Bihar News : पटना में आशा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, तेजस्वी यादव के विभाग में नियमितीकरण की मांग
Patna News : महासचिव कौशलेंद्र शर्मा ने बिहार सरकार से मांग की है कि सहमति के संदर्भ में स्वीकृति मासिक परितोशिक शब्द को बदलकर मानदेय किया जाय तथा इसका बकाया सहित अद्यतन भुगतान किया जाए। आशाओं को देय राशि के भुगतान में स्थानीय स्तरों पर व्याप्त कमीशनखोरी-भ्रष्टाचार भेदभाव पर सख्ती से रोक लगाई जाय।
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डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री तेजस्वी यादव के विभाग में नियमितीकरण की मांग को लेकर नियोजित आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर प्रदर्शन किया। इन्हें वाम दलों ने अपना समर्थन दिया। आशा कार्यकर्ताओं ने पटना की सड़कों पर जमकर प्रदर्शन किया। इनका कहना है कि कई साल से ये लोग नियोजित कर्मी के रूप में सेवा दे रही हैं। बिहार सरकार हमें राज्यकर्मी का दर्जा प्रदान करे। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा निकाले गए इस मार्च की शुरुआत वामदल के कार्यालय से हुई। इसके बाद डाक बंगला चौराहा तक मार्च निकाला गया। विधि व्यवस्था बनी रहे इसके लिए पटना पुलिस जगह-जगह तैनात दिखी।
संघ के महासचिव बोले- आशा की छंटनी को रोका जाए
मार्च के दौरान कुछ देर तक आवागमन बाधित हुआ। लेकिन, बाद में सब सामान्य हो गया। इधर, मार्च का नेतृत्व कर रहे संघ के महासचिव कौशलेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री हमारी मांगों पर विचार नहीं करते हैं तो 11 अगस्त यानी कल से हम लोग आमरण अनशन पर बैठेंगे। जब तक मांग पूरा नहीं हो जाता तब तक संघर्ष जारी रहेगा। हमलोगों की मांग है कि सभी आशा और आशा फैसिलिटेटर का सेवानिवृत्ति 60 वर्ष से 65 वर्ष किया जाय। फैसिलिटेरों को पोशाक (उनी कोट सहित) और आशाओं को की आपूर्ति की जाय। हटाए गए आशा को बहाल किया जाए। जैसे फैसिलिटेटर को सेवा पुनः जहानाबाद के मखदुमपुर प्रखंड में आशा को पुनः सेवा बहाल किया जाए। कागजात जांच के नाम पड़ जो आशा की छंटनी की जा रही है उसको रोका जाए एवं कार्य में पुनः बहाल किया जाए।
परितोषिक शब्द को बदलकर मानदेय किया जाय
संघ के महासचिव कौशलेंद्र शर्मा ने बिहार सरकार से मांग की है कि सहमति के संदर्भ में स्वीकृति मासिक परितोशिक शब्द को बदलकर मानदेय किया जाय तथा इसका बकाया सहित अद्यतन भुगतान किया जाए। आशाओं को देय राशि के भुगतान में स्थानीय स्तरों पर व्याप्त कमीशनखोरी-भ्रष्टाचार भेदभाव पर सख्ती से रोक लगाई जाय। स्वास्थ्य केंद्रो में भी निर्मित आशा भवनों को आशाओं को उपलब्ध कराया जाय और शेष बचे स्वास्थ्य केन्द्रो में भी आशा भवनों का अविलम्ब निर्माण किया जए। अश्विन पोर्टल से भुगतान में तय राशि सीमा को समाप्त किया जाए और पूरी अर्जित राशि के भुगतान की व्यवस्था किया जाय। अश्विन पोर्टल से ऑन लाईन करने में आशा से पैसा लेकर किया जाता है, इसपर रोक लगाया जाय। फैसिलिटेरो को सिर्फ मांसिक यात्रा भत्ता नही बल्कि परे माह का मानदेय भुगतान किया जाए। फैसिलिटेरो -आशाओं की स्कूटी की आपूर्ति की जाय।