे जब पूछा गया कि दिल्ली की वह तस्वीरें क्या थीं तो उन्होंने उलटा सवाल किया- "कांग्रेस मुख्यालय में बहुत सारे लोग नाश्ता करने भी आते हैं, मीडिया के लोग भी आते हैं तो क्या सभी कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने ही आते हैं?" उन्होंने कहा कि अगर उनके कांग्रेस ज्वाइन करने की कोई पर्ची है तो दिखा दें।
शब्दों से समझें कि कहां के रहे पप्पू यादव
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रवक्ता आलोक शर्मा बुधवार को पटना में मीडिया से कई मुद्दों पर बात कर रहे थे। इसी क्रम में पूर्णिया से निर्दलीय उतरे प्रत्याशी पप्पू यादव को लेकर सवाल पूछा गया तो उन्होंने खरे शब्दों में बता दिया कि कांग्रेस सदस्यता की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। पहले पढ़ें सवाल-जवाब शब्दश:
मीडिया- पप्पू यादव ने अपनी पार्टी को कांग्रेस में विलय कराया था। उसके बाद भी उनकी बात नहीं मानी गई। क्यों?
आलोक शर्मा- नहीं मर्ज नहीं किया गया था। जहां तक मेरी जानकारी है, उन्होंने सदस्यता भी नहीं ली थी। उन्हें पटना में आकर मेंबरशिप लेनी थी, लेकिन उन्होंने नहीं ली। अगर आपके पास मेंबरशिप की पर्ची होगी तो आप हमें जरूर दीजिएगा।
मीडिया- तो पप्पू यादव कांग्रेस मुख्यालय में नाश्ता करने के लिए गए थे क्या?
आलोक शर्मा- कुछ लोग नाश्ता करने के लिए भी चले जाते हैं। पत्रकार भी बहुत आते हैं। तो, क्या यह सब कांग्रेस ज्वाइन कर लेते हैं?
मीडिया- प्रेस कांफ्रेंस भी हुआ था इसका।
आलोक शर्मा- प्रेस कॉन्फ्रेंस तो बहुत लोग करते हैं एक साथ। पूर्ण प्रक्रिया नहीं हो पाई थी। अब उनके मन में क्या है, नहीं है... यह तो पप्पूजी ज्यादा बेहतर बता सकते हैं।
राहुल दुनिया के सबसे संघर्षशील व्यक्ति, खरगे वीर कुंवर सिंह जैसे- पप्पू
पप्पू यादव लंबे समय से अपनी पार्टी लेकर चल रहे थे। उन्हें बड़े बैनर की तलाश थी। दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय जाने के पहले उन्होंने रात में राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से मुलाकात की थी। तब उन्होंने लालू को अभिभावक बताया। अगले दिन पटना एयरपोर्ट पर उन्होंने विलय का सवाल टाल दिया, लेकिन फिर दिल्ली में कांग्रेस मुख्यालय जाकर पार्टी के विलय की औपचारिक घोषणा करते हुए कांग्रेस का पट्टा ओढ़ा। कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा, कांग्रेस के बिहार प्रभारी मोहन प्रकाश जैसे दिग्गजों की मौजूदगी में यह विलय-सह-सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम हुआ। पप्पू यादव अपने बेटे के साथ थे। जब दोनों की सदस्यता की घोषणा हुई तो पप्पू समर्थकों ने जिंदाबाद के नारे लगाए, जिसपर उन्हें बताया गया कि अब वह कांग्रेसी हैं और यहां ऐसा नहीं चलता है। इस दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की तारीफ करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें मैं देखता हूं तो मुझे बाबू वीर कुंवर सिंह और शेरशाह सूरी याद आते हैं। राहुल गांधी की तारीफ करते हुए पप्पू यादव ने कहा कि वह इस दुनिया के सबसे संघर्षशील व्यक्ति हैं।
क्या है पप्पू यादव प्रकरण, समझें
दरअसल, मामला कांग्रेस और राजद के बीच फंस गया था। कांग्रेस में कुछ लोग पप्पू यादव की एंट्री से नाराज थे। उसी नाराजगी के बीच राजद ने पप्पू यादव की चाहत वाली पूर्णिया सीट के लिए नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाईटेड को छोड़ लालू प्रसाद यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल में आईं बीमा भारती के नाम पर तेजस्वी यादव मुहर लगा चुके थे। राजद ने बीमा भारती को पूर्णिया सीट के लिए पार्टी का सिंबल जारी कर दिया और पप्पू यादव कांग्रेस से उम्मीद लगाए ही बैठे रह गए। जब कुछ नहीं रास्ता दिखा तो उन्होंने पूर्णिया से निर्दलीय नामांकन दाखिल कर दिया। यह भी कहा कि वह जीत जाएंगे तो राहुल गांधी का हाथ मजबूत करेंगे। लोकसभा चुनाव के दूसरे चरण में 26 अप्रैल को यहां मतदान हो भी गया। न तो कांग्रेस की ओर से किसी दिग्गज ने पूर्णिया में बीमा भारती के लिए सभा की और न पप्पू यादव को कांग्रेस ने अपना माना। पप्पू यादव को हराने के लिए तेजस्वी यादव इस हद तक चले गए कि वोटरों से अपील कर दी कि या तो वह बीमा भारती को वोट करें या फिर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशी को मतदान कर दें। पप्पू यादव के साथ राजद की यह लड़ाई मतदान के बाद ठंडी होती, इससे पहले कांग्रेस प्रवक्ता आलोक शर्मा ने पटना में सबकुछ साफ कर दिया। कुल मिलाकर अब यह है कि पप्पू यादव जीतते हैं तो कांग्रेस में जाने का रास्ता देख सकते हैं और हारते हैं तो अपनी पार्टी के नाम के साथ वापस राजनीति में जमे रहेंगे।